सपा और बसपा दोनों को ही हाल में हुए विवादों का नुकसान झेलना पड़ सकता है. ओपिनियन पोल के मुताबिक मायावती की बसपा 115-124 सीटों के साथ UP में दूसरे नंबर पर रहेगी. BSP को कुछ नेताओं को खोने का नुकसान उठाना पड़ा है. उधर सपा घर की ही लड़ाई में फंसी हुई है.
इंडिया टुडे-एक्सिस पोल के मुताबिक सपा तीसरे नंबर पर है और उसे 94 से 103 के करीब सीटें मिलने के आसार हैं. जहां तक कांग्रेस का सवाल है तो जैसा कि हमेशा ही होता है, कांग्रेस मुकाबले में कहीं से भी टक्कर देती नहीं दिख रही है और उसे ओपिनियन पोल में 8 से 12 सीटें ही मिलती दिख रही हैं. जबकि कांग्रेस ने इस बार UP चुनावों के लिए कोई कोर-कसर नहीं छोड़ रखी है. पार्टी उपाध्यक्ष राहुल गांधी किसान यात्रा और खाट सभा में खूब चांप के जोर आजमाइश कर रहे हैं. वैसे अगर सच में ऐसा हो गया तो ये यूपी में कांग्रेस की अब तक की सबसे खराब परफॉर्मेंस होगी.

किसको मिलेगी कितनी सीट?
ओपिनियन पोल में पहली बार BJP दूसरी पार्टियों से लीड लेती दिखाई दे रही है. इससे पहले अगस्त में हुए C-वोटर ओपिनियन में भी BJP और सपा में कांटे की टक्कर दिखाई गई थी. उसी महीने हुए CSDS ओपिनियन पोल में सपा को सबसे बड़ी पार्टी बताया गया था. इस पोल में BJP दूसरे नंबर पर थी.
इंडिया टुडे और एक्सिस ने ये पोल किया कैसे है?
पोल 5 सितंबर से 5 अक्टूबर एक महीने के दौरान आंकड़े जुटा कर किया गया है. सभी 403 विधानसभा में 22 हजार से ज्यादा लोगों के इंटरव्यू करके उनकी राय जानी गई. सर्वे टीम ने हर असेंबली सीट के 50 लोगों का सेम्पल साइज लिया. इसके जरिए ये आंकड़े निकाले गए हैं.सपा की लुटिया डूबती दिख रही है
ओपिनियन पोल के मुताबिक UP में सपा के खिलाफ लोगों के दिल में माहौल बन रहा है. सर्वे में लोगों से 17 अलग-अलग टाइप की चीजों के बारे में सवाल पूछा गया था. जिसमें सड़क, बिजली, पीने का पानी, हेल्थ सर्विसेज, एजुकेशन, लॉ एंड ऑर्डर से लेकर रोजगार के अवसर तक शामिल थे. लोगों को बताना था कि सपा के काम से लोग कितने खुश हैं.ओपिनियन पोल का जो रिजल्ट आया है, उसके हिसाब से सपा डूबती दिख रही है. लोगों ने सपा के काम को बहुत कम नंबर दिए हैं. करीब 60 परसेंट लोग सपा के काम से खुश नहीं हैं. एक तिहाई से भी कम लोगों का मानना है कि सपा की परफॉर्मेंस बढ़िया रही है और वो उसके काम से खुश हैं.
UP में चुनाव हो और जाति की बात न हो, अइसा कइसे?
BJP को इस बार यूपी में जमके OBC वोट मिलने के आसार हैं. यही उसके आगे निकलने का रीजन भी है. स्टेट में 44 परसेंट गैर यादव OBC हैं. जिनके वोट इस बार BJP को जाते दिख रहे हैं.ज्यादातर सवर्ण वोट भी BJP को ही मिलते दिख रहे हैं. काहे से 61 फीसदी ने अपनी पहली पसंद कमल को बताया है.
हालांकि सपा के फेवर में उनका हमेशा का यादव वोट मजबूती से डटा है. 67 परसेंट यादव सपा के फेवर में हैं. उधर सपा को 58 परसेंट मुसलमानों का साथ भी मिलेगा, जो उसके फेवर में है. वहीं 21 फीसदी मुसलमान मायावती के साथ हैं.
