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"फीडबैक लेने की एनर्जी नहीं..." - 'रामायण' के गानों पर विवाद हुआ तो क्या बोले एआर रहमान?

'रामायण' के 'मंगल रंग' गाने पर 'कुन फाया कुन' और 'एन्ना सोला पोगिराई' की नकल का आरोप लगा है. तीनों गाने एआर रहमान ने कम्पोज़ किए हैं.

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'रामायण' का म्यूजिक एआर रहमान और हान्स ज़िमर ने तैयार किया है.

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  • AR Rahman ने रामायण के गानों, विशेष रूप से 'मंगल रंग' के लिए आलोचनाओं के बीच प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्होंने गाने की रचनात्मक प्रक्रिया में पूर्ण मेहनत की है और फीडबैक देखने की ऊर्जा नहीं बची।
  • आलोचना इस बात से उत्पन्न हुई कि रहमान के गानों की धुनें उनकी पिछली रचनाओं से मिलती-जुलती हैं, जिसमें 'कुन फाया कुन' की सूफी शैली और दक्षिण भारतीय फिल्मों के पुराने गाने शामिल हैं।
  • इस विवाद के बाद रहमान ने अपने काम की ईमानदारी पर जोर दिया और रामायण के गानों को पांच भाषाओं में प्रस्तुत कर भारत एवं विश्व स्तर पर सेलिब्रेशन का हिस्सा बनाने का लक्ष्य प्रकट किया।

ऑस्कर विनिंग म्यूजिक कंपोज़र AR Rahman एक बार फिर विवादों में हैं. Ramayana के गाने, खासकर Mangal Rang के लिए उनकी काफी आलोचना हो रही. लोगों का कहना है कि उन्होंने इसे Kun Faya Kun की तरह सूफ़ी रंग दे दिया. इससे पहले आए गानों को भी लोगों से मिक्स्ड रिस्पॉन्स ही मिला था. रहमान ने अब इस पूरे मसले पर रिएक्ट किया है. उन्होंने कहा कि गाना बनाते हुए इतनी मेहनत लगती है कि उनके पास लोगों के फीडबैक देखने की एनर्जी भी नहीं बची.

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हिंदुस्तान टाइम्स से हुई बातचीत में रहमान कहते हैं,

"हम इतना काम करते हैं. चीजों को छांटते हैं. नए आइडिया पर सोचते हैं और बार-बार उनमें बदलाव करते हैं कि लोगों के फीडबैक को देखने की भी एनर्जी नहीं बचती. हम बस उसे सामने रख देते हैं क्योंकि उसे पहले ही बहुत बार परखा जा चुका होता है. मेरा बेटा मुझे बताता रहता है कि कल तक लोग ये कह रहे थे और अब माफी मांग रहे हैं. मैं कहता हूं कि ठीक है. मैंने अपना काम ईमानदारी से किया है और उम्मीद करता हूं कि लोग इसे पसंद करेंगे.”

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रहमान आगे कहते हैं,

"करियर के पहले 10 साल पूरे होने के बाद लोगों ने कहा- ‘तुम्हें वही करना चाहिए, जो तुमने उन शुरुआती 10 सालों में किया था'. लेकिन मैं रॉकस्टार या स्लमडॉग मिलियनेयर जैसी पुरानी कामयाबियों के सहारे नहीं रह सकता. आप खुद को एक ही जगह पर नहीं रोक सकते. आपको एक बहती हुई नदी की तरह बनना चाहिए. अब रामायण आई है और इसके गाने पांच अलग-अलग भाषाओं में हैं. ये एक ऐसी एपिक स्टोरी है, जिसे लगभग हर भारतीय जानता है. इन गानों को बनाना और भारत समेत पूरी दुनिया के इस सेलिब्रेशन का हिस्सा बनना मेरे लिए बड़े सम्मान की बात है.”

रहमान को 'रामायण' के दो गानों पर सबसे ज्यादा आलोचनाओं का सामना करना पड़ा है. पहला 'रावण तांडव' और दूसरा 'मंगल रंग'. 'रावण तांडव' के समय कहा गया कि रहमान इसके पुराने वर्जन्स को ही रीब्रांड करके पेश कर रहे हैं. बतौर म्यूजिक कम्पोज़र, वो इसमें कुछ नया नहीं जोड़ रहे. वहीं 'मंगल रंग' पर तो नकल के आरोप तक लगाए गए. लोगों ने दावा किया कि इसकी धुन 'रॉकस्टार' के 'कुन फाया कुन' कव्वाली से मिलती है. 

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यही नहीं, पब्लिक ने 26 साल पुराना ऐसा म्यूजिक भी ढूंढ निकाला, जो 'मंगल रंग' से मेल खाता है. 'एन्ना सोला पोगिराई' नाम का वो गाना साउथ के सुपरस्टार अजीत और तबु की फिल्म 'कंदुकोंडेन कंदुकोंडेन' में इस्तेमाल किया गया था. ‘रामायण’ के पहले गाने ‘जय-जय राम’ पर भी ऐसे ही आरोप लगे हैं. लोगों का कहना है कि उसमें अरिजीत सिंह वाला हिस्सा 2000 में रिलीज़ हुई तमिल फिल्म ‘रिदम’ के ‘थानिये थाननथनिये’ से मेल खाता है. गौर करने वाली ये है कि 'रामायण', 'कंदुकोंडेन कंदुकोंडेन', ‘रिदम’ और 'रॉकस्टार', चारों के म्यूजिक कम्पोज़र एआर रहमान ही हैं.

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