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मंच पर मोदी के ठीक पीछे बैठी नेता शराब के चक्कर में जेल जा चुकी हैं

मामले में हाई कोर्ट ने जमानत दे दी थी.

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पीएम मोदी के साथ मंच शेयर कर रहीं मनोरमा देवी (लाल घेरे में) शराब रखने के आरोप में जेल जा चुकी हैं. फिलहाल जमानत पर बाहर हैं. उनके बेटे रॉकी को कोर्ट ने हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा दी है.
2 अप्रैल, 2019. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बिहार के गया में थे. पीएम मोदी को भाषण देना था, तो उनके लिए मंच भी बना था. मंच पर मौजूद थे पीएम मोदी, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी और केंद्रीय मंत्री राम विलास पासवान. मंच पर सभी लोग आगे बैठे हुए थे. पीछे जगह खाली थी और उसपर हरे रंग की साड़ी पहने एक महिला बैठी थी. महिला का नाम मनोरमा देवी था. जैसे ही लोगों को इस बात का पता चला, पीएम मोदी और नीतीश कुमार पर सवाल उठने शुरू हो गए.
कौन हैं मनोरमा देवी, जिसकी वजह से उठ रहे सवाल
रॉकी (बाएं) ने रोड रेज में आदित्य नाम के लड़के की गोली मारकर हत्या कर दी थी. उसे उम्रकैद की सजा हुई है. मनोरमा देवी (दाएं) उसी रॉकी की मां हैं.
रॉकी (बाएं) ने रोड रेज में आदित्य नाम के लड़के की गोली मारकर हत्या कर दी थी. उसे उम्रकैद की सजा हुई है. मनोरमा देवी (दाएं) उसी रॉकी की मां हैं.

साल 2016 में बिहार में एक चर्चित रोडरेज का मामला सामने आया था. 7 मई 2016 को 20 साल के आदित्य सचदेवा की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. हत्या रॉकी नाम के लड़के ने की थी. वजह ये थी कि आदित्य ने रॉकी की गाड़ी को ओवरटेक किया था, जिससे नाराज रॉकी ने आदित्य को गोली मार दी थी. मनोरमा देवी इसी रॉकी की मां हैं और जेडीयू कोटे से एमएलसी हैं. बाद में 6 सितंबर, 2017 को गया की एक अदालत ने रॉकी को उम्रकैद की सजा दी थी. उस वक्त खूब हंगामा हुआ था, क्योंकि सत्ता में जेडीयू और आरजेडी की सरकार थी और नीतीश कुमार मुख्यमंत्री थे.
और भी बहुत कुछ हैं मनोरमा देवी
रॉकी (बाएं) हत्या के लिए जेल गया, मनोरमा देवी (बीच में) शराब रखने के लिए जेल गईं और बिंदी यादव (दाएं) रॉकी को बचाने के चक्कर में जेल गए थे.
रॉकी (बाएं) हत्या के लिए जेल गया, मनोरमा देवी (बीच में) शराब रखने के लिए जेल गईं और बिंदी यादव (दाएं) रॉकी को बचाने के चक्कर में जेल गए थे.

रॉकी ने जब आदित्य सचदेवा की हत्या की तो उसके बाद वो फरार हो गया. इसके बाद पुलिस ने 9 मई, 2016 को एमएलसी मनोरमा देवी के पति और रॉकी के पिता बिंदेश्वरी प्रसाद उर्फ बिंदी यादव को गिरफ्तार कर लिया. लेकिन रॉकी गिरफ्तार नहीं हो पाया था. इसके बाद पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर मनोरमा देवी के घर छापेमारी की. रॉकी तो नहीं पकड़ा गया, लेकिन मनोरमा देवी के घर से शराब बरामद हो गई. तब बिहार में पूर्ण शराबबंदी का कानून लागू हो गया था. इसलिए केस मनोरमा देवी पर बनता था. फिर कोर्ट ने मनोरमा देवी की गिरफ्तारी के लिए वॉरंट जारी कर दिया. इसके बाद 17 मई, 2016 को मनोरमा देवी ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया. वहां से कोर्ट ने उन्हें जेल भेज दिया. इस बीच नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यूनाइटेड ने उन्हें पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया. 6 जून, 2016 को पटना हाई कोर्ट ने मनोरमा देवी को जमानत दे दी थी. बाद में 29 अक्टूबर, 2016 को रॉकी ने गया कोर्ट में सरेंडर कर दिया था. 6 सितंबर, 2017 को गया की एक अदालत ने रॉकी और उसके तीन साथियों को उम्रकैद की सजा दी थी.
शराब रखने के आरोप में जेल जा चुकीं मनोरमा देवी जमानत पर बाहर हैं. और जाहिर है कि वो पीएम मोदी के साथ मंच साझा कर रही हैं तो जेडीयू में उनकी वापसी भी हो गई है. लेकिन जवाब तो जेडीयू को देना ही होगा. क्योंकि उनकी सहयोगी पार्टी बीजेपी के नेता और केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह मंचों पर ये दावा करते रहते हैं कि उनकी लड़ाई जेल और बेल वालों से है. और मनोरमा देवी भी बेल पर ही बाहर हैं.

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