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CBSE ने नंबर कम दिए हैं? RTI से अपनी Answer Sheet मांग सकते हैं, तरीका जान लीजिए

CBSE में कम नंबर आने पर RTI से Answer Sheet मांग सकते हैं. जानिए RTI से Answer Sheet कैसे मांगें, कितनी फीस लगेगी, कितने समय में जवाब मिल सकता है और कॉपी मिलने के बाद Verification और Revaluation की प्रक्रिया क्या है.

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CBSE से RTI के जरिए Answer Sheet मांग सकते हैं (फोटो-AI)

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  • केंद्रीय सूचना आयोग ने CBSE को निर्देश दिया है कि RTI के तहत उत्तर पुस्तिका की प्रति मांगने पर शुल्क RTI Rules, 2012 के अनुसार ही लिया जाए और CBSE के 19 मई 2025 के परिपत्र में बदलाव की सिफारिश की।
  • यह मामला एक कक्षा 10 के छात्र की RTI याचिका से शुरू हुआ, जिसने परीक्षा के उत्तर पुस्तिकाओं की प्रतियां मांगते समय उच्च शुल्क पर सवाल उठाया था, जिससे RTI के तहत उचित शुल्क निर्धारण की आवश्यकता सामने आई।
  • इस निर्देश से बच्चों को RTI के द्वारा उत्तर पुस्तिका प्राप्त करना अधिक सुलभ होगा तथा उन्हें दूसरी प्रक्रियाओं जैसे सत्यापन या पुनर्मूल्यांकन से वंचित नहीं किया जाएगा, जिससे जांच प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी।

अगर आपको लगता है कि CBSE बोर्ड परीक्षा में आपके नंबर उम्मीद से काफी कम आए हैं, तो मामला सिर्फ शिकायत करने तक सीमित नहीं है. आप अपनी मूल्यांकित उत्तर पुस्तिका की प्रति मांग सकते हैं. अब इस रास्ते को लेकर एक अहम बात सामने आई है.

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केंद्रीय सूचना आयोग (Central Information Commission) ने CBSE को निर्देश दिया है कि RTI यानी सूचना का अधिकार (Right to Information) के तहत उत्तर पुस्तिकाओं की प्रति मांगने वाले छात्रों से शुल्क RTI Rules, 2012 के मुताबिक लिया जाए. आयोग ने साथ ही CBSE के 19 मई 2025 के उस परिपत्र में बदलाव की सिफारिश की है, जिसमें RTI के जरिए उत्तर पुस्तिका लेने वाले छात्रों को बाद में सत्यापन या पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन करने से रोका गया था.

मामला शुरू कैसे हुआ?

ये मामला एक कक्षा 10 के छात्र की RTI याचिका से सामने आया. छात्र ने अपनी उत्तर पुस्तिकाओं की प्रतियां मांगी थीं. उसकी शिकायत का एक अहम आधार ये था कि CBSE की सामान्य प्रक्रिया में उत्तर पुस्तिकाओं की प्रतियां और उसके बाद सत्यापन या पुनर्मूल्यांकन के लिए काफी ज्यादा खर्च हो सकता था.

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Indian Express के मुताबिक, संबंधित छात्र ने पांच विषयों की उत्तर पुस्तिकाओं की प्रतियों के लिए 2,500 रुपये और पुनः सत्यापन के लिए 2,500 रुपये का उल्लेख किया था. पुनर्मूल्यांकन के लिए प्रति प्रश्न 100 रुपये का शुल्क बताया गया था. ऐसे में कुल खर्च करीब 10,000 रुपये तक पहुंचने की संभावना थी.

यहीं से सवाल उठा कि जब RTI कानून किसी नागरिक को सरकारी सार्वजनिक प्राधिकरण के पास मौजूद सूचना हासिल करने का अधिकार देता है, तो उत्तर पुस्तिका की प्रति लेने के लिए CBSE अपनी ऊंची दर लागू कर सकता है या नहीं.

CIC ने क्या कहा?

CIC ने साफ किया कि RTI के तहत मांगी गई उत्तर पुस्तिका (Answer Sheet) की कॉपी उपलब्ध कराने के लिए फीस RTI Rules, 2012 के मुताबिक होना चाहिए. केंद्र सरकार के RTI संबंधी मार्गदर्शन के अनुसार कागज की प्रति के लिए सामान्य दर 2 रुपये प्रति पृष्ठ है. RTI आवेदन की सामान्य फीस 10 रुपये है, जबकि गरीबी रेखा से नीचे यानी BPL श्रेणी के आवेदकों को नियमानुसार छूट मिलती है.

