
घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया. फोटो. इंडिया टुडे.
तैरूल शेख के बेटे मेहताब शेख ने बताया,
'मेरे पिता पर हंसुआ (धारदार हथियार) से हमला किया गया. उनके लगातार खून बह रहा था. मैं मोटरसाइकल से उनको अस्पताल लेकर गया. वहां डॉक्टरों ने कहा कि उनकी मौत हो चुकी है. मैं खुद केरल में नौकरी करता हूं. और इस वक्त वोट डालने के लिए यहां आया था. मेरे पिता वोट डालने के लिए मुझे पोलिंग बूथ पर लेकर गए गए थे, ताकि मैं उनकी मदद कर सकूं. मैं यकीन ही नहीं कर सकता हूं कि वो अब इस दुनिया में नहीं हैं. वो किसी तरह की राजनीति में नहीं थे.'मुर्शिदाबाद से कांग्रेस उम्मीदवार अबू हिना ने बताया,
'तृणमूल कांग्रेस कार्यकर्ताओं की हिंसा में मेरा एक कार्यकर्ता मारा गया है. सत्ताधारी टीएमसी हिंसा में शामिल है. वो वोटरों को डरा धमका रही है. हमारे कार्यकर्ता ने तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को बूथ कैप्चरिंग से रोका, नतीजा उसे मार दिया गया. कांग्रेस पार्टी इस मसले को चुनाव आयोग तक लेकर जाएगी.'तृणमूल कांग्रेस ने इन आरोपों को सिरे से नाकारा है. पार्टी प्रत्याशी अबू ताहिर खान ने कहा कि ये बेहद दुर्भाग्यजनक है. चुनाव के दौरान एक व्यक्ति की मौत से हम दुखी हैं. हमने इस मामले में पूरी रिपोर्ट मंगवाई है. कांग्रेस की गुटबाजी इस हिंसा का कारण हो सकती है.
हिंसा की घटना मालदा में कहां हुई? मालदा में बूथ नंबर 216 को निशाना बनाया गया. आरोप है कि यहां वोटर्स को वोट डालने से रोकने के लिए मारपीट की गई. मुर्शीदाबाद जिले के डोमकाल नगर पालिका में देशी बम फेंके जाने से तृणमूल कांग्रेस के तीन कार्यकर्ता तंजुम अंसारी, मसदुल इस्लाम और मलिक मंडल घायल हो गए. इनमें से एक शख्स डोमकाल की पार्षद का पति है. घायलों को मुर्शिदाबाद मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है.
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