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'प्रो मुस्लिम' होने और लॉ एंड ऑर्डर के सवाल पर अखिलेश यादव ने क्या कहा?

आजम खान पर योगी को घेरा, बोले- गुजरात चौंकाएगा.

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(बाएं) सौरभ द्विवेदी, (दाएं) अखिलेश यादव. पुलिस की सांकेतिक तस्वीर पीटीआई से साभार है.
विधानसभा चुनाव से पहले उत्तर प्रदेश का सियासी माहौल गरम है. वहीं रेलवे भर्ती के मुद्दे पर युवाओं के विरोध प्रदर्शन से ये सियासी गरमी अभी और बढ़नी तय है. इस बीच दी लल्लनटॉप ने इंटरव्यू किया उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव का. हमारे संपादक सौरभ द्विवेदी ने अखिलेश यादव से उनकी पार्टी की इमेज, उनके समय की सरकार के कामकाज समेत कई मुद्दों पर सवाल पूछे. इंटरव्यू के दौरान अखिलेश से पूछा गया,
"आप मुकदमों की बात कर रहे हैं तो बीजेपी कहती है नाम लेकर कि आपने कैराना से नाहिद हसन को टिकट दिया, जो जेल में हैं. गैंग्सटर ऐक्ट समेत कई धाराएं उन पर लगी हैं. फिर आपके मेरठ के प्रत्याशी हैं. रफीक अंसारी समेत कई लोगों के नाम गिनवाए जाते हैं, जैसे मुखिया गुर्जर. मुझे 2012 का आपका कैंपेन याद आता है जिसमें आपने इस चीज को बड़ा जोर देकर कहा था कि जो पुरानी इमेज है, उससे आगे देखिए. आपको लगता है कि इमेज को लेकर, परसेप्शन को लेकर सपा को इस कॉन्स्शियस से फाइट करनी पड़ती है जिसकी वजह से राजनीतिक विपक्षी आपको मुस्लिम समर्थक साबित करना चाहते हैं? दूसरा लॉ एंड ऑर्डर को लेकर खास तरह की इमेज आपकी बनाई जाती है."
इस पर अखिलेश ने जवाब दिया,
"ये पूरी सरकार प्रोपेगैंडा पर चल रही है. हमने सबने इनके विज्ञापन देखे हैं. जब इन्हें विकास दिखाना था तो कोलकाता का फ्लाईओवर दिखा दिया. उसी विज्ञापन में अमेरिका के कारखाने दिखा दिए. जब जेवर एयरपोर्ट का शिलान्यास होना था, तो चीन के एयरपोर्ट की तस्वीर दिखा दी. तो इनके हर विज्ञापन झूठे हैं. ये बताएं कि इनके मंत्री के ऐफिडेविट में कितनी धाराएं थीं, उप मुख्यमंत्री पर कितनी थीं. और पिछला आंकड़ा ये कहता है कि यूपी की विधानसभा में सबसे ज्यादा आपराधिक मुकदमें वाले किसी पार्टी के विधायक थे तो बीजेपी के थे. सबसे ज्यादा स्ट्रक्चरल बदलाव कोई लेकर आया पुलिस विभाग में तो समाजवादी पार्टी की सरकार लेकर आई. डायल 100 अब डायल 112 है. इस कॉन्सेप्ट को लाने का काम समाजवादी पार्टी के लोगों ने किया. मैंने यहां के जानकार वरिष्ट अधिकारी, जो इन चीजों को और तकनीक को समय के हिसाब से समझते हैं, उन्हें न्यूयॉर्क भेजा. उनके साथ एक प्रोफेसर वेंकट को भेजा जो इस पूरी व्यवस्था को लाने की कोशिश कर रहे थे. न्यूयॉर्क की पुलिस कैसे काम करती है, उसका रेस्पॉन्स सिस्टम क्या है, वहां ये लोग गए. उसके बाद ह्यूस्टन का कंट्रोल रूम देखा उन्होंने. फिर सिंगापुर की पुलिस के सिस्टम को देखा. उसके बाद यूपी पुलिस को डिजाइन करने का काम शुरू किया."
