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गोविंद नामदेव ने बताया, फिल्म सेट पर खाने में भी भेदभाव होता है, अक्षय कुमार ने इसको बदला

गोविंद नामदेव ने बताया कि स्टार्स अपने सीनियर को-एक्टर्स से कोई सलाह भी नहीं लेते. उन्हें लगता है कि इससे वो छोटे या कमतर नज़र आएंगे.

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गोविंद नामदेव ने दी लल्लनटॉप से बातचीत में बताया कि सुपरस्टार्स के साथ काम करने का उनका अनुभव कैसा रहा.

Govind Namdev वो एक्टर हैं, जिन्होंने Salman Khan, Shahrukh Khan, Ajay Devgn और Akshay Kumar सहित इंडस्ट्री के दिग्गज एक्टर्स के साथ काम किया है. और सुपरस्टार्स की मौजूदगी में भी अपनी अलग जगह बनाई है. हाल ही में जब गोविंद नामदेव The Lallantop के खास कार्यक्रम Guest In The Newsoom में आए, तो उन्होंने बताया कि इन सुपरस्टार्स के साथ काम करने का उनका अनुभव कैसा रहा. 

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चूंकि गोविंद नामदेव काफ़ी सीनियर एक्टर हैं. लंबे समय से थिएटर कर रहे हैं, तो क्या कोई ऐसे स्टार्स भी हैं, जो उनसे पूछते हैं कि किसी सीन को कैसे बेहतर ढंग से किया जा सकता है? जवाब में उन्होंने कहा,

“नहीं. यहां इस तरह का चलन नहीं है. इसलिए कि एक तो वो ये मानते हैं कि ऐसा अगर वो पूछने लगेंगे, तो वो मुझसे कम हो जाएंगे. सबसे पहला विचार तो ये आता है. उन्हें लगता है कि वो पूछेंगे तो सामने वाले को ऐसा लगेगा कि इसे आता नहीं है. और मुझसे तो कम है ही. वो पूछेंगे तो लगेगा कि उनमें कमी है. वो नहीं कर सकते ये काम. उनके पॉइंट ऑफ व्यू से ऐसा भी महसूस होता है.”

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गोविंद नामदेव ने कई स्टार्स के साथ काम किया है. मगर आज तक किसी ने भी उनसे कोई सीन इम्प्रोवाइ़ज़ करने के लिए न तो कोई सलाह मांगी, न ही कोई सवाल किया. गोविंद नामदेव ने कहा,

“वो तो स्टार है. वे तो टॉप लेवल पर है. उसको क्या ज़रूरत है कुछ भी पूछने की. और वो पूछेगा भी तो स्टार लेवल के ही एक्टर से पूछेगा. अब मैं विलन हूं. मैं विलन के किरदार करता हूं. और उनसे तो छोटा ही हूं. ऐसा वो छोटा मानते हैं. छोटे-बड़े का बहुत हिसाब रहता है यहां इंडस्ट्री में. ये बड़ा स्टार है. ये उससे कम छोटा है. पैसा उसी हिसाब से मिलता है.”

सेट पर एक्टर्स को इंडस्ट्री में उनके क़द, उनके ओहदे के हिसाब से ट्रीट किया जाता है. किसके साथ कैसा बर्ताव होगा, इसमें भी फर्क होता है. इस बारे में उन्होंने कहा,

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“पैसे के हिसाब से लोगों को ट्रीटमेंट दिया जाता है. इसको इतना पैसा मिलता है, तो अच्छा ठीक है इसका ट्रीटमेंट ये है. इसको बड़ी मेकअप वैन (वैनिटी वैन) मिलेगी. उसको सोलो मेकअप वैन मिलेगी. इस तरह से पैसे के हिसाब से ऊपर-नीचे, छोटा-मोटा. उसी हिसाब से खाना-पीना भी आता है. जाता है.”

ये बात चौंकाती है, कि सेट पर एक्टर्स के लिए वैनिटी वैन ही नहीं, बल्कि खाना भी स्टार पावर के हिसाब से आता है. स्टार्स का खाना अलग, और बाकी एक्टर्स का अलग. पूरा मामला समझाते हुए गोविंद नामदेव ने कहा,

“यही होता है. ये स्टार्स का खाना है. और ये इनका खाना है. ये उनका. होता ही है ना ऐसा. कुछ लोग जो अभी नई पौध के लोग आए हैं, नई विचारधारा के लोग आए हैं, वो ये कोशिश करते हैं कि सबके साथ एक सा बर्ताव हो.”

वो स्टार्स जो सेट पर बड़े-छोटे का फर्क नहीं रखते उनका जि़क्र करने के आग्रह पर गोविंद नामदेव ने कहा,

“अच्छे लोगों में जैसे अभी ओ माय गॉड की थी मैंने. ओ माय गॉड में अक्षय थे और उमेश, हमारे डायरेक्टर. उनकी ये मिली भगत थी कि सबको एक जैसा होना चाहिए. सब एक जैसा खाएं-पिएं. किसी का कुछ ख़ास है, जैसे कोई प्याज़ और लहसुन नहीं खाता हूं, तो उनके लिए अलग से खाना आ सकता है. लेकिन बाकी सबके साथ एक जैसा ट्रीटमेंट हो तो अच्छा है. तो एक माहौल कुछ अलग ही बना था उस समय. ओ माय गॉड की लोकेशन पर.”

बहरहाल गोविंद नामदेव के बॉडी ऑफ वर्क की बात करें, तो उन्होंने दिलीप कुमार स्टारर ‘सौदाग़र’ से फिल्मी करियर की शुरुआत की. उनकी फिल्मोग्राफ़ी में ‘बैंडिट क्वीन’, ‘विरासत’, 'फिर भी दिल है हिंदुस्तानी', ‘वॉन्टेड’, ‘ओ माय गॉड’ और ‘सिंघम’ जैसी फिल्में भी शामिल हैं. हालांकि एक्टिंग की शुरुआत उन्होंने बॉलीवुड में आने से पहले ही कर दी थी. वो नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा से पढ़े हुए हैं. और हिंदी थिएटर में समृद्ध काम किया है. धर्मवीर भारती के नाटक ‘अंधायुग’ में अश्वत्थामा के पात्र को उन्होंने जिस ओज के साथ मंच पर खेला, वो एक बेंचमार्क बन गया. दी लल्लनटॉप से चर्चा में उन्होंने अपने संघर्षों से लेकर सफलता तक के कई किस्से सुनाए. उनका पूरा इंटरव्यू आप हमारे यूट्यूब चैनल और वेबसाइट पर देख-सुन सकते हैं.

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