'बीकानेर से धर्मेंद्र जी और मथुरा से हेमा जी ने संसद पहुँचकर जैसे हमारा लोकतंत्र मज़बूत किया, वैसे ही अपनी अंतिम फ़िल्म 'भाईसाहब' के बाद गुरुदासपुर से लोकतंत्र मज़बूत करने के लिए सन्नी देओल संसद जाने हेतु चुनाव में उतरें हैं! हम और हमारा 'लोकतंत्र' शायद यही डिज़र्व भी करते हैं.'कुमार विश्वास के इस ट्वीट पर फौरन रिएक्शन भी आने लगे. राज आनंद नाम के एक ट्विटर यूजर ने लिखा,बीकानेर से धर्मेंद्र जी और मथुरा से हेमा जी ने संसद पहुँचकर जैसे हमारा लोकतंत्र मज़बूत किया, वैसे ही अपनी अंतिम फ़िल्म “भाईसाहब” के बाद गुरुदासपुर से लोकतंत्र मज़बूत करने के लिए सन्नी दयोल संसद जाने हेतु चुनाव में उतरें हैं ! हम और हमारा “लोकतंत्र” शायद यही डिज़र्व भी करते है🙏🇮🇳
— Dr Kumar Vishvas (@DrKumarVishwas) April 29, 2019
'आप भी तो आम आदमी पार्टी से अमेठी में लोकतंत्र मजबूत करने गए थे. मगर अफसोस वहां की जनता ने आपको दो टके के गवइया से ज्यादा कुछ नहीं समझा. शायद आप यही डिज़र्व भी करते हैं.'इस यूजर को कुमार विश्वास ने तुरंत ब्लॉक कर दिया. रजनीश बांकुरा नाम के एक ट्विटर हैंडल ने राज आनंद की बात का समर्थन किया. और ट्वीट किया-आप भी तो आम आदमी पार्टी से अमेठी मे लोकतंत्र मजबूत करने गए थे मगर अफसोस वहा की जनता ने आपको 2 टके के गवइया से ज्यादा कुछ नहीं समझा. शायद आप यही डिज़र्व भी करते है🙏🇮🇳
— Raj Anand 🇮🇳 (@rajanandbjp) April 29, 2019
'भाई आपने चुभती चीज लिख दी. ऐसे ही कुछ दिन पहले किसान गजेंद्र, जो इन लोगों की नज़रों के सामने शहीद हुआ, उसके बारे में इनसे सवाल पूछा, कुमार जी के मुखारविंद से कुछ नहीं निकला. यहीं पर आप इनकी किताब की तस्वीर पोस्ट करके 2 शब्द लिख दो, तुरंत लाइक मिलेगा. ये हैं लोकतंत्र के प्रहरी.'आम आदमी पार्टी में साइडलाइन हैं कुमार विश्वास कभी आम आदमी पार्टी के प्रमुख चेहरों में शामिल रहे कुमार विश्वास इन दिनों पार्टी में साइडलाइन हैं. कहा जाता है कि अरविंद केजरीवाल से मतभेदों के चलते कुमार विश्वास को पार्टी में किनारे कर दिया गया है. वक्त-बेवक्त वे आम आदमी पार्टी और अरविंद केजरीवाल पर भी तंज कसते रहते हैं. बीच में उनके भाजपा में शामिल होने की चर्चाएं थीं. पर अब वे सनी देओल के जरिए भाजपा के परिवारवाद पर हमला कर रहे हैं. वैसे कुमार विश्वास अब तक आम आदमी पार्टी में ही हैं. न तो उन्हें पार्टी ने निकाला है. और न उन्होंने पार्टी छोड़ी है.भाई आपने चुभती चीज लिख दी। ऐसे ही कुछ दिन पहले किसान गजेन्द्र जो इन लोगों की नज़रों के सामने शहीद हुआ, उसके बारे में इसे सवाल पूछा, कुमार जी के मुखारविंद से कुछ नहीं निकला। यहीं पर आप इनकी किताब की तस्वीर पोस्ट करके 2 शब्द लिख दो, तुरंत लाइक मिलेगा। ये हैं लोकतंत्र के प्रहरी।
— Rajneesh Bankura (@rajneeshbankura) April 29, 2019
वीडियोः दिल्ली में सरकारी स्कूल को पोलिंग बूथ नहीं बनने देना चाहती है बीजेपी-कांग्रेस?














