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सेंसेक्स 1100 अंक उछला, शेयर बाजार में आई तूफानी तेजी के पीछे कौन से फैक्टर?

नवरात्रि का त्योहार भारतीय शेयर मार्केट के लिए खुशियां लेकर आता दिख रहा है. गुरुवार, 15 अक्टूबर को बाजार ने खुलते ही निवेशकों के चेहरे पर मुस्कान ला दी. सेसेंक्स 1100 अंक उछला है और आईटी शेयर के सेक्टर ग्रीन में परफॉर्म कर रहे हैं.

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कच्चे तेल के दाम 1% गिरे हैं (Courtesy: Business Today)

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  • गुरुवार 15 अक्टूबर को निफ्टी और सेंसेक्स में आईटी, बैंकिंग और उपभोक्ता शेयरों की बढ़त के कारण तेजी देखी गई और सेंसेक्स 73,894 अंक पर पहुंच गया।
  • 15 अक्टूबर को कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और डॉलर के कमजोर होने के कारण भारतीय शेयर बाजार में तेजी आई, जबकि एशियाई बाजार सामान्यतः गिरावट में थे।
  • 15 अक्टूबर को सेंसेक्स की साप्ताहिक एक्सपायरी है, जिससे फ्यूचर्स और ऑप्शंस पोजीशन स्क्वायर ऑफ या रोल ओवर करने के कारण बाजार में उतार-चढ़ाव की संभावना बनी हुई है।

शेयर बाजार में बहार के दिन लौटते दिख रहे हैं. बुधवार की गिरावट के बाद गुरुवार 15 अक्टूबर को निफ्टी और सेंसेक्स में तेजी देखने को मिली. शुरुआती कारोबार में आईटी, बैंकिंग और उपभोक्ता शेयरों में बढ़त से दलाल बाजार में पॉजिटिव माहौल बना है. हालांकि, अस्थिरता बढ़ गई और इंडिया वीआईएक्स 1% से अधिक चढ़ गया. सुबह 11:05 बजे सेंसेक्स 1,100 अंक से अधिक चढ़कर 73,894 पर पहुंच गया. निफ्टी 300 अंक से अधिक बढ़कर 22,900 के स्तर से ऊपर कारोबार कर रहा था.

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IT सेक्टर के शेयर्स बढ़त में

सेंसेक्स में सबसे ज्यादा लाभ कमाने वाले शेयरों में टीसीएस, टेक महिंद्रा, इंफोसिस, भारती एयरटेल, आईसीआईसीआई बैंक, एक्सिस बैंक और आईटीसी शामिल थे. वहीं दूसरी ओर, बीईएल, अडानी पोर्ट्स, ट्रेंट, पावर ग्रिड कॉर्प, एसबीआई, एलएंडटी और एनटीपीसी में भारी गिरावट देखी गई. 

निफ्टी स्मॉलकैप 250 में, एमटीएआर टेक्नोलॉजीज , नेटवेब टेक्नोलॉजीज और सीईएटी सहित कई शेयरों में 5% तक की गिरावट दर्ज की गई.  बेहतर नतीजों और एआई से जुड़े शेयरों में गिरावट के चलते टीसीएस, इंफोसिस, एचसीएल टेक , टेक महिंद्रा और अन्य कंपनियों के शेयरों में लगातार तीसरे सत्र में तेजी देखी गई.

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एशियाई बाजारों में गिरावट

गुरुवार को एशियाई बाजार गिरावट के साथ खुले. जापान को छोड़कर एशिया-प्रशांत क्षेत्र के शेयरों का MSCI का सबसे व्यापक सूचकांक 1.2% गिर गया. इसका मुख्य कारण दक्षिण कोरिया के KOSPI में 5.6% की गिरावट थी. जापान का Nikkei 225 1.3% गिरा, जबकि S&P 500 ई-मिनी फ्यूचर्स में 0.3% की गिरावट आई.

भारतीय शेयर बाजार में तेजी क्यों आई?

इकोनॉमिक टाइम्स के मुताबिक गुरुवार को कच्चे तेल की कीमतों में 1 डॉलर से अधिक की गिरावट आई. 15 अक्टूबर ब्रेंट क्रूड वायदा 1.76 डॉलर या 1.75% गिरकर 104 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया. 

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कच्चे तेल की दूसरी वैराइटी अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (डब्ल्यूटीआई) क्रूड वायदा 1.02 डॉलर या 1.07% गिरकर 94.07 डॉलर पर आ गया. वहीं, भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 0.2% बढ़कर 94.92 पर खुला, जबकि पिछले दिन यह 95.15 पर बंद हुआ था. डॉलर रात भर में 18 महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंचने के बाद फिसल गया.

रिपोर्ट में बताया गया है कि सेंसेक्स की साप्ताहिक एक्सपायरी 15 अक्टूबर को है. एक्सपायरी के दिन बाजार में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है. इसकी वजह है कि व्यापारी फ्यूचर्स और ऑप्शंस पोजीशन को स्क्वायर ऑफ या रोल ओवर करते हैं. शॉर्ट कवरिंग से इंडेक्स ऊपर जा सकता है. नई बिकवाली और लॉन्ग पोजीशन को खत्म करने से यह नीचे गिर सकता है.

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