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CBSE की अपनी RTI वेबसाइट भी बताती है कि दस्तावेजों की प्रति मांगने पर 2 रुपये प्रति प्रति की दर से फोटोकॉपी शुल्क लिया जाता है. CBSE के मुताबिक सामान्य RTI आवेदन का जवाब आम तौर पर 30 दिनों के भीतर दिया जाता है.

यानी छात्र के लिए सबसे महत्वपूर्ण बदलाव ये है कि RTI के रास्ते से उत्तर पुस्तिका मांगने पर शुल्क तय RTI नियमों के अनुरूप होना चाहिए, न कि मनमाने या अलग तरीके से तय किया गया शुल्क.

RTI से Answer Sheet कैसे मांगें?

इसका तरीका काफी सीधा है. CBSE केंद्रीय सरकार के सार्वजनिक प्राधिकरणों में शामिल है और केंद्र सरकार के RTI Online पोर्टल पर CBSE के लिए आवेदन किया जा सकता है. पोर्टल पर उपलब्ध सार्वजनिक प्राधिकरणों की सूची में Central Board of Secondary Education का नाम मौजूद है.

ऑनलाइन आवेदन में छात्र अपनी पहचान और परीक्षा से जुड़ी जरूरी जानकारी देते हुए साफ लिख सकता है कि उसे किस वर्ष की बोर्ड परीक्षा की किस विषय की मूल्यांकित उत्तर पुस्तिका की प्रति चाहिए. आवेदन की निर्धारित फीस ऑनलाइन जमा की जा सकती है.

CBSE के अनुसार RTI आवेदन ऑनलाइन के अलावा डाक के माध्यम से भी किया जा सकता है. CBSE की वेबसाइट पर उत्तर पुस्तिका की प्रति हासिल करने के लिए अलग प्रारूप की जानकारी भी उपलब्ध है.

कौन आवेदन कर सकता है?

RTI कानून के तहत सूचना मांगने का अधिकार भारतीय नागरिकों को है. इसलिए छात्र खुद आवेदन कर सकता है. अगर छात्र नाबालिग है, तो व्यावहारिक तौर पर उसके माता-पिता या अभिभावक भी प्रक्रिया में मदद कर सकते हैं, लेकिन आवेदन में मांगी जा रही सूचना और संबंधित परीक्षार्थी की जानकारी बिल्कुल स्पष्ट रखना जरूरी है.

सबसे सुरक्षित तरीका ये है कि आवेदन में छात्र का नाम, रोल नंबर, परीक्षा वर्ष, कक्षा, विषय और जिस उत्तर पुस्तिका की प्रति चाहिए उसका स्पष्ट विवरण दिया जाए.

Answer Sheet मिलने के बाद क्या करें?

यहीं इस पूरे मामले का सबसे अहम हिस्सा है. उत्तर पुस्तिका की प्रति मिल जाने के बाद पहले ये देखें कि सभी पृष्ठ मौजूद हैं या नहीं. कहीं कोई उत्तर अनदेखा तो नहीं रह गया, किसी प्रश्न पर अंक दिए बिना छोड़ तो नहीं दिया गया, किसी अतिरिक्त पन्ने या मानचित्र का मूल्यांकन छूटा तो नहीं है. साथ ही ये भी देखें कि उत्तर पुस्तिका सही विषय और सही परीक्षार्थी की है या नहीं.

CBSE की 2026 की प्रक्रिया में उत्तर पुस्तिका की स्कैन प्रति मिलने के बाद सत्यापन और पुनर्मूल्यांकन के लिए अलग सुविधाएं उपलब्ध थीं. CBSE ने 2 जून 2026 को जारी सूचना में बताया था कि स्कैन की गई उत्तर पुस्तिका प्राप्त करने वाले छात्र सत्यापन और पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन कर सकते थे. उस प्रक्रिया में सत्यापन के लिए 100 रुपये प्रति उत्तर पुस्तिका और पुनर्मूल्यांकन के लिए 25 रुपये प्रति प्रश्न शुल्क निर्धारित किया गया था.

इसलिए Answer Sheet हासिल करना और अंक बढ़ना दो अलग बातें हैं. कॉपी मिलने का मतलब ये नहीं है कि अंक अपने आप बदल जाएंगे.