अखिलेश ने दावा किया कि डायल 100 को योगी सरकार ने बेहतर नहीं किया, बल्कि उसे बर्बाद और खस्ताहाल करने का काम किया. पूर्व सीएम ने कहा,
"जिस पुलिस को इतनी अच्छी व्यवस्था दी गई हो, उसका खस्ता हाल कर दिया. तो आज मुझे बताएं कि गोरखपुर में एक व्यापारी जाता है और पुलिस उसकी पीट-पीट कर हत्या कर देती है. हम और आप आज बात कर रहे हैं, और दो दिन पहले ही एक और कस्टोडियल डेथ हुई है. 16 साल के नौजवान को मार दिया पुलिस ने. आज कस्टोडियल डेथ में यूपी नंबर वन है. कैसी-कैसी घटनाएं होती हैं. कोई टिकटॉक बना रहा था, पुलिस उसे उठा ले गई. उसके बाप से 20 हजार रुपये मांगे. पिता नहीं दे पाया तो पुलिस ने इतना मारा कि जान चली गई. ये घटनाएं यूपी में हो रही हैं. कई जगह तो पुलिस ही फरार थी. जौनपुर की कस्टोडियल डेथ में पुलिस फरार थी. बड़ी मुश्किल से पुलिस पकड़ में आई. और महोबा का आईपीएस. देश में कहीं उदाहरण होगा कि आईपीएस फरार हो. एक आईपीएस दूसरे आईपीएस पर करप्शन का आरोप लगाए. और क्या आरोप है, कि आपने ट्रांसफर पोस्टिंग के लिए पैसा लिया. मैं किसी का नाम नहीं ले रहा. आईपीएस ने कहा कि ट्रांसफर में पैसे की लेन-देन हुई. उसकी जांच चल रही है. अभी तक जांच पूरी नहीं हुई है. दूसरे आईपीएस ने क्या साजिश रची? जांच खत्म करने के लिए उस आईपीएस को रामपुर भेजा गया या नहीं. एक जिलाधिकारी जिसका समय खत्म हो रहा था, उसे अपने कैडर में जाना था, उसको कहा गया कि तुम्हारा कैडर तब खत्म होगा जब तुम इनको (यानी आजम खान) को फंसा दोगे. आजम खान साहब को."
इसके बाद अखिलेश ने फिर अपनी सरकार के समय पुलिस विभाग में हुए सुधारों का जिक्र किया. कहा,
"अभी प्रधानमंत्री और गृह मंत्री यूपी आए थे. पूरे देश के डीजीपी यहां बैठे थे. जो पुलिस हेडक्वार्टर देखा उन्होंने, एक-एक डीजीपी ने देखा और कहा कि ऐसा सोचा ही नहीं था, कि यूपी पुलिस के पास काम करने के लिए एक ही जगह पर ऐसा इन्फ्रास्ट्रक्चर होगा. आप किसी डीजीपी को फोन मिलाइए. पूछिए उनसे कि किसी पुलिस के पास ऐसा हेडक्वार्टर हो तो हमें बता दें. ऐसा रेस्पॉन्स सिस्टम हो तो वो बता दें हमें."
अखिलेश ने आरोप लगाते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी विज्ञापन में पैसा खर्च करती है. उनके मुताबिक यूपी में कोई जगह नहीं बची थी जहां बीजेपी के होर्डिंग, पोस्टर या बैनर ना लगाए गए हों और वो भी सरकारी. सपा मुखिया ने कहा,
"इधर बहुत दिनों से विज्ञापन बंद हैं. क्यों? क्योंकि अब जेब से खर्च करना पड़ेगा. ये सरकारी पैसे से झूठा प्रचार कर रहे थे. इसलिए प्रोपेगैंडा परसेप्शन में कोई आगे है तो बीजेपी है."
अखिलेश ने कहा कि इस बार उनकी सरकार बनने जा रही है और ये कोई सरप्राइज नहीं होगा. उनके मुताबिक जनता जान गई है कि यूपी में सपा और उसकी सहयोगी पार्टियों की सरकार बनने वाली है. अखिलेश ने ये भी कहा कि अगर कहीं असली सरप्राइज होगा तो गुजरात में होगा, क्योंकि वहां की जनता ने मन बना लिया है कि 'गांधी के हत्यारों' को उनका सबक सिखाया जाएगा.

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