Alpha के टीजर की इतनी ट्रोलिंग हुई कि Yash Raj Films ने हफ्ते भर में ही इसका ऑफिशियल ट्रेलर रिलीज़ कर दिया. अच्छी बात ये है कि मेकर्स ने ऑडियंस फ़ीडबैक को सुन अपनी कई गलतियों में सुधार भी किया है. बैकग्राउंड म्यूजिक की धमक पर ट्रेलर की एडिटिंग अच्छी हुई है. टेक्स्ट के साथ जिस तरह सभी किरदारों को इन्ट्रोड्यूस किया गया, उससे आपको Dhurandhar की याद आ जाएगी. Bobby Deol का हरियाणवी एक्सेंट अटपटा जरूर लगता है. मगर मेकर्स उसकी भरपाई के लिए स्पेशल एजेंट कबीर यानी Hrithik Roshan को ले आए हैं.
'अल्फ़ा' ट्रेलर में आलिया-बॉबी देओल भिड़ते रहे, ऋतिक रोशन महफिल लूट ले गए
YRF ने इस ट्रेलर में अपनी कई गलतियों को सुधारा है. मगर क्या ये काफी होगा?


ट्रेलर की शुरुआत आलिया के किरदार सीता के बचपन से होती है. ये नाम उसे इसलिए मिला क्योंकि उसकी मां का नाम जानकी था. बॉबी देओल का किरदार फतेह अपने एक लॉन्ग टर्म 'अल्फ़ा' मिशन के लिए उसे बचपन में ही किडनैप करके ले आया था. लंबे समय तक वो उसे एक किलिंग मशीन की तरह ट्रेन करता है. मगर फिर कुछ ऐसा होता है कि जिससे सीता, फतेह के खिलाफ़ चली जाती है. अब वो उसके एंटी-इंडिया मिशन को बर्बाद करना चाहती है. इस काम में उसकी मदद के लिए शरवरी, अनिल कपूर और खुद ऋतिक रोशन आगे आते हैं. फिल्म की बुनियादी स्टोरीलाइन फिलहाल कुछ ऐसा ही नजर आ रहा है.
'अल्फ़ा' के टीजर की चाहे जितनी ट्रोलिंग हुई हो, ये ट्रेलर उससे बेहतर नजर आ रहा है. मेकर्स ने प्रेजेंटेशन में काफी सुधार किया है. सारे एक्शंस, गोलियों की आवाज़ और डायलॉग्स- बैकग्राउंड म्यूजिक के बीट्स और पॉज़ के हिसाब से तराशे गए हैं. आदित्य धर ने 'धुरंधर' के टीजर को कुछ इसी तरह कटवाया था. 'अल्फ़ा' का ट्रेलर भी वहीं से प्रेरित लग रहा है. हालांकि कहानी के मामले में ये 'धुरंधर' क्या, स्पाय यूनिवर्स की पिछली सभी फिल्मों से अलग नजर आ रही. ये सीता के कैरेक्टर की ओरिजिन स्टोरी है, जिसका बेसिक प्लॉट 'रामायण' के इर्द-गिर्द बुना गया है. फर्क सिर्फ इतना है कि इस बार लंका हनुमान नहीं बल्कि खुद सीता जलाएगी.
जब 'अल्फ़ा' का टीज़र आया था, तब आलिया भट्ट की काफी ट्रोलिंग हुई थी. लोगों का कहना था कि वो शारीरिक बनावट हैंड-टू-हैंड कॉम्बैट में जम नहीं रही. लगता है मेकर्स ने उन फ़ीडबैक पर गौर किया है. तभी फिल्म के नए ट्रेलर में आलिया को ज्यादातर बंदूकों, डंडों और चाकुओं से ही लड़ते हुए दिखाया गया. हालांकि उनके डायलॉग अब भी एवरेज से हैं. लेकिन वो बॉबी के हरियाणवी एक्सेंट जितने बुरे नहीं लगते. वैसे, गौर करने वाली बात ये है कि बॉबी ट्रेलर के बाकी हिस्सों में हिंदी बोलते दिख रहे हैं. ऐसे में उन्हें हरियाणवी टोन दिया ही क्यों गया, इसका कुछ खास सेंस समझ नहीं आता. इसके अलावा पहाड़ चढ़ने और बाइक चलाने वाले कुछ सीन्स में VFX की दिक्कतें भी नजर आ रहीं. मगर फिलहाल के लिए उन्हें झेला जा सकता है.
फिल्म में अनिल कपूर और शरवरी का काफी अहम रोल है. अनिल ने 'वॉर 2' के अपने कैरेक्टर कर्नल विक्रांत कौल को ही इस मूवी में कन्टिन्यू किया है. वो भारतीय सुरक्षा एजेंसी रॉ के चीफ बने हैं. कहानी में उनका किरदार बॉबी के एंटी-इंडिया मिशन को नाकाम करना चाहता है. देखकर लग रहा है कि इस काम के लिए उन्होंने शरवरी को सिलेक्ट किया है, जो आलिया के साथ मिलकर 'अल्फ़ा' प्रोजेक्ट को बर्बाद करना चाहती है. मगर वो दोनों इसके लिए पर्याप्त नहीं. इस कारण उन्हें एक मॉनेस्ट्री में किसी भिक्षु के पास मदद लेने भेजा जाता है. ट्रेलर में आलिया का किरदार उस भिक्षु को देख कहता भी है- "ये हमें बचाएगा?" और ठीक उसी मोमेंट पर आपको ऋतिक के किरदार कबीर की आंखें दिखाई देती हैं.

'अल्फ़ा' के ट्रेलर पर चाहे आपका कुछ भी रिएक्शन हो, इस बात से इन्कार नहीं किया जा सकता कि महफ़िल ऋतिक ही लूट ले जाएंगे. इस बार YRF ने काफी समझदारी भी दिखाई है. आमतौर पर स्पाय यूनिवर्स की फिल्मों में वो अपने कैमियो को थिएटर्स के लिए छिपाए रहते हैं. मगर इस बार दर्शक खींचने के लिए उन्होंने ऋतिक को ट्रेलर में ही दिखा दिया. देखकर लग रहा है कि फिल्म में उन्हें अच्छा-खासा स्क्रीनटाइम मिलने वाला है. यदि ऐसा हुआ तो मेकर्स को बॉक्स ऑफिस पर इसका फायदा मिल सकता है. कुलमिलाकर, 'अल्फ़ा' का ट्रेलर अच्छा काटा गया है. कम-से-कम ये YRF की लास्ट डिलीवरी 'वॉर 2' से तो दस गुना बेहतर लग रही. फिर भी, ये दर्शक लाने के लिए पर्याप्त होगा या नहीं, ये समय आने पर ही पता चलेगा. 'अल्फ़ा' को शिव रवैल ने डायरेक्ट किया है. ये 03 जुलाई 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज़ होगी.
वीडियो: अल्फा के सेट पर आलिया और बॉबी की लड़ाई? क्या YRF ने उन्हें दूसरी फिल्म ऑफर की थी?

















