"राफेल: द स्कैम दैट रॉक्ड द नेशन".इस किताब को लॉन्च करने वाले थे द हिंदू अखबार के संपादक- एन. राम. अपने अखबार में एन. राम ने राफेल डील पर कई रिपोर्ट्स छापी थीं. कई खुलासे किए थे, कई आरोप लागए थे. मोदी सरकार के टॉप मंत्रियों को बचाव करने के लिए सामने आना पड़ा था. लेकिन ऐन वक्त पर चुनाव अधिकारियों ने इस किताब का लॉन्च रुकवा दिया है.

एन. राम के खिलाफ राफेल डील के डॉक्यूमेंट पब्लिक करने के लिए ऑफिशियल सीक्रेट एक्ट के तहत कार्रवाई करने की चेतावनी भी दी गई थी.
इस मुद्दे पर किताब के संपादक पीके राजन ने मीडिया से कहा-
इस किताब में कुछ भी ऐसा नहीं है जो पब्लिक डोमेन यानी सार्वजनिक नहीं है. बस उस जानकारी को एक जगह इकट्ठा किया गया है.स्कूल ने नहीं दी इजाज़त, पब्लिकेशन हाउस में रखा गया प्रोग्राम
किताब लॉन्चिंग प्रोग्राम पहले एक स्कूल में होना था. लेकिन स्कूल ने आचार संहिता का हवाला देते हुए कार्यक्रम की इजाज़त नहीं दी. इसके बाद किताब के प्रकाशक भारती पब्लिकेशन ने अपने दफ्तर में ही किताब को लॉन्च करने का फैसला लिया. लेकिन लॉन्च से पहले ही चुनाव आयोग की फ्लाइंग स्कॉड आई और किताबों की कुल 142 प्रतियों को ज़ब्त कर लिया. भारती पब्लिकेशन के संपादक ने इसे पूरी तरह से ग़लत करार दिया है. उन्होंने कहा-
''भारती पब्लिकेशन इस कार्रवाई के खिलाफ मद्रास हाईकोर्ट जाएगा.''वहीं राफेल मुद्दे पर द हिंदू अखबार में खबरों की सीरीज़ चलाने वाले वरिष्ठ पत्रकार एन. राम बोले-
''ये बैन अलोकतांत्रिक और गैर-कानूनी है. ये बोलने की स्वतंत्रता और प्रेस पर रोक लगाने के लिए किया गया है. ये किताब आचार संहिता का उल्लंघन नहीं करती है.''

इस रेड के बारे में तमिलनाडू के मुख्य चुनाव आयुक्त को जानकारी नहीं थी. उन्होंने रिपोर्ट मंगाई है. फोटो- फेसबुक/साकेत गोखले)
जब इस मामले के बारे में तमिलनाडु के मुख्य चुनाव आयुक्त सत्यव्रत साहू से पूछा गया, तो उन्होंने मामले की जानकारी होने से इनकार कर दिया. हालांकि इस मुद्दे के सामने आने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर बनी बायोपिक फिल्म पीएम नरेंद्र मोदी और नमो चैनल के खिलाफ कांग्रेस ने चुनाव आयोग में शिकायत की थी. इसपर अभी फैसला आना बाकी है.
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