देश में दलित विरोधी कई घटनाओं से BJP की मायावती के दलित वोटबैंक में सेंधमारी की कोशिश नाकाम हो गई है. और दलितों में 71 फीसदी वोटर अभी भी मायावती के पीछे खड़े हैं.
4 रीजनल एंगल भी हैं इसमें
4 रीजनल एंगल ये हैं कि BJP जहां पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में आगे दिख रही है, वहीं सपा को मध्य यूपी और अवध में मामूली बढ़त नजर आ रही है.अंडर डेवलप्ड बुंदेलखंड में बहिनजी की BSP को बढ़त हासिल है. वेस्ट यूपी में बीजेपी 31 परसेंट वोट शेयर के साथ सबसे आगे हैं. वहीं SP और BSP दोनों के ही खाते में 27-27 फीसदी वोट जाते दिख रहे हैं.
मध्य यूपी में SP 29 फीसदी वोट शेयर के साथ सबसे आगे है. वहीं BSP 28 फीसदी वोटों के साथ दूसरे नंबर पर और BJP 26 फीसदी वोटों के साथ तीसरे नंबर पर दिख रही है. पूर्वी यूपी में BJP को 33 फीसदी वोटरों का समर्थन मिल रहा है. वहीं BSP 28 फीसदी वोट शेयर के साथ दूसरे और SP 22 फीसदी के साथ तीसरे नंबर पर है.
UP का अगला CM कौन?
यूपी के CM के तौर BSP सुप्रीमो मायावती वोटर्स की पहली पसंद हैं. उन्हें 31 परसेंट वोटर उनको CM देखना चाहते हैं. इस मामले में मौजूदा CM अखिलेश यादव दूसरे नंबर पर हैं. उन्हें 27 परसेंट वोट मिले हैं. तीसरे नंबर पर देश के गृह मंत्री और यूपी के पूर्व सीएम राजनाथ सिंह हैं. उन्हें 18 परसेंट वोटर यूपी का CM बनते देखना चाहते हैं. मुख्यमंत्री के तौर पर चौथे पायदान पर गोरखपुर से BJP सांसद योगी आदित्यनाथ हैं. उन्हें 14 परसेंट वोटरों ने सीएम के तौर पर अपनी पसंद बताया है.वोटर नहीं चाहता है कांग्रेस मुक्त भारत
54 परसेंट वोटर ने कहा है कि वो कांग्रेस मुक्त भारत की बात से वो इत्तेफाक नहीं रखता है. इस बात के अलावा ओपिनियन पोल में ऐसा कुछ सामने नहीं आया है, जिससे इस पार्टी को राहत मिल सके.19 परसेंट वोटर चाहता है कि प्रियंका गांधी कांग्रेस में कोई मजबूत रोल प्ले करें. वैसे अभी कांग्रेस ने शीला दीक्षित को CM फेस प्रोजेक्ट किया हुआ है. पर मात्र 1 परसेंट वोटर ही शीला को बतौर CM देखना चाहता है.
गाय कोई मुद्दा ही नहीं यूपी में
करीब एक तिहाई वोटर ये भी बोले हैं कि सेंटर के काम को ध्यान में रखते हुए भी वो UP elections में वोट करेंगे. मुद्दों की बात करें तो राम मंदिर का मुद्दा वोटर के लिए कोई इंपॉर्टेंस नहीं रखता. सबसे बड़ा चुनावी मुद्दा माना है वोटर ने डेवलपमेंट.रोजगार के अवसर, सड़क, बिजली और पीने के पानी जैसे अन्य मुद्दे हैं जिनको वोटर काम परखने का आधार मान रहे हैं. इस सवाल के जवाब में कि BJP को किस मुद्दे पर अपना फोकस रखना चाहिए. 88 परसेंट वोटर ने डेवलपमेंट को जवाब के रूप में चुना. सबसे चौंकाने वाली बात ये रही कि गाय के ऊपर चल रही सारी पॉलिटिक्स के बीच UP का केवल 1 परसेंट वोटर गाय संरक्षण को कोई मुद्दा मानता है. सर्जिकल स्ट्राइक के बारे में भी लोगों से पूछा गया और 90 परसेंट लोगों ने सर्जिकल स्ट्राइक को सही ठहराया.
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