मेनिफेस्टो में क्या-क्या है?
बीते हफ़्ते एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रियंका गांधी ने महिला प्रतिनिधित्व को बढ़ाने के लिए एक बड़ी घोषणा की थी. उन्हें पार्टी की 40% सीटें महिलाओं के लिए रिज़र्व करने की बात कही थी. इस घोषणा को ख़ूब तूल मिली और वाहवाही भी. उन्होंने आज, यानी 1 नवंबर को, सुबह अपने ऑफिशियल टि्वटर हैंडल से ट्वीट किया,"उत्तर प्रदेश की मेरी प्रिय बहनों, आपका हर दिन संघर्षों से भरा है. कांग्रेस पार्टी ने उसको समझते हुए आपके लिए अलग से एक महिला घोषणा पत्र तैयार किया है. कांग्रेस पार्टी की सरकार बनने पर सालाना भरे हुए 3 सिलेंडर मुफ़्त दिए जाएंगे. प्रदेश की सरकारी बसों में महिलाओं के लिए यात्रा मुफ़्त!"
"आशा और आंगनबाड़ी की मेरी बहनों को प्रतिमाह 10,000 रुपये का मानदेय मिलेगा. नए सरकारी पदों पर आरक्षण के प्रावधानों के अनुसार 40% पदों पर महिलाओं की नियुक्ति होगी. प्रतिमाह 1000 रुपये वृद्धा-विधवा पेंशन मिलेगी. कांग्रेस पार्टी 40% टिकट महिलाओं को देगी."
शिक्षा और शिक्षा से जुड़ी सुविधाओं को संज्ञान में लेते हुए भी कुछ ऐलान कांग्रेस ने किए हैं. लिखा कि उत्तर प्रदेश की वीरांगनाओं के नाम पर प्रदेश भर में 75 दक्षता विद्यालय खोले जाएंगे. छात्राओं को स्मार्ट फोन और स्कूटी दी जाएगी.

(तस्वीर - सोशल मीडिया)
कुछ लोग इस घोषणापत्र को महिला सशक्तिकरण के एक नए अध्याय के रूप में देख रहे हैं. टिकटों में, नौकरी में आरक्षण के वादे बिला शक प्रोग्रेसिव हैं. और जब सिलेंडर के दाम आसमान छू रहे हैं, तब साल का तीन सिलिंडर मुफ्त देने के वादे को एक अच्छी पहल के रूप में देखा जा सकता है. लेकिन 'महिलाओं को मुफ्त सिलिंडर' वाली बात थोड़ी अटपटी लगती है, क्योंकि ये उसी सोच को बढ़ावा देता है कि औरतों की जगह रसोई में है. इससे बचा जा सकता था.














