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BJP की इनसाइड स्टोरी, जहां सीनियर नेता हाथ में इस्तीफा लिए बैठे हैं

क्या कल्याण सिंह ने कोई कटिया फंसा दी है?

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गुड्डू पंडित और उनका भाई मुकेश पंडित
यूपी भवन का एक कमरा. बीजेपी के एक बड़े नेता. आलाकमान के भरोसेमंद. यूपी के सीएम की रेस में शामिल. उनका दरबार लगा है. टिकट के तमाम दावेदार आ रहे हैं. सबको आश्वासन मिल रहा है. फिर पीछे के दरवाजे से आते हैं मुकेश पंडित. सिटिंग विधायक. सपा के. बुलंदशहर की शिकारपुर सीट से. श्रीभगवान शर्मा उर्फ गुड्डू पंडित के छोटे भाई. गुड्डू पंडित विधायक डिबाई सीट से. दोनों भाइयों ने जून 2016 में क्रॉस वोटिंग की. अखिलेश को टाटा, मोदी जी की हाहा. सपा से निकाले गए. मान लिया कि बीजेपी में आ गए. प्रचार करते रहे. संगीत सोम के साथ घूमे. कभी नोएडा के पंडित महेश शर्मा के पैर छूते दिखते, कभी किसी और के. दोनों भाइयों का बीजेपी से टिकट पक्का मान लिया जाए!

एंटर कल्याण सिंह

लोध नेता. अलीगढ़-एटा वाली बेल्ट में तीन दशकों से बीजेपी को थामने वाले. बीच का पीरियड छोड़ दें. जब उन्होंने राष्ट्रीय क्रांति पार्टी बनाई. इलाके में नाम. बाबूजी. बाबू जी परिवार के करियर खातिर बीजेपी में लौटे. 2012 में बेटा राजवीर और बहू प्रेमलता दोनों चुनाव हारे थे. अतरौली और डिबाई से. डिबाई याद आई. गुड्डू पंडित की सीट. हां तो कल्याण सिंह लौटे. 2014 में बेटे राजवीर को एटा से टिकट मिला. सांसदी मिल गई मोदी लहर में. अब राजू भइया बाबू जी का काम संभाल रहे हैं.

एंटर दलवीर सिंह

कल्याण सिंह के लंबे वक्त तक विरोधी रहे. उन्हीं के गृह जनपद अलीगढ़ के नेता. बरौली से विधायक. पहले जनता पार्टी और जनता दल की सियासत की. फिर सजपा-सपा इत्यादि. पिछला चुनाव रालोद के सिंबल हैंडपंप पर जीते. पांच साल विधायक दल नेता रहे. अब कमल खिलाएंगे. एक बार पहले भी सहायक बने थे. जब 1997 में मायावती के सपोर्ट के बाद कल्याण सिंह के लिए राजनाथ सिंह ने बाजीगरी की थी. क्या बसपा, क्या कांग्रेस, क्या जनता दल, सब टूटे थे. मगर तब से अब तक बहुत पानी बहा, हवा बदली.

दो एंटर के बाद एक इतिहास पाठ

वाया कार में सुनाए गए किस्से. एक बार फिर भाजपा के एक और उभरते नेता. अमित शाह के खास. सीएम के दावेदार. बोले, सीट तो बुलंदशहर में डीपी यादव का परिवार ही निकाल सकता है. मगर दिक्कत है. आप मीडिया वाले तुरंत हल्ला मचाने लगेंगे. हमने कहा, डीपी यादव की आड़ क्यों लेते हैं. 1997 में जब बहुमत हासिल किया था, तो साथ में हरिशंकर तिवारी, अमरमणि त्रिपाठी, राजा भैया और मार्कंडेय चंद भी तो लिए थे. सबके खिलाफ दर्जनों मुकदमे. हर तरह के. पार्टी विद डिफरेंस का रेफरेंस तो उसी दिन मिट गया था. फिर बात अखिलेश की तरफ मुड़ गई. कहा गया कि सबने अखिलेश की बड़ी बड़ाई की. डीपी यादव को 2012 के पहले पार्टी में आने से रोक दिया. मगर गुड्डू पंडित या राजा भैया पर किसी ने सवाल नहीं उठाया. बात जायज थी. और यहीं बात फंस गई. दो तरफ से. खुद गुड्डू पंडित के शब्दों में कल्याण सिंह राजभवन छोड़ कोपभवन में बैठे हैं. ये भवन है अलीगढ़ का उनका घर. हाथ में है इस्तीफे की धमकी. अगर गुड्डू पंडित को टिकट मिला तो ये ले अपनी लकुटि कमरिया. बाबू जी कित्ता सबर करें. दलबीर सिंह का आना पचा गए किसी तरह. विरोध उनका भी किया था. मगर दिल्ली वाली टीम ने कह दिया कि बरौली जीतना है कि नहीं. दलवीर नहीं तो बसपा के ठाकुर जयवीर सिंह निकाल ले जाएंगे सीट. मगर पंडित पर बाबू जी अड़ गए. सफल भी रहे. डिबाई में टिकट का ऐलान नहीं हुआ. और खुद उनकी सीट अतरौली, जहां वो 1989 में विधायक बने थे. महज 1400 वोटों से. वहां से राजवीर के बेटे संदीप सिंह को टिकट. मतलब नेहरू-गांधी परिवार के वंशवाद से लड़ने के लिए कल्याण सिंह की तीसरी पीढ़ी भी मैदान में. मैदान छोड़ने को गुड्डू-मुकेश भी तैयार नहीं. तीन दिन से मुलायम सिंह यादव का खेत खोद रहे हैं. गलती मना रहे हैं. मुलायम अब तक नहीं माने. उनका मान बेटे अखिलेश ने थान में लपेट ईंटों के भट्टे में डाल दिया है. ये राजनीति है. यहां कुछ भी शाश्वत नहीं.

पीएस

ये इंग्लिश का टर्म है. पूरी कहानी के बाद कुछ जोड़ने के लिए. अपने यहां इसे अवांतर प्रसंग या क्षेपक भी कहते हैं. तो क्षेपक. नाराज सिर्फ बाबू ही नहीं. अध्यक्ष जी (पढ़ें राजनाथ सिंह) और कलराज मिश्रा भी नाराज बताए जा रहे हैं. पहले को पुत्र पंकज के लिए टिकट चाहिए तो दूसरे को पुत्र अमित के लिए. पहले की दावेदारी गाजियाबाद की साहिबाबाद या नोएडा सीट पर है. दूसरे की लखनऊ ईस्ट पर, जहां कलराज 2012 में जीते थे. विधानसभा का चुनाव. कहते हैं कि ये दिग्गज कुछ रोज पहले मीटिंग से उठकर चले गए. गए तो नतीजा ये रहा कि जो लिस्ट आई है, उसमें इन सीटों पर कैंडिडेट नहीं बताए गए हैं अभी तक. खबरें समाप्त. ध्यान करें इरशाद कामिल का लिखा गीत. बोल हैं जावेद अली के. संगीत है ए आर रहमान का. फिल्म का नाम है रांझना. सभी नेताओं को जनता की फरमाइश पर ये गीत. मेरी हर होशियारी बस तुम तक https://www.youtube.com/watch?v=k09uvR5eUao
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