कांग्रेस की नई लिस्ट में इन तीन नामों के पीछे पार्टी की एक प्लैनिंग छिपी है
7 सीटों पर प्रत्याशियों के नाम जारी किए हैं.
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कांग्रेस ने नई लिस्ट में मनीष तिवारी और ज्योतिरादित्य सिंधिया का भी नाम है.
लोकसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस की नई लिस्ट जारी हो गई है. इस लिस्ट में कुल 7 नामों का ऐलान हुआ है. नई लिस्ट में कांग्रेस के महासचिव ज्योतिरादित्य सिंधिया और पूर्व केंद्रीय मंत्री मनीष तिवारी का नाम भी शामिल है. सिंधिया को उनकी पारंपरिक सीट गुना से उतारा है, तो मनीष तिवारी को पंजाब के आनंदपुर साहिब सीट से उम्मीदवार बनाया गया है.
कांग्रेस की इस लिस्ट की तीन मुख्य बातें हैं, जिन्हें बारी-बारी से समझिए. #1. मनीष तिवारी फिर से चुनावी मैदान में उतर रहे हैं. उन्हें आनंदपुर साहिब टिकट मिला है. पिछले चुनाव यानी कि साल 2014 में भी उनका नाम इसी सीट से फाइनल हुआ था, लेकिन टिकट मिलने के तुरंत बाद उन्होंने चुनाव लड़ने से मना कर दिया था. कहा था ‘स्वास्थ्य खराब है, चुनाव नहीं लड़ सकता’. जिसपर विपक्षियों ने कहा था उनका ही नहीं, उनकी पार्टी का भी स्वास्थ्य खराब है, इसलिए मैदान छोड़ दिया. मनीष तिवारी के चुनाव नहीं लड़ने के बाद अंबिका सोनी चुनावी मैदान में उतरी थीं. जिसमें उन्हें अकाली दल के प्रेम सिंह चंदूमाजरा से हार का सामना करना पड़ा था. मनीष तिवारी 2014 से पहले 2009 में लुधियाना से सांसद बने थे. जबकि इसी सीट से वो 2004 में हार गए थे. अब 2019 चुनाव के लिए उन्हें आनंदपुर साहिब सीट से उतारा गया. मनीष तिवारी के नाम के साथ कांग्रेस ने संगरूर सीट से केवल सिंह ढिल्लों का भी नाम फाइनल किया है. 2 नामों के ऐलान के बाद पंजाब में कांग्रेस ने 11 नामों को फाइनल कर दिया है. अब बाकी की 2 सीटों के लिए पार्टी सामने वाली पार्टी के कैंडिडेट के नाम का इंतजार कर रही है. #2. ज्योतिरादित्य सिंधिया पर फिर से पार्टी ने भरोसा जताया है. उन्हें पार्टी ने गुना सीट से चुनाव में उतारा है. इससे पहले जब सिंधिया को पश्चिमी यूपी का प्रभारी बनाया गया था तब खबरें आईं कि सिंधिया की जगह उनकी पत्नी प्रियदर्शिनी सिंधिया को गुना सीट से उतारा जाएगा. लेकिन पार्टी ने फिर से सिंधिया पर ही भरोसा जताया. उसके पीछे बड़ी वजह ये भी है कि हाल ही में पार्टी ने सिंधिया और कमलनाथ के नेतृत्व में मध्य प्रदेश में सरकार बनाई है. पार्टी सिंधिया के ज़रिए लोकसभा चुनाव में भी विधानसभा वाली बढ़त हासिल करने की कोशिश कर रही है. विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी ने 230 में 114 सीटें हासिल की थी. जबकि मध्यप्रदेश की 29 लोकसभा सीटों में से 26 पर बीजेपी और सिर्फ 3 सीटों पर ही कांग्रेस का कब्ज़ा है. #3. जम्मू कश्मीर की 6 सीटों के लिए कांग्रेस ने नेशनल कान्फ्रेंस के साथ गठबंधन किया है. दोनों पार्टियों के बीच से फैसला हुआ कि जम्मू और उधमपुर से कांग्रेस अपने प्रत्याशी उतारेगी, वहीं अनंतनाग और बारामुला से दोनों पार्टियों के कैंडिडेट चुनावी मैदान में होंगे. फारूक अब्दुल्ला खुद श्रीनगर सीट से चुनाव लड़ेंगे. काफी वक्त तक ये फैसला नहीं हो पाया था कि लद्दाख की सीट किसके पास जाएगी. कांग्रेस की नई लिस्ट में लद्दाख सीट से रिगिन स्पलबार का नाम है. जिसके बार सारा समीकरण साफ हो गया. पिछले चुनाव में जम्मू कश्मीर में कांग्रेस का खाता भी नहीं खुला था. जबकि बीजेपी ने 3 और पीडीपी ने 3 सीटों पर कब्ज़ा जमाया था. साल 2016 में श्रीनगर सीट से तारीक हामीद कर्रा के इस्तीफे के बाद 2017 में फारूक अब्दुल्ला सांसद बने थे. अब कांग्रेस की नज़र जम्मू कश्मीर में भी पार्टी की स्थिति सुधारने पर है.
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