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UPSC का इंटरव्यू नहीं निकाला तब भी मिल सकती है नौकरी, जानें क्या है 'प्रतिभा सेतु' योजना?

UPSC की परीक्षा में सारी बाधाएं पार करने के बाद कुछ लोग फाइनल लिस्ट में जगह नहीं बना पाते. ऐसे लोगों के लिए 'प्रतिभा सेतु' संजीवनी का काम कर सकता है.

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यूपीएससी में फेल एस्पिरेंट्स को दूसरा मौका देता है प्रतिभा सेतु (India Today)

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  • संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने इंटरव्यू में असफल उम्मीदवारों के लिए 'प्रतिभा सेतु' योजना शुरू की है, जो उन्हें नौकरी पाने का एक अतिरिक्त अवसर प्रदान करती है।
  • UPSC की प्रतियोगी परीक्षाओं में अंतिम चयन सूची में शामिल न हो पाना तथा इंटरव्यू fase में असफल होना इस योजना के लागू होने का मुख्य कारण है।
  • इस योजना के तहत उम्मीदवारों की जानकारी केवल केंद्रीय मंत्रालय, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों और चयनित संस्थानों को साझा की जाती है जिससे नौकरी के नए अवसर मिलते हैं।

UPSC एग्जाम दुनिया की सबसे कठिन परीक्षाओं में गिनी जाती है. प्री, मेन्स और इंटरव्यू के तीन चरणों में होने वाली इस परीक्षा को क्वालिफाई करने में अच्छे-अच्छों के पसीने छूट जाते हैं. हाड़तोड़ मेहनत के बाद प्री निकाला तो कई बार मेन्स में मामला फंस जाता है. प्री-मेन्स क्लियर हुआ तो इंटरव्यू फंसा देता है. ऐसे आखिरी स्टेज तक पहुंचकर फाइनल लिस्ट में जगह न बना पाने वाले एस्पिरेंट्स के लिए UPSC ने नया रास्ता खोल दिया है.

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इंडिया टुडे से जुड़े कुणाल कुमार की रिपोर्ट के मुताबिक, संघ लोक सेवा आयोग की एक स्कीम है- प्रतिभा सेतु, जो UPSC की परीक्षाओं में इंटरव्यू में असफल लोगों को नौकरी पाने का एक और मौका देती है. प्रतिभा सेतु यानी ‘Professional Resource And Talent Integration – Bridge for Hiring Aspirants’. इसे पहले Public Disclosure Scheme (PDS) के नाम से जाना जाता था, लेकिन अब यह ‘प्रतिभा सेतु’ स्कीम हो गया है. 

क्या है UPSC प्रतिभा सेतु?

UPSC प्रतिभा सेतु को पहले PDS कहा जाता था, जिसकी शुरुआत 20 अगस्त 2018 को हुई थी. ये योजना भारत सरकार (विभागीय कर्मी और प्रशिक्षण विभाग) के निर्देश के मुताबिक चलाई जाती है. इसमें UPSC उन उम्मीदवारों की जानकारी सार्वजनिक तौर पर मुहैया कराता है, संघ लोक सेवा आयोग की अलग-अलग परीक्षाओं के सभी चरणों में पास हुए हैं, लेकिन अंतिम सूची में शामिल नहीं हो पाए. 

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इस स्कीम के तहत उम्मीदवारों की जानकारी सिर्फ चुनिंदा और वेरिफाइड नौकरी देने वालों को दी जाती है, जिनमें केंद्रीय मंत्रालय, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम (PSUs), स्वायत्त संस्थान और निजी संस्थान शामिल हैं.

किन परीक्षाओं पर लागू है?

ये स्कीम 8 अलग-अलग परीक्षाओं पर लागू है, जिनमें शामिल हैं-

- सिविल सेवा परीक्षा (CSE)
- भारतीय वन सेवा परीक्षा (IFS)
- केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (ACS)
- इंजीनियरिंग सेवा परीक्षा (ESE)
- संयुक्त भू-वैज्ञानिक परीक्षा
- CDS परीक्षा
- भारतीय आर्थिक सेवा/भारतीय सांख्यिकी सेवा परीक्षा
- संयुक्त चिकित्सा सेवा परीक्षा

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इन पर लागू नहीं है ये स्कीम

UPSC की कुछ ऐसी परीक्षाएं भी हैं जिन पर यह स्कीम लागू नहीं होती है. NDA और NA के अलावा कुछ विभागीय परीक्षाएं जैसे- CBI (DSP) LDCE, CISF AC(EXE) LDCE, और SO/Steno (GE-B/GD-I) LDCE इस योजना में शामिल नहीं हैं.

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