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बिहार में NDA के एक उम्मीदवार ने चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया

और अब जिस तरीके से नया टिकट दिया गया, उसने और फजीहत करवा दी है.

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सीतामढ़ी के एनडीए उम्मीदवार डॉक्टर वरुण कुमार (बाएं) ने नीतीश कुमार को अपना टिकट लौटा दिया है.
2019 के लोकसभा चुनाव में बिहार में एनडीए को बड़ा झटका लगा है. एनडीए के घटक दल बीजेपी, जेडीयू और लोजपा के सीट बंटवारे के बाद सीतामढ़ी की सीट जेडीयू के खाते में आई थी. जेडीयू ने यहां से डॉ. वरुरण कुमार को टिकट दिया था. लेकिन 3 अप्रैल की सुबह अचानक से डॉ वरुण कुमार ने चुनाव लड़ने से इन्कार कर दिया. डॉ. वरुण ने 3 अप्रैल की सुबह 11 बजे नीतीश कुमार से मुलाकात की और अपना सिंबल वापस कर दिया.
नाम वापस क्यों लिया डॉक्टर वरुण कुमार ने?
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ सीतामढ़ी के जेडीयू प्रत्याशी डॉक्टर वरुण कुमार.
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ सीतामढ़ी के जेडीयू प्रत्याशी डॉक्टर वरुण कुमार.

डॉक्टर वरुण कुमार सीतामढ़ी के चर्चित सर्जन हैं. वो पहली बार राजनीति में हाथ आजमाने के लिए उतरे थे. इसके बाद से ही कहा जा रहा था कि डॉक्टर वरुण ने कोई ज़मीनी राजनीति नहीं की है और पैसे के दम पर वो लोकसभा पहुंचने का सपना देख रहे हैं. वहीं सीतामढ़ी के ही रहने वाले और बीजेपी के समर्थन से एमएलसी बने देवेश चंद ठाकुर ने भी डॉक्टर वरुण के खिलाफ मोर्चा खोल दिया. उन्होंने कहा कि पूरे इलाके में ये चर्चा है कि वरुण कुमार ने पैसे देकर ये टिकट खरीदा है. अब इतने लोग कह रहे हैं तो मैं भी ऐसा ही मानता हूं. हालांकि देवेश चंद ठाकुर ने ये भी कहा कि इसमें नीतीश कुमार का नहीं, उनके अगल-बगल रहने वाले लोगों का हाथ है.
देवेश चंद ठाकुर के इस बयान के बाद से ही क्षेत्र में कार्यकर्ताओं के बीच नाराजगी शुरू हो गई. स्थानीय कार्यकर्ता इतने नाराज हो गए कि उन्होंने वरुण के साथ चलना ही छोड़ दिया. इससे वरुण परेशान हो गए. जब उन्हें कुछ नहीं सूझा तो उन्होंने अपना नाम वापस ले लिया.
फिर कौन होगा एनडीए का उम्मीदवार?
बीजेपी नेता सुनील कुमार पिंटू (बाएं) को जेडीयू से उम्मीदवार बनाया गया है.
बीजेपी नेता सुनील कुमार पिंटू (बाएं) को जेडीयू से उम्मीदवार बनाया गया है.

वरुण कुमार के नाम वापस लेने से जेडीयू के साथ ही एनडीए की भी फजीहत हो गई. एनडीए की नज़र तीन लोगों पर थी. पहले थे सुनील कुमार पिंटू, जो बीजेपी के नेता हैं. दूसरे थे पूर्व एमएलसी वैद्यनाथ प्रसाद और तीसरे थे सीतामढ़ी से आरजेडी के पूर्व सांसद रहे सीताराम यादव. सीताराम टिकट कटने की वजह से बागी हो गए थे. लेकिन अंतिम वक्त में एनडीए ने एक फैसला किया. फैसला ये कि बीजेपी के नेता सुनील कुमार पिंटू को जेडीयू में शामिल करवाया गया. इसके बाद उन्हें सीतामढ़ी से एनडीए का नया उम्मीदवार घोषित कर दिया गया. वहीं विपक्ष की ओर से आरजेडी उम्मीदवार और पूर्व सांसद अर्जुन राय मैदान में हैं, जो शरद यादव के करीबी रहे हैं. बिहार सरकार के मंत्री और मुंगेर से जेडीयू के उम्मीदवार ललन सिंह ने कहा है कि डॉ. वरुण कुमार ने पार्टी को लिख कर दिया है कि वो चुनाव लड़ने में असमर्थ हैं, इसलिए पार्टी ने फैसला किया है कि अब सुनील कुमार पिंटू सीतामढ़ी से एनडीए के उम्मीदवार होंगे. वहीं सुनील कुमार पिंटू ने भी कहा है कि जेडीयू और बीजेपी अलग नहीं हैं, इसलिए बीजेपी से जेडीयू में जाने-आने का कोई सवाल ही नहीं उठता. मैं एनडीए का हिस्सा हूं.

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