पुलिस अधिकारी पर भी सीएम का साथ देने के आरोप (फोटो- स्क्रीनशॉट ट्विटर वीडियो @AAPUttarakhand)
उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी पर चुनाव में लोगों को पैसे बांटने का आरोप लगा है. वोटिंग से पहले पुष्कर सिंह धामी डोर टू डोर प्रचार कर रहे थे. आरोप है कि उसी दौरान उन्होंने जनता में पैसे बांटे. आरोप का आधार बना एक वीडियो जो सोशल मीडिया पर वायरल है. रविवार 13 फरवरी को आम आदमी पार्टी उत्तराखंड के ट्विटर हैंडल से ये वीडियो ट्वीट किया गया था. इसके कैप्शन में लिखा था,
खटीमा में ये क्या हो रहा है? पुष्कर धामी चुनाव प्रचार खत्म होने के बाद खुलेआम पैसे बांट रहे हैं. खटीमा से आम आदमी पार्टी के प्रत्याशी एसएस कलेर ने खुद धामी को रंगे हाथों पकड़ा तो धामी ने कैमरा बंद कराने की कोशिश की. चुनाव आयोग जल्द इसका संज्ञान ले.
वीडियो में क्या है?
आरोप के आधार पर वीडियो गौर से देखा गया तो पता चला कि सीएम धामी किसी से कैमरा बंद करने की बात कह रहे हैं. वीडियो में कुछ पुलिस अधिकारी भी दिख रहे हैं. इनमें से एक पुलिस अधिकारी से एक व्यक्ति कहता है,
क्या अब पुलिस वाले भी खुलेआम प्रचार करवाएंगे? सर कानून सबके लिए बराबर नहीं है? आप क्या कर रहे हैं उनके (सीएम धामी) साथ?
इस पर जब पुलिस अधिकारी ये बोलते नज़र आते हैं कि सीएम डोर टू डोर जा रहे हैं, तो वो व्यक्ति फिर कहता है,
आप पैसा बंटवा रहे हैं खुले आम? पुलिस वाले भी मिले हुए हैं, पैसा बंटवा रहे हैं.
वीडियो में कुछ लोग पुलिस पर भी आरोप लगाते दिखे कि वो वोटरों को पैसे बांटने में सीएम धामी का सहयोग कर रही थी.
क्या है सच?
हमने मामले को अच्छे से समझने के लिए AAP के एसएस कलेर से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने हमारा फोन नहीं उठाया. फिर हमने फोन मिलाया SHO दिनेश फर्त्याल को. ये वही पुलिस अधिकारी हैं जिन पर सीएम धामी के साथ पैसे बांटने का आरोप लगा है. वीडियो में दिनेश फर्त्याल भी दिखाई दे रहे हैं. हमने घटना के बारे में जानने और उन पर लगे आरोपों को लेकर उनसे बात की. उन्होंने हमें बताया,
हम सीएम की सुरक्षा के लिए उनके साथ मौजूद थे. वो डोर टू डोर चुनाव प्रचार कर रहे थे. पैसा बांटने जैसा कोई मामला हमें वहां नहीं दिखा.
हमने एसएचओ दिनेश फर्त्याल से पूछा कि वीडियो में एक शख्स आप पर भी आरोप लगा रहा है कि आप उनसे मिले हुए हैं और पैसे बांटने में उनकी मदद कर रहे हैं. इस पर उन्होंने कहा,
ये आरोप बिल्कुल झूठे हैं. हम सिर्फ वहां उनकी सुरक्षा के लिए थे. ऐसा कुछ मामला हमारे सामने नहीं आया.
यहां एक बार फिर बता दें कि सीएम पुष्कर सिंह धामी पर पैसे बांटने का आरोप लगाने वाले एसएस कलेर से संपर्क करने की कोशिश हमने की थी, लेकिन कई बार कॉल करने पर भी उन्होंने फोन नहीं उठाया. हालांकि आजतक को दिए इंटरव्यू में उन्होंने साफ कहा है कि क्षेत्र के लोगों को पैसा बंटवाया जा रहा है, लेकिन ये बात उन्होंने अपने वॉलंटियर के हवाले से कही है. और ऐसा कहते हुए कलेर ने पुष्कर सिंह धामी का नाम नहीं लिया है. इसके अलावा ऐसी कोई तस्वीर या वीडियो भी सामने नहीं आया है जिसमें सीएम धामी साफ-साफ चुनाव में वोट पाने के लिए पैसे बांटते दिखते हों. वायरल वीडियो में धामी कैमरा बंद करने की बात कह जरूर रहे हैं, लेकिन उनके ऐसा कहने की वजह साफ नहीं हो पाई है. चलते-चलते बता दें कि उत्तराखंड की 70 विधानसभा सीटों के लिए 14 फरवरी को वोट डाले गए. इस बार वोट प्रतिशत 62.50 रहा, जो पिछले चुनाव के मुकाबले तीन पर्सेंट कम है. तब उत्तराखंड में 65.64 पर्सेंट वोटर्स ने मतदान किया था.