लोकसभा चुनाव के पांचवें फेज में महाराष्ट्र की 13 सीटों पर वोटिंग होना है. महाराष्ट्र में यह वोटिंग का लास्ट फेज है. यहां 48 लोकसभा सीटों में से 35 सीटों पर वोटिंग हो चुकी है. पांचवे फेज के चुनाव के पहले महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) ने लल्लनटॉप के संपादक सौरभ द्विवेदी से बात की है. इस बातचीत में उन्होंने तफ्सील से पहले शिंदे सरकार में शामिल होने से इंकार करने और फिर उपमुख्यमंत्री पद स्वीकारने की कहानी बताई है.
डिप्टी सीएम बनने को राज़ी नहीं थे फडणवीस, फिर PM मोदी ने फोन पर क्या कहा जो तैयार हो गए?
Eknath Shinde सरकार में Deputy CM देवेंद्र फडणवीस शुरुआत में सरकार का हिस्सा बनने के इच्छुक नहीं थे. पार्टी भी उनकी बात मान चुकी थी. लेकिन शपथ ग्रहण के दिन दिल्ली से आए फोन ने उन्हें उपमुख्यमंत्री बनने के लिए तैयार कर दिया. जानें पूरी इनसाइड स्टोरी.

30 जून 2022 को BJP और शिंदे गुट शिवसेना ने मिलकर सरकार बनाई थी. इस सरकार में एकनाथ शिंदे को सीएम और देवेंद्र फडणवीस को उपमुख्यमंत्री बनाया गया. देवेंद्र फडणवीस इससे पहले राज्य के मुख्यमंत्री रहे थे. वे इस सरकार में डिप्टी बनने को तैयार नहीं थे. जब उनसे इस बारे में सवाल पूछा गया तो उन्होंने बताया,
जिस समय हमने शिंदे जी के साथ जाना तय किया तो मेरा अपना मानना था कि हमें शिंदे जी को ही मुख्यमंत्री बनाना चाहिए. मैंने उनसे बात की उसके बाद हमारी पार्टी के सीनियर नेताओं से बात की. उनको लगता था कि हमारी 115 सीट हैं ऐसा कैसे हो सकता है. लेकिन बाद में हाईकमान को भी लगा कि इससे शिंदे गुट के लोगों को कॉन्फिडेंस मिलेगा. और एक मैसेज जाएगा कि अगर हमने उद्धव ठाकरे को सीएम बनाने का वादा किया होता तो उनको भी बनाते. जिस समय यह निर्णय हुआ मैंने पार्टी से कहा कि मुझे सरकार से बाहर रहने दीजिए. इसका कारण ये था कि मुझे लगा कि लोगों के मन में मेरी छवि एक लालची नेता की बनती. जो कुछ समय पहले सीएम था और अब सत्ता के लालच में डिप्टी सीएम या मंत्री पद भी स्वीकार लिया.
देवेंद्र फडणवीस बताते हैं कि उस समय पार्टी ने उनकी बात मान ली. लेकिन शपथग्रहण के दिन पहले अमित शाह और फिर पीएम मोदी ने उनको फोन कर डिप्टी सीएम पद स्वीकार करने का अनुरोध किया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनसे कहा,
एक नेता के रूप में आपको दुविधा हो सकती है लेकिन एक कार्यकर्ता के रूप में आपको दुविधा नहीं होनी चाहिए. क्योंकि पार्टी के नेता आप हो और कोई सरकार बाहर से नहीं चलती. एक्सट्रा कॉन्सटीट्यूशनल अथॉरिटी सरकार चलाए ये हमें मंजूर नहीं है. ये सरकार सही से चलनी चाहिए आपके पास अनुभव है और हम सबसे बड़ी पार्टी भी है. हमको इस सरकार को स्टीयर करना होगा और इसके लिए आपका रहना जरूरी है.
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फडणवीस ने कहा कि थोड़ी निराशा के साथ उन्होंने इस ऑफर को स्वीकार कर लिया. लेकिन इसके बाद जब प्रधानमंत्री ने इस विषय पर ट्वीट किया तो उन्हें पूरे देश के नेताओं और कार्यकर्ताओं के फोन आने लगे. फडणवीस ने कहा कि लोग फोन कर कह रहे थे कि जिस तरह का त्याग उन्होंने किया है उस पर नाज़ है. इसके बाद उन्हें महसूस हुआ कि वो कुछ गलत नहीं कर रहे हैं.
शिवसेना शिंदे गुट ने BJP के साथ मिलकर महाराष्ट्र में सरकार बनाई थी. जिसमें बाद में NCP का अजित पवार गुट भी शामिल हो गया.
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