Verification और Revaluation में फर्क क्या है?

सत्यापन (Verification) का मतलब मूल रूप से ये देखना है कि मूल्यांकन प्रक्रिया में कोई स्पष्ट समस्या तो नहीं हुई. उदाहरण के लिए CBSE की 2026 की सूचना में गायब पृष्ठ, अतिरिक्त उत्तर पुस्तिका के पन्ने, धुंधले पृष्ठ, गलत उत्तर पुस्तिका या दूसरे सेट के आधार पर मूल्यांकन जैसे मामलों का उल्लेख किया गया था.

पुनर्मूल्यांकन (Revaluation) इससे अलग है. इसमें निर्धारित नियमों के तहत किसी उत्तर या प्रश्न के दिए गए अंकों को दोबारा जांचने की प्रक्रिया होती है.

यहीं CIC का नया निर्देश महत्वपूर्ण हो जाता है. आयोग ने CBSE के 19 मई 2025 के उस प्रावधान में बदलाव की सिफारिश की है, जिसमें RTI के जरिए उत्तर पुस्तिका हासिल करने वाले परीक्षार्थी को बाद में सत्यापन या पुनर्मूल्यांकन से रोकने की बात थी. CIC का मानना है कि सिर्फ RTI के रास्ते से उत्तर पुस्तिका लेने के कारण छात्र को उपलब्ध दूसरे उपाय से वंचित नहीं किया जाना चाहिए.

क्या अब RTI से कॉपी लेकर सीधे नंबर बढ़वा सकते हैं?

नहीं. इसे ऐसे समझना जरूरी है. CIC का फैसला उत्तर पुस्तिका तक पहुंच और शुल्क से जुड़ा है. आयोग ने CBSE को अपनी व्यवस्था और 19 मई 2025 के परिपत्र की समीक्षा करने की सिफारिश की है. इसका मतलब ये नहीं है कि हर छात्र की कॉपी दोबारा जांची जाएगी या अंक बढ़ना तय है.

अंक तभी बदल सकते हैं जब CBSE की लागू प्रक्रिया के तहत सत्यापन या पुनर्मूल्यांकन में ऐसी गलती या बदलाव सामने आए, जिसके आधार पर अंक संशोधित किए जाएं. CBSE की 2026 की जानकारी के मुताबिक पुनर्मूल्यांकन के बाद अंक बढ़ने की स्थिति में संबंधित शुल्क वापस किए जाने का भी प्रावधान बताया गया था.

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छात्रों और अभिभावकों के लिए आसान चेकलिस्ट

अगर आपको अपने नंबरों पर शक है, तो पहले अपनी मार्कशीट और परिणाम की जानकारी सुरक्षित रखें. इसके बाद तय करें कि आपको सिर्फ उत्तर पुस्तिका देखनी है या किसी खास सवाल के मूल्यांकन पर आपत्ति है.

RTI आवेदन में विषय, परीक्षा वर्ष, रोल नंबर और मांगी गई उत्तर पुस्तिका का स्पष्ट विवरण दें. आवेदन और भुगतान की रसीद सुरक्षित रखें. उत्तर पुस्तिका मिलने पर हर पृष्ठ जांचें. फिर CBSE की उस समय लागू सत्यापन और पुनर्मूल्यांकन की समयसीमा देखें.

सबसे जरूरी बात ये है कि RTI और CBSE की सामान्य पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया को एक ही चीज न समझें. RTI आपको रिकॉर्ड तक पहुंच का रास्ता देता है. अब CIC के निर्देश के बाद CBSE से ये उम्मीद बढ़ी है कि RTI के जरिए उत्तर पुस्तिका लेने वाले छात्रों को केवल इस वजह से दूसरे उपलब्ध उपायों से बाहर नहीं किया जाए.

फिलहाल व्यावहारिक सलाह यही है कि जिस वर्ष की परीक्षा के लिए आवेदन करना है, उस वर्ष CBSE की ताजा अधिसूचना जरूर देखें. क्योंकि सत्यापन और पुनर्मूल्यांकन की फीस और आवेदन की अंतिम तारीख परीक्षा वर्ष के हिसाब से बदल सकती है. CBSE की 2026 प्रक्रिया में, उदाहरण के लिए, सत्यापन और पुनर्मूल्यांकन के लिए ऑनलाइन आवेदन की अलग समयसीमा निर्धारित की गई थी.

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