आज सुबह जब लोगों की नींद खुली तो पता चला कि Nana Patekar अब इस दुनिया में नहीं रहे. कोई भी इस खबर के लिए तैयार नहीं था. मगर नाना ने इस दिन की तैयारी बरसों पहले कर ली थी. मौत से कुछ साल पहले उन्होंने बताया था कि अपने अंतिम संस्कार के लिए उन्होंने 12 मन सूखी लकड़ी जमा कर रखी है. उनकी अंतिम इच्छा यही थी कि लोग उनके शरीर को गीली लकड़ी से न जलाएं. क्योंकि उससे उठता धुआं लोगों की आंखों में आंसू ला सकता है.
"12 मन लकड़ी लगने वाली है. मैंने अपनी लकड़ी जमा करके रखी है"- नाना ने मौत की तैयारी पहले ही कर ली थी!
नाना पाटेकर ने कहा था कि वो मौत के बाद अपनी मां से मिलने जाएंगे.

2023 में नाना पाटेकर ने 'द वैक्सीन वॉर' फिल्म में काम किया था. फिल्म के प्रमोशन के दौरान वो लगातार इंटरव्यूज़ दे रहे थे. इस दौरान एक चैनल से हुई बातचीत में उन्होंने मौत के डर पर बेबाकी से बात करते हुए कहा,
"हमको मालूम है कि कल जाना है. हमको 12 मन लकड़ी लगने वाली है. उतनी ही लगनी है. यही मेरी अंतिम प्रॉपर्टी है. मैंने अपनी लकड़ी जमा करके रखी है. वो रखी है और सूखी है. उसी में मुझे जलाना. गीली लकड़ी मत इस्तेमाल करना. धुआं आएगा. दोस्त लोग, अगल-बगल के बाकी लोग जमा होंगे. उनकी आंख में जाएगा तो पानी आएगा. मरते वक्त गलतफ़हमी होगी कि वो मेरे लिए रो रहे हैं. कम-से-कम मरते वक्त गलतफ़हमी नहीं होनी चाहिए. मैं इसी तरह जीता हूं. मुझे लगता है यही सच्चाई है. आप मर जाओगे तो आपको कोई याद नहीं करेगा. 2-4 दिन के बाद सब भूल जाएंगे. हमने तो ये भी बोल दिया है कि मेरी तस्वीर भी मत लगाओ. पूरी तरह भूल जाओ."
ये कोई पहला मौका नहीं था जब नाना अपनी मौत पर बात की हो. 2015 में 'वेलकम बैक' के प्रमोशन के दौरान उन्होंने बॉम्बे टाइम्स को दिए इंटरव्यू में कहा था,
"कहीं-न-कहीं अब मैं मौत को लेकर थोड़ा ज़्यादा सोचने लगा हूं. जब मैं लोगों को जश्न मनाते देखता हूं, तो मेरे मन में आता है कि ये कैसी खुशी है? क्या ये हमेशा चलता रहेगा? शुरू से ही मुझे मौत का डर नहीं रहा. मेरे सामने कुछ भी हो, मैं उससे भिड़ने से नहीं डरता. अगर कोई गलत है, तो मैं उसके पास जाकर उसे पकड़ लूंगा. चाहे उसके हाथ में बंदूक हो या कुछ और. मैं इसके नतीजों की चिंता नहीं करता."
2023 वाले इंटरव्यू में नाना ने बताया था कि वो आज भी अपनी मां को मिस करते हैं. उन्होंने कहा,
"मुझे आज भी लगता है कि मेरी मां अभी जिंदा है. मौत का मतलब है कि यहां से निकलने के बाद मैं उनसे मिलने जाऊंगा. हम 7 भाई-बहन थे. वो 6 गुज़र गए और मैं अकेला रह गया. इसलिए मुझे लगता है कि मां, बाप, भाई, बहन कोई नहीं रहा, तो मैं भी इस दुनिया का नहीं रहा. मेरे तो सभी वहीं हैं, तो मैं हमेशा वहीं की सोचता हूं."

आज यानी 08 अक्टूबर को सुबह के पहले पहर में नाना को अपने गोवा वाले घर में कार्डियक अरेस्ट हुआ. ऐसे में उन्हें हॉस्पिटल ले जाया गया. वहां आने तक उनकी हालत काफी बिगड़ चुकी थी. फिर भी डॉक्टर्स ने लगातार 45 मिनट तक उन्हें CPR दिया. बावजूद इसके, उनकी जान बचाई नहीं जा सकी. सुबह करीब 05:30 बजे डॉक्टर्स ने नाना पाटेकर को मृत घोषित कर दिया. मौत के वक्त वो 75 साल के थे.
वीडियो: नाना पाटेकर की फिल्म प्रहार, जिसके लिए उन्होंने आर्मी ट्रेनिंग ली और कार्गिल वार में लड़े












