YSR कांग्रेस ने पॉलिटिकल कंसल्टेंसी ग्रुप I-PAC के फाउंडर प्रशांत किशोर की चुनाव आयोग से शिकायत की है. उनके खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की मांग की है. प्रशांत किशोर के साथ ही पार्टी ने RTV पत्रकार रवि प्रकाश की भी शिकायत की है. प्रशांत किशोर और रवि प्रकाश पर आंध्र प्रदेश विधानसभा चुनाव और यहां की लोकसभा सीटों पर वोटिंग से एक दिन पहले ओपिनियन पोल टेलीकास्ट करने का आरोप है.
इस पार्टी ने की चुनाव आयोग से प्रशांत किशोर पर एक्शन लेने की मांग, सीटों का अनुमान लगाया था
मामला प्रशांत किशोर के एक इंटरव्यू से जुड़ा है. इसमें उन्होंने आंध्र प्रदेश में कौन सी पार्टी कितनी सीटें लाएगी, इस पर एक अनुमान दिया था. ये इंटरव्यू राज्य में वोटिंग के एक दिन पहले टेलीकास्ट हुआ था, जिस पर YSR कांग्रेस ने आपत्ति जताई है.


RTV एक तेलुगु डिजिटल वेबसाइट है, जिसके फाउंडर रवि प्रकाश हैं. The News Minute की रिपोर्ट के मुताबिक 12 मई को, रवि प्रकाश ने प्रशांत किशोर का इंटरव्यू लिया. इस दौरान प्रशांत किशोर ने अपना अनुमान बताया कि आंध्र प्रदेश में सत्तारूढ़ YSR कांग्रेस चुनाव हार जाएगी. प्रशांत किशोर ने कहा कि जगन मोहन रेड्डी की YSR कांग्रेस सिर्फ 51 विधानसभा सीटें जीतेगी.
आंध्र प्रदेश में 175 विधानसभा सीटें हैं. इंटरव्यू के दौरान, RTV ने संभावित चुनावी नतीजों के तौर पर दिखाया कि विधानसभा चुनाव में YSR कांग्रेस के खाते में सिर्फ 67 सीटें आ सकती हैं, जबकि TDP और BJP गठबंधन के खाते में 106 सीटों का अनुमान लगाया गया. इसी तरह, राज्य की 25 लोकसभा सीटों को लेकर चुनावी कयास के तौर पर TDP के खाते में 15 सीटें और YSR कांग्रेस के खाते में केवल 8 सीटें बताई गईं.
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YSR कांग्रेस ने आपत्ति जताईइस पर आपत्ति जताते हुए YSR कांग्रेस ने कहा कि शो का मकसद चुनाव से ठीक एक दिन पहले मतदाताओं को प्रभावित करना था. बता दें कि आंध्र प्रदेश की 25 लोकसभा सीटों और 175 सीटों विधानसभा सीटों के लिए 13 मई को मतदान हुआ.
रिपोर्ट के मुताबिक YSR कांग्रेस ने कहा कि 12 मई को RTV का टेलीकास्ट जन प्रतिनिधित्व अधिनियम (RP एक्ट) की धारा 126 का 'घोर उल्लंघन' था. RP एक्ट की धारा 126 के मुताबिक, वोटिंग से 48 घंटे पहले की अवधि के दौरान टीवी, रेडियो या वेबसाइट पर ऐसा चुनावी कॉन्टेंट नहीं जाना चाहिए, जिससे चुनाव नतीजे प्रभावित हों.
इसके तहत टेलीविजन/रेडियो चैनल और केबल नेटवर्क वगैरह चलाने वालों से ये सुनिश्चित करने को कहा गया है कि उनके द्वारा प्रसारित या प्रदर्शित कार्यक्रमों के कॉन्टेंट में ऐसा कुछ भी नहीं होना चाहिए, जिससे किसी खास दल या उम्मीदवार की संभावना को बढ़ावा मिलता हो या चुनाव परिणाम प्रभावित होता हो. इसमें कोई ओपनियन पोल आधारित नतीजे को दिखाना और चर्चा या विश्लेषण वगैरह भी शामिल है.
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