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लखनऊ: छात्र को नकल करते पकड़ा, उसने प्रोफेसर पर हमला कर दिया, शिया पीजी कॉलेज का मामला

मामले की जांच करने के लिये एक चार मेंबर की कमेटी बनाई गई है.

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प्रिंसिपल ने कहा कि ये करना लखनऊ यूनिवर्सिटी के स्टैट्यूट और शिया पीजी कॉलेज के कोड ऑफ कंडक्ट के खिलाफ है(फोटो- कॉलेज वेबसाइट)

लखनऊ के शिया पीजी कॉलेज में छात्र को एग्जाम में नकल करते पकड़ना एक असिस्टेंट प्रोफेसर को भारी पड़ गया. परीक्षा में बेईमानी करते पकड़े जाने पर छात्र ने प्रोफेसर पर हमला कर दिया. इसके बाद कॉलेज की तरफ से शिकायत किए जाने पर छात्र के खिलाफ FIR दर्ज की गई है. साथ ही उसे कारण बताओ नोटिस भी भेजा गया है. 

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क्या है पूरा मामला?

शिया पीजी कॉलेज के लॉ फैकेल्टी में असिस्टेंट प्रोफेसर धर्मेंद्र कुमार ने कॉलेज प्रिंसिपल को इस मामले में एक लिखित शिकायत दी. हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक शिकायत में असिस्टेंट प्रोफेसर ने बताया कि राहुल तिवारी नाम के एक स्टूडेंट ने पहले उनसे बदतमीजी की और फिर उन पर हमला कर दिया. राहुल BA (सेमेस्टर 4) का छात्र है. प्रोफेसर धर्मेंद्र कुमार ने कहा कि पेपर खत्म होने से 10 मिनट पहले उन्होंने राहुल को नकल करते पकड़ा था. उन्होंने ये भी बताया कि छात्र ने उन्हें धमकियां भी दी हैं.

रिपोर्ट के मुताबिक घटना को लेकर शिया पीजी कॉलेज की प्रिंसिपल रज़ा बाकरी ने बताया,

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इसकी जांच करने के लिए हमने एक चार मेंबर की कमेटी बनाई है. कमेटी सोमवार तक मामले पर रिपोर्ट देगी, उसके बाद कोई एक्शन लिया जाएगा.

प्रिंसिपल ने बताया कि चार मेंबर कमेटी  में चीफ प्रॉक्टर प्रोफेसर भुवन श्रीवास्तव, सेंटर सुप्रिंटेडेंट प्रोफेसर परवेज़ मसीह, डायरेक्टर मिर्ज़ा तय्यब और एक टीचर प्रदीप शर्मा शामिल हैं. कॉलेज प्रिंसिपल बाकरी ने कहा, 

ये बहुत सीरियस केस है जहां किसी टीचर को मारा-पीटा गया है और धमकी भी दी गई है. छात्र का ये करना लखनऊ यूनिवर्सिटी की प्रतिष्ठा और शिया पीजी कॉलेज के कोड ऑफ कंडक्ट के खिलाफ है.

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कॉलेज ने आरोपी छात्र से पूछा है कि वो बताए कि क्यों ना उसके खिलाफ डिसिप्लेनरी एक्शन लिया जाए. उसको अपना जवाब कमेटी को सब्मिट करने को कहा गया है. कॉलेज प्रिंसिपल ने बताया कि अगर छात्र ने जवाब नहीं दिया तो ये समझा जाएगा कि इस मामले में वो कुछ कहना नहीं चाहता है. इसके बाद कॉलेज एडमिनिस्ट्रेशन अपने हिसाब से कोई भी एक्शन ले सकता है. 

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