1991. वो साल जब भारत ने अपने दरवाज़े बाहर के बाज़ार के लिए खोल दिए. नाम दिया गया उदारीकरण. लोग कहने लगे कि ये क्या कर दिया है, इससे तो पूरा देश गुलाम हो जाएगा. लेकिन उस वक़्त के वित्त मंत्री डॉ मनमोहन सिंह को खुद पर भरोसा था. तभी तो प्रधानमंत्री पी वी नरसिम्हा राव के कहने के बाद भी उन्होंने उदारीकरण को हरी झंडी दिखाई, जिसे आज लोग उस दौर का मास्टरस्ट्रोक कहते हैं. देखिए वीडियो.
मनमोहन सिंह के उस बजट की कहानी जब बोला गया- देश गुलाम हो जाएगा
1991 के उदारीकरण को 30 साल हो गए हैं.
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