The Lallantop

पश्चिम बंगाल में चुनावी हिंसा, वीडियो में पोलिंग बूथ के पास बम फेंकते दिखे लोग

पश्चिम बंगाल से लगातार ऐसी खबरें आ रही हैं...

Advertisement
post-main-image
हिंसा मुर्शिदाबाद के भगवानगोला में हुई. फोटो वीडियो स्क्रीनशॉट.
पश्चिम बंगाल से चुनावी हिंसा की खबरें हैं. अब तक एक शख्स की मौत हो चुकी है. और दो गंभीर रूप से जख्मी हैं. एक चुनाव अधिकारी का शव बरामद हुआ है. पुलिस का कहना है कि चुनाव अधिकारी ने आत्महत्या की है. हिंसा की घटनाएं मुर्शिदाबाद में हुईं. यहां भगवानगोला नाम की जगह पर कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं की झड़प हो गई. इसमें एक कांग्रेस समर्थक की मौत हो गई. 17वीं लोकसभा चुनाव के दौरान किसी की मौत की ये पहली घटना है. मुर्शिदाबाद के रानीनगर में स्थित पोलिंग बूथ नंबर 27 और 28 के पास कुछ अनजान लोगों ने बम भी फेंके. वीडियो में बम फेंकता हुआ व्यक्ति साफ नजर आ रहा है और उसके थोड़ा आगे बम जाकर फटा भी. कैसे और कहां हुई हिंसा की घटना अलग-अलग न्यूज रिपोर्ट्स के मुताबिक भगवानगोला के बूथ नंबर 188 पर वोटिंग के लिए लाइन लगी हुई थी. इस दौरान पुलिस बल मौजूद नहीं था. पोलिंग पूथ से करीब 300 मीटर की दूरी पर ये हिंसा हुई. किसी ने धारदार हथियार से तैरुल शेख नाम के शख्स पर हमला किया. उसे पास के नासीपुर स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया. जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. कांग्रेस ने आरोप लगाया कि शेख उसका कायकर्ता था और उसकी हत्या तृणमूल कांग्रेस के कायकर्ताओं ने की है. कांग्रेस का एक कार्यकर्ता महबूब शेख और टीएमसी कार्यकर्ता तैजुल शेख एक दूसरी झड़प में घायल हो गए. दोनों इस वक्त लालबाग अस्पताल में भर्ती हैं.
घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया. फोटो. इंडिया टुडे.
घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया. फोटो. इंडिया टुडे.

तैरूल शेख के बेटे मेहताब शेख ने बताया,
'मेरे पिता पर हंसुआ (धारदार हथियार) से हमला किया गया. उनके लगातार खून बह रहा था. मैं मोटरसाइकल से उनको अस्पताल लेकर गया. वहां डॉक्टरों ने कहा कि उनकी मौत हो चुकी है. मैं खुद केरल में नौकरी करता हूं. और इस वक्त वोट डालने के लिए यहां आया था. मेरे पिता वोट डालने के लिए मुझे पोलिंग बूथ पर लेकर गए गए थे, ताकि मैं उनकी मदद कर सकूं. मैं यकीन ही नहीं कर सकता हूं कि वो अब इस दुनिया में नहीं हैं. वो किसी तरह की राजनीति में नहीं थे.'
मुर्शिदाबाद से कांग्रेस उम्मीदवार अबू हिना ने बताया,
'तृणमूल कांग्रेस कार्यकर्ताओं की हिंसा में मेरा एक कार्यकर्ता मारा गया है. सत्ताधारी टीएमसी हिंसा में शामिल है. वो वोटरों को डरा धमका रही है. हमारे कार्यकर्ता ने तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को बूथ कैप्चरिंग से रोका, नतीजा उसे मार दिया गया. कांग्रेस पार्टी इस मसले को चुनाव आयोग तक लेकर जाएगी.'
तृणमूल कांग्रेस ने इन आरोपों को सिरे से नाकारा है. पार्टी प्रत्याशी अबू ताहिर खान ने कहा कि ये बेहद दुर्भाग्यजनक है. चुनाव के दौरान एक व्यक्ति की मौत से हम दुखी हैं. हमने इस मामले में पूरी रिपोर्ट मंगवाई है. कांग्रेस की गुटबाजी इस हिंसा का कारण हो सकती है.
हिंसा की घटना मालदा में कहां हुई? मालदा में बूथ नंबर 216 को निशाना बनाया गया. आरोप है कि यहां वोटर्स को वोट डालने से रोकने के लिए मारपीट की गई. मुर्शीदाबाद जिले के डोमकाल नगर पालिका में देशी बम फेंके जाने से तृणमूल कांग्रेस के तीन कार्यकर्ता तंजुम अंसारी, मसदुल इस्लाम और मलिक मंडल घायल हो गए. इनमें से एक शख्स डोमकाल की पार्षद का पति है. घायलों को मुर्शिदाबाद मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है. लोकसभा चुनाव के तीसरे चरण में 23 अप्रैल को पश्चिम बंगाल में 5 सीटों पर मतदान हुआ. इनमें मुर्शिदाबाद के अलावा बालूरघाट, मालदा उत्तर, मालदा दक्षिण और जंगीपुर सीट शामिल हैं. मुर्शिदाबाद में तृणमूल ने अबू ताहिर खान, भाजपा ने हुमायूं कबीर, कांग्रेस ने अबू हिना और माकपा ने बदरुद्दोजा खान को उम्मीदवार बनाया है.


वीडियोः क्या दमोह में इज्जत बचा पाएंगे प्रह्लाद पटेल?

Advertisement
Advertisement