The Lallantop

'आप क्यूं पूछ रहे', लल्लनटॉप रिपोर्टर के सवाल से क्यों तमतमा गए हिमंता बिस्वा सरमा?

असम की 126 विधानसभा सीटों के लिए वोटिंग चल रही है. असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा अपने विधानसभा क्षेत्र में वोट देने पहुंचे थे. इस दौरान उनसे विपक्षी नेताओं के लिए असंसदीय भाषा के इस्तेमाल को लेकर लल्लनटॉप के रिपोर्टर ने उनसे सवाल पूछा. हिमंता सवाल का जवाब देने के बजाए भड़क गए और लल्लनटॉप की भाषा पर सवाल उठाने लगे.

Advertisement
post-main-image
लल्लनटॉप के सवाल पर भड़क गए असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा. (The Lallantop)

Quick AI HighlightsClick here to view more

  • असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने पवन खेड़ा के खिलाफ विवादित और आपत्तिजनक बयान दिए जो कांग्रेस नेता पर हुए गंभीर आरोपों के बाद आए।
  • पवन खेड़ा ने हिमंता बिस्वा सरमा और उनकी पत्नी रिनिकी भुइयां सरमा पर तीन पासपोर्ट होने समेत गंभीर आरोप लगाए थे, जिसे दोनों ने अस्वीकार कर मानहानि का केस किया।
  • हिमंता की भाषा को लेकर सवाल उठने पर उन्होंने लल्लनटॉप की भाषा पर तंज कसा, जिससे मीडिया में उनकी और लल्लनटॉप के बीच विवाद सामने आया।

‘राहुल गांधी भी पागल है, ये पवन खेड़ा उससे भी बड़ा पागल है.’ ‘पवन खेड़ा को मैं पवन पेड़ा बना दूंगा.' ‘मैं उसको (पवन खेड़ा) ठीक से पेलूंगा.’ ये असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के बयान हैं, जिन पर लल्लनटॉप ने उनसे सवाल पूछा तो सरमा बमक गए. उल्टा लल्लनटॉप की भाषा पर सवाल उठाने लगे. ये सब तब हुआ, जब 9 अप्रैल को असम चुनाव के दौरान सीएम हिमंसा बिस्वा सरमा वोट देने के बाद पत्रकारों से बात कर रहे थे. इस दौरान ‘दी लल्लनटॉप’ के रिपोर्टर सिद्धांत मोहन ने कांग्रेस और पवन खेड़ा को लेकर उनकी भाषा को लेकर सवाल किया. उनका जवाब क्या रहा आप खुद  ही पढ़ लीजिए.

Advertisement

रिपोर्टर : पोल डेट से पहले कांग्रेस पार्टी ने फिर से आप पर आरोप लगाए हैं.

मख्यमंत्री हिमंता : कहां की कांग्रेस पार्टी. कहां रहता है ये पार्टी? कहां है ये कांग्रेस? क्या पार्टी है ये? मैं तो नाम भी नहीं सुना हूं. क्या चीज बताइए तो थोड़ा.

Advertisement

रिपोर्टर : पवन खेड़ा ने बोला कि आप…

मख्यमंत्री हिमंता : कौन पवन खेड़ा. वो तो भगोड़ा है. उनका जवाब मैं क्यों दूं?

रिपोर्टर : उन्होंने (पवन खेड़ा) बोला है मैं डरने वाला नहीं हूं.

Advertisement

मुख्यमंत्री हिमंता : अरे बोलने से अलग बात है. हम जैसा लोग हो न. हमलोग आ ही जाते हैं. बोलने वाला तो टीवी मिलने पर फोकट में बहुत लोग होगा. करना अलग बात है.

रिपोर्टर : क्या आपको लगता है कि चुनावी कैंपेन के आखिरी फेज में सीएम हिमंता बिस्वा सरमा की भाषा असंसदीय हुई है. क्योंकि आपने ‘पेल दूंगा’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया है.

मुख्यमंत्री हिमंता : मेरी भाषा लल्लनटॉप से हमेशा अच्छी होती है.

रिपोर्टर : नहीं सर, नहीं सर. लल्लनटॉप को आपसे सर्टिफिकेट नहीं चाहिए सर.

हिमंता : मुझे भी आपसे सर्टिफिकेट नहीं चाहिए.

रिपोर्टर : मैं तो आपसे सवाल पूछ रहा हूं सर.

हिमंता : क्यूं आप सवाल पूछ रहे हैं. 

रिपोर्टर : आपको लगता है कि आपकी भाषा असंसदीय हुई. आपने गाली दिया. 

हिमंता : आपने मुझसे अपॉइंटमेंट लिया. नहीं आप ऐसा मत करो. मैं आपको कोई प्रेस वार्ता में बुलाया नहीं हूं. आप मुझसे क्यूं सवाल करेंगे. आपको टीवी में देखकर मुझे लगा कि आपकी भाषा बहुत खराब है.

रिपोर्टर : ठीक है सर. लल्लनटॉप को किसी भी पार्टी के नेता से सर्टिफिकेट की कोई जरूरत नहीं है. 

हिमंता : मैं आपसे बात नहीं करना चाहता हूं. मैं आपको जानता ही नहीं. 

वैसे तो लल्लनटॉप को किसी भी दल के नेता से भाषा, तटस्थता और प्रामाणिकता का सर्टिफिकेट नहीं चाहिए. हमारे रिपोर्टर सिद्धांत मोहन ने बेहद विनम्रता लेकिन मजबूती से ये बात असम के मुख्यमंत्री के सामने रखा भी. अब हम आपको पूरे घटनाक्रम के बारे में बता देते हैं. 

असम विधानसभा की 126 सीटों के लिए 9 अप्रैल को वोटिंग हुई. सूबे के मुखिया हिमंता बिस्वा सरमा कामरूप जिले के जालुकबारी विधानसभा क्षेत्र के एक पोलिंग बूथ पर वोट डालने पहुंचे थे. वोट डालने के बाद मुख्यमंत्री मीडिया से बात करने लगे. इस दौरान लल्लनटॉप के रिपोर्टर सिद्धांत मोहन ने उनसे कुछ सवाल किए. इन सवालों में कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को लेकर दिए उनके विवादित बयान भी शामिल थे. 

दरअसल, पवन खेड़ा ने हिमंता बिस्वा सरमा और उनकी पत्नी रिनिकी भुइयां सरमा पर गंभीर आरोप लगाए थे. रिनिकी भुइयां सरमा के पास तीन पासपोर्ट होने का दावा किया गया था. हिमंता और उनकी पत्नी ने न सिर्फ इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया. बल्कि खेड़ा पर मानहानि का केस भी किया. इसके बाद मीडिया से बात करते हुए उन्होंने पवन खेड़ा को लेकर ‘आपत्तिजनक’ बयान भी दिए. पलटवार की उनकी भाषा पर ही सिद्धांत मोहन ने सवाल किया था, जिस पर हिमंता भड़क गए और लल्लनटॉप की भाषा पर ही सवाल उठाने लगे. 

विपक्षी नेताओं के लिए अपमाजनक भाषा इस्तेमाल करने वाले असम के मुख्यमंत्री सवाल करने पर लल्लनटॉप की भाषा पर सवाल उठा रहे हैं. जबकि इसी लल्लनटॉप को उन्होंने 44 मिनट 54 सेकेंड का भी दिया है. 

वीडियो: राजधानी: राहुल गांधी के चक्रव्यू में फंस गए मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा?

Advertisement