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"मुझे डराया गया, सनी देओल ने गुस्से में तुम्हें थप्पड़ मार दिया तो..."

इम्तियाज़ अली सनी देओल की तारीफ करते नहीं थकते. वो कहते हैं कि सनी देओल की मेरी जिंदगी में एक ख़ास जगह है. उन्होंने मुझे मेरी पहली फिल्म बनाने को दी.

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अभय देओल के साथ इम्तियाज़ अली ने अपनी पहली फिल्म बनाई थी.

'रॉकस्टार' और 'तमाशा' बनाने वाले इम्तियाज़ अली का हमारे प्रोग्राम गेस्ट इन द न्यूजरूम में आना हुआ. उन्होंने अपने फ़िल्मी करियर से जुड़े कई दिलचस्प किस्से सुनाए. इसी बीच उनके किस्सों की यात्रा पहुंची सनी देओल तक. दरअसल सनी देओल ही वो शख्स हैं, जिनकी वजह से इम्तियाज़ का करियर परवान चढ़ा. सनी देओल ने ही उन्हें पहली फिल्म दी.

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लल्लनटॉप के सरपंच सौरभ द्विवेदी ने इम्तियाज़ से पूछा कि सनी देओल का उनके करियर में क्या योगदान है? इस पर इम्तियाज़ का कहना था कि सनी देओल ने उन्हें उनकी पहली फिल्म दी. इम्तियाज़ अली की डेब्यू फिल्म 'सोचा न था' सनी देओल ने ही प्रोड्यूस की थी. इसी पिक्चर से अभय देओल ने भी अपना डेब्यू किया था. इम्तियाज़ के शब्दों में कहें तो,

सनी देओल ने मुझे मेरी पहली फिल्म दी. यानी सनी देओल वो प्रोड्यूसर हैं, जिन्होंने मुझसे कहा कि आप मेरे लिए फिल्म बनाइए. मैं उनके पास गया 'सोचा न था' की कहानी लेकर. मेरा प्लान था, अभय देओल के साथ एक फिल्म बनाने का. इधर-उधर की ठोकरें मैं खा रहा था. फिर सनी जी के कान में बात पड़ी होगी कि अभय कोई फिल्म प्लान कर रहा है.

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इसके बाद इम्तियाज़ को बुलाया गया. सनी चाहते थे कि अभय की फिल्म पहले वो खुद अप्रूव करें, तब उसका काम आगे बढ़े और सनी ही वो फिल्म प्रोड्यूस भी करना चाहते थे. इम्तियाज़ बताते हैं:

मुझे बहुत डराया गया कि ये तो ऐक्शन हीरो है. एंग्री मैन है. तुम उसको ऐसी कहानी सुनाने जा रहे हो, जिसमें हीरो ही थप्पड़ खाता है. ये तो काम नहीं होने वाला है. वो फिजिकली भी बहुत ज़्यादा स्ट्रांग हैं. गुस्से में उन्होंने तुम्हें थप्पड़ मार दिया, तो क्या होगा! उससे पहले मैं किसी स्टार से मिला भी नहीं था. दूर से ही देखा था.

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इम्तियाज़ को शिमला बुलाया गया. सनी वहां किसी फिल्म की शूटिंग कर रहे थे. ये तय हुआ कि अर्ली मॉर्निंग या रात में नरेशन हो, या फिर जब बारिश के कारण शूट कैंसल हो जाए. इत्तफ़ाक ऐसा हुआ कि इम्तियाज़ जैसे ही पहुंचे बारिश होने लगी. उन्होंने सनी देओल को कहानी नरेट की. दो घंटे में ही उन्होंने हां कर दी. यानी सनी अब इम्तियाज़ अली के करियर की पहली फिल्म में पैसा लगाने को तैयार थे. सनी की पर्सनैलिटी के बारे में इम्तियाज़ बताते हैं:

वो बहुत ही शर्मीले इंसान हैं. उनको लेकर जो स्टीरियोटाइप थे, सब ब्रेक हो गए. बहुत शर्मीले, बहुत कायदे से बात करने वाले, बहुत संवेदनशील. वो कहानी सुनते रहे. उन्होंने मुझसे पूछा तक नहीं कि कहां से आया हूं, क्या किया है ज़िंदगी में. टेलीविजन किया है, थिएटर किया है! मैं उनके पास पहुंचा उन्होंने कहा शुरू करो. मैंने नरेशन शुरू कर दिया. उन्होंने कहानी सुनी और हां कर दी. इसलिए सनी देओल की मेरी जिंदगी में एक ख़ास जगह है. उन्होंने मुझे मेरी पहली फिल्म बनाने को दी. 

ऐसे ही कुछ दिलचस्प किस्से आप हमारे ख़ास प्रोग्राम गेस्ट इन द न्यूजरूम में देख और सुन सकते हैं.

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