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सुप्रीम कोर्ट ने NEET PG 2022 की काउंसलिंग पर रोक लगाने से इनकार किया

1 सितंबर से NEET PG 2022 की काउंसलिंग शुरू होने की संभावना है.

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डॉक्टरों ने NEET-PG 2022 एग्जाम का क्वेश्चन पेपर और आंसर की रिलीज करने के लिये याचिका दायर की थी(फोटो- आज तक)

सुप्रीम कोर्ट ने NEET PG 2022 की काउंसलिंग पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है. उसने कहा है कि ऐसा करने का गलत प्रभाव पड़ सकता है. मामला कुछ डॉक्टरों द्वारा सुप्रीम कोर्ट में दायर एक याचिका से जुड़ा है. इसमें कहा गया है कि NEET PG 2022 के परिणामों में गड़बड़ी हुई है, लिहाजा कोर्ट NEET PG 2022 का प्रश्नपत्र और आंसर की जारी करने का निर्देश दे. कहा जा रहा है कि NEET PG 2022 की काउंसलिंग एक सितंबर, 2022 से शुरू हो सकती है. जाहिर है इस पर रोक ना लगाने का फैसला याचिककर्ताओं के लिए झटके की तरह है.

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सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ के नेतृत्व में इस मामले की सुनवाई की जा रही है. याचिकाकर्ताओं ने नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन (NBE) के आंसर की और क्वेश्चन पेपर रिलीज नहीं करने के फैसले को चुनौती दी है. उनका तर्क है कि एग्जाम की स्कोरिंग में गंभीर गड़बड़ियां होने के बावजूद बोर्ड ने ये फैसला लिया है. इस आधार पर याचिका में मांग की गई है कि कोर्ट NBA को निर्देश दे कि वो याचिकाकर्ताओं समेत बाकी उम्मीदवारों को उनके स्कोर का रीवैल्युएशन या रीचेकिंग कराने की अनुमति दी.

याचिकाकर्ताओं की तरफ से पेश वकील ने कोर्ट को बताया कि NEET PG 2021 से जुड़ी ऐसी ही एक याचिका शीर्ष अदालत में लंबित है. इसके बाद कोर्ट ने दोनों मामलों को एकसाथ सुनने का फैसला किया और अगली सुनवाई के लिए 25 अगस्त की तारीख तय कर दी.

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मामले से जुड़े याचिकाकर्ता डॉक्टर अपनी MBBS की पढ़ाई पूरी कर चुके हैं और स्टेट मेडिकल काउंसिल के तहत रजिस्टर्ड हैं. उनका दावा है कि NEET PG 2022 के उनके स्कोर में बहुत ज्यादा मिसमैच है. उनका कहना है कि NBE उन्हें उनकी आंसर शीट में स्कोर का फिर से मूल्यांकन या उसे चेक कराने का विकल्प नहीं दे रहा है. यहां तक कि टोटल स्कोर को फिर गिनने का भी विकल्प नहीं दिया जा रहा जिससे पता लग सके कि उनके मार्क्स में अंतर होने की संभावना कितनी सही है.

याचिकाकर्ताओं ने कहा है कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी NEET UG के उम्मीदवारों को आंसर की का फिर से मूल्यांकन कराने की अनुमति देती है. यहां तक कि IIT-JEE, CMAT, CLAT, JUDICIAL SERVICES से जुड़ी परीक्षाओं में भी ये विकल्प दिया जाता है. लेकिन NEET PG के मामले में ऐसा नहीं है.

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