Anupam Kher के छोटे भाई Raju Kher खुद भी एक एक्टर और डायरेक्टर रह चुके हैं. उन्होंने Delhi Belly और Krrish 3 जैसी मूवीज़ में काम किया है. हाल ही में उन्होंने उस दौर की बात की, जब वो पैसों की तंगी से जूझ रहे थे. उन्हें अपना घर तक बेचना पड़ा मगर अनुपम से उन्हें कोई मदद नहीं मिली. हालांकि फिर उन्होंने कुछ ऐसा पढ़ा, जिसने उनका नजरिया बदल दिया.
अपने कैंसर पीड़ित भाई को हॉस्पिटल बिल्स के नाम पर थप्पड़ क्यों मारने वाले थे अनुपम खेर?
राजू खेर ने अपना घर बेच दिया था. उनके पास रेंट देने के पैसे नहीं थे. मगर अनुपम खेर ने उनकी मदद क्यों नहीं की?

सिद्धार्थ कनन से हुई बातचीत में राजू कहते हैं कि एक समय पर वो पैसों की भयंकर तंगी का सामना कर रहे थे. उन्होंने अपना घर बेचा और उससे मिला पैसा एक शो पर लगा दिया. तब एक नया टीवी चैनल शुरू होने वाला था. उसके लिए राजू ने 'लाइफ के लिए कुछ भी करेगा' नाम का प्रोग्राम बनाया था. लेकिन अचानक वो चैनल बंद हो गया और राजू के सारे पैसे फंस गए.
राजू ने बताया कि तब उनके पास घर का किराया देने तक के पैसे नहीं थे. इसलिए उन्हें लगा कि उनके भाई यानी अनुपम खेर उनकी मदद करेंगे. मगर दिक्कत ये हुई कि अनुपम ने तब फिल्में करना बंद कर दिया था. वो छोटे-मोटे रोल्स की जगह कोई दमदार कैरेक्टर प्ले करना चाहते थे. राजू के मुताबिक, उस समय उन्हें लगा कि अनुपम उनकी मदद कर सकते थे. मगर उन्होंने ऐसा कुछ भी नहीं किया.
हालांकि राजू का नजरिया तब बदला, जब उन्होंने किसी अखबार में अनुपम का एक इंटरव्यू पढ़ा. उसमें अनुपम ने इच्छा जताई थी कि वो खुद का बच्चा चाहते हैं. जानकारी के लिए, अनुपम की शादी वेटरन एक्ट्रेस किरण खेर से हुई है. सिकंदर खेर, किरण और उनके पहले पति गौतम बैरी से जन्मे बेटे हैं. पर शादी के बाद अनुपम ने न केवल उन्हें अपनाया बल्कि अपना सरनेम भी दे दिया. फिर भी, वो कभी-कभार अपने बच्चे की इच्छा जताते रहते थे. इसलिए जब राजू ने उनका इंटरव्यू पढ़ा तो उन्हें लगा कि अनुपम अपनी निजी जिंदगी में स्ट्रगल कर रहे हैं. ऐसे में उन पर अपनी फाइनेंशियल दिक्कतों का बोझ डालना कहीं से भी सही नहीं.
बातचीत के दौरान उन्होंने अनुपम के उस रिएक्शन के बारे में भी बताया, जब राजू को कैंसर हुआ था. दरअसल, 2004 के आसपास उनके ब्लैडर में कैंसर डिटेक्ट हुआ. अनुपम तब विदेश में शूटिंग कर रहे थे. मगर जैसे ही उन्हें राजू की तबीयत का पता चला, वो सब छोड़कर मुंबई आ गए. उन्होंने राजू को लीलावती हॉस्पिटल में एडमिट करवाने की बात कही. इस पर राजू ने कहा कि वो काफी महंगा हॉस्पिटल है. वो बताते हैं कि अनुपम इतना सुनते ही उन्हें थप्पड़ लगाने वाले थे. उन्होंने राजू को फटकारते हुए कहा- "इस मुद्दे पर बोलने वाले तुम होते कौन हो? चुप बैठो और मैं जैसा कहता हूं, करते जाओ."
राजू के मुताबिक, अनुपम ने न केवल उन्हें लीलावती हॉस्पिटल में एडमिट करवाया. बल्कि उनके इलाज का पूरा खर्च भी उठाया. उनका ऑपरेशन लगातार 17 घंटे तक चला था. मगर अनुपम की वजह से वो बेफिक्र होकर अपना इलाज करवाते रहे. राजू कहते हैं कि आज उन्हें किसी बात की चिंता नहीं क्योंकि उनके भाई हर समय उनके साथ खड़े रहते हैं.
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