इस बारे में केंद्र सरकार ने गाइडलाइंस जारी की है. केंद्रीय सार्वजनिक निर्माण विभाग यानी CPWD ने यह गाइड लाइंस जारी की है. 18 पन्नों की गाइडलाइंस को इंडियन सोसायटी ऑफ हीटिंग, रेफ्रीजरेटिंग एंड कंडीशनिंग इंजीनियर्स यानी ISHRAE ने तैयार किया है.
क्या लिखा है गाइडलाइंस में-
पहले घर की बात
AC
# सरकार के अनुसार, घरों में एसी का टेंपरेचर 24 से 30 डिग्री के बीच ही होना चाहिए. साथ ही एसी की ह्यूमिडिटी यानी नमी का स्तर 40 से 70 प्रतिशत के बीच होना चाहिए.
# एसी चलाते वक्त बाहर से हवा आऩे की व्यवस्था भी होनी चाहिए. इसके तहत खिड़की थोड़ी सी खुली रहे.
# जब एसी नहीं चल रही हो तब भी कमरों में हवा आती रहनी चाहिए.'

सरकार ने एसी, कूलर और पंखे चलाने के लिए गाइडलाइन जारी की हैं.
कूलर
# कई सारे कूलर में एयर फिल्टर नहीं होते हैं. ऐसे में एयर फिल्टर अलग से लगवाएं. जिससे कि धूल अंदर न जा पाए और हवा की स्वच्छता बनी रहे.
# कूलर टैंक को साफ और कीटाणु रहित रखें. इसके लिए पानी को बार-बार बदलते रहें.
# कूलर का इस्तेमाल करते वक्त नमी वाली हवा के निकलने के लिए खिड़की खुली रखें.
# बाहर से हवा न लेने वाले पोर्टेबल कूलर का इस्तेमाल न करने की सलाह दी गई है.
# घर में अच्छी हवा बनी रहे इसके लिए ऐसे कूलर ही इस्तेमाल करें जो बाहर से हवा खींचते हो.
पंखा
# पंखा चलाते वक्त भी खिड़की थोड़ी सी खुली रखें. यदि एग्जॉस्ट फैन यानी अंदर की हवा बाहर फेंकने वाल पंखा हो तो बेहतर हवा के लिए उसे भी चलाएं.
दफ्तरों और उद्योगों के लिए
# लॉकडाउन के कारण कई दफ्तर और उद्योग कई दिनों से बंद हैं. ऐसे में एसी की सफाई कराई जाए. इसके अलावा पक्षियों और चूहों का मल भी हवा के सिस्टम में हो सकता है. ऐसे में एसी सिस्टम की सही से सफाई और मरम्मत कराई जाए. दफ्तर और उद्योगों के अंदर भी जितनी हो सके उतनी बाहर की हवा रहे.
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