विनीत ने 2017 में आई अनुराग कश्यप की फिल्म 'मुक्काबाज़' में ये डायलॉग बोलकर दर्शकों को नॉक-आउट कर दिया था. अब विनीत फिर वैसी ही एक धांसू फिल्म की तैयारी में हैं. हाल ही में उन्होंने मनीष मूंदड़ा की फिल्म 'आधार' साइन कर ली है. मनीष इस साल नेशनल अवॉर्ड जीतने फिल्म 'न्यूटन' के प्रोड्यूसर हैं. इस फिल्म को बंगाली सिनेमा के जाने-माने डायरेक्टर सुमन घोष बना रहे हैं. सुमन इससे पहले नंदिता दास स्टारर फिल्म 'पोडोखेप्प' (2006) माने इंग्लिश में फुटस्टेप्स और हिंदी में पैरों की छाप डायरेक्ट कर चुके हैं. इस फिल्म के लिए 2006 में सुमन को बांगला फिल्म केटेगरी में बेस्ट फिल्म का नेशनल अवॉर्ड भी मिला था.

फिल्म 'पोडोखेप्प' बनाने वाले डायरेक्टर सुमन घोष अमेरिका के फ्लोरिडा में इकोनॉमिक्स के प्रोफेसर भी हैं.
बताया जा रहा है कि इस फिल्म की कहानी एक आम आदमी की है. जो ज़िन्दगी की भाग-दौड़ में पीछे छूट गया है. उसके पास हर व्यक्ति को अपनी पड़ी है. हर जगह विकास के नारे लग रहे हैं. सब आगे बढ़ने की जल्दी में हैं. इस बीच ये आदमी दूसरों से कट सा गया है. दूसरी बात ये कि फिल्म का नाम मेकर्स ने चुन कर रखा है. क्योंकि ये नाम अब ऑक्सफोर्ड की हिंदी डिक्शनरी का हिस्सा है और इसे साल 2017 का 'ऑक्सवर्ड हिंदी वर्ड ऑफ़ द इअर' भी चुना गया था.

ऑक्सफ़ोर्ड यूनिवर्सिटी ऑफ़ प्रेस ने पहली 'ऑक्सफ़ोर्ड डिक्शनरी' 1998 में पब्लिश की थी.
अपनी इस फिल्म के बारे में बताते हुए विनीत ने कहा, "आधार' शब्द से हम दो अर्थ समझते हैं. एक 'बेस' और दूसरा 'आधार कार्ड'. इस फिल्म में हम इन दोनों ही पक्षों को एक्स्प्लोर करेंगे. मैंने इस जैसा किरदार कभी नहीं किया है." विनीत का कहना है कि 'मुक्काबाज़' के हिट होने के बाद उन्हें आज तक करीब 100 स्क्रिप्ट्स ऑफर हो चुकी हैं.
विनीत के मुताबिक फिल्म 'आधार' का पहला शेड्यूल दिसंबर या फिर जनवरी में शुरू हो जाने की संभावना है. शूटिंग बंगाल-बिहार बॉर्डर के पास और झारखंड में होगी.
























