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दलित विमर्श की फिल्में बनाने वाले डायरेक्टर ने कमल हासन की क्लासिक फिल्म पर क्या विवादित बात कही?

कमल हासन की इस फिल्म को क्लासिक भले ही माना जाता है, लेकिन उस पर आज तक जातिसूचक चीज़ें एंडोर्स करने के आरोप लगते हैं.

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मारी सेल्वाराज की नई फिल्म Maamannan 29 जून को सिनेमाघरों में रिलीज़ होने वाली है.

Mari Selvaraj. तमिल सिनेमा के दबंग फिल्ममेकर हैं. सिनेमा को हथियार बनाकर जातिवाद पर गुम चोट करते हैं. अब तक सिर्फ दो फिल्में बनाईं लेकिन ऐसी जो अंतर्मन में बेचैनी पैदा कर दें. संवेदनाओं को झिंझोड़कर रख दें. अब उनकी तीसरी फिल्म Maamannan आ रही है. उदयनिधि स्टालिन, फहद फासिल, वडिवेलु और कीर्ति सुरेश जैसे एक्टर्स से सजी ये फिल्म 29 जून को सिनेमाघरों में रिलीज़ होने वाली है. हालांकि उससे पहले मारी सेल्वराज का नाम एक कंट्रोवर्सी में पड़ गया है. सेल्वाराज ने कुछ ऐसा कहा जिस पर Kamal Haasan के फैन्स बिगड़ गए. 

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बीती 01 जून को ‘मामन्नन’ का ऑडियो लॉन्च इवेंट हुआ था. वहां से एक वीडियो अब अचानक से वायरल हो रहा है. इवेंट में मारी सेल्वराज कमल हासन की फिल्म ‘थेवर मगन’ पर बात करते हैं. कहते हैं कि उस फिल्म का उन पर गहरा प्रभाव पड़ा. वो नहीं जानते थे कि वो फिल्म सही है या गलत. सेल्वराज ने कमल हासन के सामने ही ये सारी बातें कही. बता दें कि ‘थेवर मगन’ साल 1992 में आई तमिल फिल्म है, जिसे आज के समय में क्लासिक की उपाधि तक दे दी गई है. इसे कमल हासन के सबसे पॉपुलर कामों में गिना जाता है. लेकिन ‘थेवर मगन’ का एक दूसरा पक्ष भी है.  

‘थेवर मगन’ पर आरोप लगते रहे हैं कि फिल्म ने एक कथित ऊंची जाति को ग्लोरिफाई कर के दिखाया. हिंसा के बहाने फिल्म ने जातिवाद को जस्टिफाई किया. दूसरी तरफ मारी सेल्वराज ऐसे फिल्ममेकर हैं, जिनका जातिवाद पर कड़ा रुख रहा है. उन्होंने ‘थेवर मगन’ पर बात करते हुए कहा,

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‘थेवर मगन’ को आज एक मास्टरपीस माना जाता है. मुझे यकीन है कि हर डायरेक्टर ने अपनी फिल्म बनाने से पहले इसे देखा होगा. मैंने भी अपनी हर फिल्म बनाने से पहले इसे देखा. जब मैंने ये फिल्म पहली बार देखी तो मैं दुविधा में था. मैं समझ नहीं पाया कि ये फिल्म सही है या गलत. मेरा दिमाग मतभेद से जूझ रहा था. 

मारी सेल्वराज ने बताया कि उन्होंने ‘थेवर मगन’ के आगे से ही अपनी फिल्म ‘मामन्नन’ की कहानी रची है. ‘थेवर मगन’ में एसाकी नाम का एक किरदार था. वो कमल हासन के कैरेक्टर के घर में नौकर था. एक सीन में कमल का कैरेक्टर गांव के विवादित मंदिर का दरवाज़ा खोल देता है. इसकी सज़ा मिलती है एसाकी को. उसका हाथ काट दिया जाता है. फिल्म कभी भी एसाकी के किरदार की जाति निर्धारित नहीं करती. बताया गया कि वो कथित नीची जाति से आता था और उसे सबक सिखाने के लिए कथित ऊंची जाति वालों ने उसके साथ ऐसा किया. एसाकी का किरदार निभाने वाले वडिवेलु को मारी सेल्वारज ने अपनी नई फिल्म का नायक बनाया है. उन्होंने कहा कि यहां उस किरदार के आगे की जर्नी दिखाई जाएगी. 

सेल्वाराज ने इस बारे में कहा,

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‘थेवर मगन’ देखते वक्त मैंने जो दर्द, तकलीफ, अच्छे-बुरे इमोशन महसूस किए, ‘मामन्नन’ उन्हीं का नतीजा है. 

मारी सेल्वराज की इस स्पीच के वायरल होने के बाद जनता के दो पक्ष उभर कर सामने आए. पहले हैं कमल हासन के फैन्स, जो फिल्म को डिफेंड कर रहे हैं. उसे क्लासिक बता रहे हैं. दूसरे हैं वो लोग जो कह रहे हैं कि ‘थेवर मगन’ जातिवादी फिल्म थी. उसने जातिवाद को बढ़-चढ़कर दिखाया. कमल हासन ने ही फिल्म की कहानी भी लिखी थी. फिल्म का इम्पैक्ट ऐसा रहा था कि थेवर समाज के लोग मूंछ रखने को शान समझते. फिल्म के बाद हिंसा की घटनाएं बढ़ीं. ऐसी बातों के लिए कमल हासन माफी भी मांग चुके हैं. उन्होंने कहा कि किसी जाति को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाने का उनका कोई इरादा नहीं था.

वीडियो: कमल हासन और मणिरत्नम के साथ आने पर इतना हंगामा क्यों?

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