क्या कहा मतदाताओं ने? मतदाताओं ने बताया कि 6-7 लोग वोट डालने पहुंचे. वहां जैसे ही हाथी का बटन दबाया, पर्ची फूल यानी कमल की निकलकर आई. ऐसा लगातार होता रहा. इस पर बूथ पर मौजूद अधिकारियों से शिकायत की गई. वोटरों के मुताबिक अधिकारियों ने गलती को स्वीकार किया. फिर इसकी जानकारी आला अफसरों को दी गई. अधिकारियों के साथ गठबंधन के कार्यकर्ताओं ने इसकी जानकारी प्रत्याशी मलूक नागर को भी दी.
मलूक नागर ने आरोप लगाया कि,
'करीब एक घंटे पहले शिकायत मिली है. कि हर पांचवीं-चौथी वोट... कई बार लगातार... जो हाथी पर दबा रहे हैं, वो फूल पर जा रही है. अभी जैसा हमने देखा है तो जो हमारे सामने डाला है. उसको बिलकुल जो डाल के बाहर निकला है कि साहब मैंने हाथी पर दबाया और फूल पर निकला है. तो ये तो बिलकुल... सरेआम... खुल्लमखुल्ला गुंडागर्दी हो रही है. और कहीं पर जहां मुस्लिम इलाके हैं, वहां पर एक-एक, डेढ़-डेढ़ घंटे के लिए मशीनें बंद कर रखी हैं... कहीं पर जहां पर मुस्लिम इलाके हैं, वहां पर बगैर मतलब के उनको दौड़ा-दौड़ा करके डरा-डरा करके भगाया जा रहा है, जिससे वोट न डाल पाएं.'

यूपी में EVM में गड़बड़ी के आरोप लगे थे, अब एक मामला और है जो सवाल खड़े करता है.
क्या कहा अधिकारियों ने? बिजनौर के सेक्टर मजिस्ट्रेट राकेश कुमार ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि ऐसी कोई घटना नहीं हुई है. चुनाव शांतिपूर्ण तरीके से कराए जा रहे हैं. मॉक पोलिंग के दौरान ऐसी कुछ बातें सामने आई थीं. इसलिए पूरे सेट को ही बदल दिया गया था. बिजनौर सीट पर कुल 13 प्रत्याशी चुनावी मैदान में हैं. इनमें बीजेपी से राजा भारतेंद्र सिंह, कांग्रेस नसीमुद्दीन सिद्दकी और सपा-बसपा गठबंधन से मलूक नागर प्रत्याशी हैं.
कैराना में कोई भी बटन दबाने पर वोट निर्दलीय को! कैराना लोकसभा के थानाभवन कस्बे के लाला लाजपत राय कन्या इंटर कालेज में ईवीएम में खराबी की शिकायत आई. यहां के बूथ नंबर 138 में EVM में खराबी की खबर आई. मतदाताओं ने आरोप लगाया कि कोई भी बटन दबाने पर वोट निर्दलीय प्रत्याशी को जा रहा है. इसका खुलासा वीवीपैट की पर्ची से हुआ. ऐसा होने पर मतदाताओं ने हंगामा किया और वोटिंग रुकवा दी. पीठासीन अधिकारी ने कहा, तकनीकी खराबी के कारण ऐसा हो रहा था.

वोटिंग मशीन का लोग काफी समय से विरोध कर रहे हैं. फाइल फोटो.
ईवीएम पर बार-बार सवाल क्यों? लोकसभा 2014 के चुनाव के बाद से ही विपक्षी दल ईवीएम पर सवाल खड़े करते रहे हैं. आरोप लगता रहा है कि किसी भी पार्टी का बटन दबाने पर वोट भाजपा को जाता है. अप्रैल, 2017 में मध्य प्रदेश के दो विधानसभा क्षेत्रों के उपचुनाव के दौरान भी ऐसे ही आरोप लगे थे. भिंड जिले के अटेर में ईवीएम मशीन के डेमो के दौरान किसी भी बटन को दबाने पर वीवीपैट पर्ची भाजपा की निकल रही थी. इस पर राज्य निर्वाचन अधिकारी सेलिना सिंह ने जिले के डीएम और एसपी को हटा दिया था. जांच करने पहुंची चुनाव आयोग की टीम ने मशीन में खराबी पाई. भोपाल में मीडिया के सामने इन अधिकारियों ने ये भी बताया कि इस मशीन का इस्तेमाल यूपी विधानसभा चुनाव के दौरान कानपुर में किया गया था. उस वक्त बसपा प्रमुख मायावती ने इस पर कड़ी नाराजगी जताई थी. इसके बाद से विपक्षी दल ईवीएम पर सवाल उठा रहे हैं.
वीडियोः जमुई की इस महिला ने कहा, गरीबों से पैसे लेती है मोदी सरकार, इंदिरा गांधी के समय में नहीं लगते थे पैसे











