1990. जाड़ों की छुट्टियां. कोई जनवरी-फरवरी का ही महीना रहा होगा. मैं पहली बार अपने शहर नैनीताल से दिल्ली घूमने आया था. 7-8 साल का रहा होऊंगा. सब कुछ धुंधला-धुंधला याद है. लोटस टेंपल, शहादरा का काफी लंबा फ्लाईओवर, गोलचा, रिवोली और पालिका बाज़ार. पालिका बाज़ार तब ऐसा चमकता था, जैसा अब इंदिरा गांधी का टर्मिनल 3. उस पालिका बाज़ार में विदेशी चीज़ों के अलावा एक और चीज़ ने मेरा ध्यान खींचा- कांच के शेल्फ में सजी हुईं कैसेट्स. जिनमें सबसे ज़्यादा मात्रा थी,'मैंने प्यार किया'
नाम की ऑडियो कैसेट की. एक कैसेट दिल्ली की दीदी ने खरीद ली. फिर दिनभर यही लूप में चलती थी. बोल क्या धुन और गिटार के कॉर्ड्स भी याद हो गए थे.
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यकीन नहीं होता, 'मैंने प्यार किया' के गीतों का म्यूज़िक एक दो नहीं, कुल पांच जगहों से चुराया गया था
उन ऑरिजिनल 5 गीतों के साथ, पढ़िए 'मैंने प्यार किया' से जुड़ा एक प्यारा सा नॉस्टैल्जिया.
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कुछ ही एलबम्स ऐसी होंगी, जिसके इतने गीत कॉपीड या इंस्पायर्ड हैं. (लेफ्ट में रामलक्ष्मण और राईट में सलमान खान, 'मैंने प्यार किया' के एक सीन में.)
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