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विदेश में है संपत्ति या निवेश से कर रहे कमाई, ITR भरते समय कर लें ये काम, वर्ना बुरा फंसेंगे!

ITR Filing rules: आईटीआर में सिर्फ सालाना आमदनी और सेविंग्स ही शेयर करना काफी नहीं है. अगर किसी भारतीय नागरिक की विदेशों में संपत्ति है या फिर विदेशी शेयर बाजार में निवेश किया है तो इसकी जानकारी भी देनी होती है.

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विदेशी संपत्तियों की गलत या अधूरी जानकारी देने पर हर साल 10 लाख रुपये का जुर्माना लगता है (फोटो क्रेडिट: Business today)

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  • सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेज (CBDT) ने आदेश जारी किया है कि देश के निवासी और सामान्य निवासी (ROR) को अपने इनकम टैक्स रिटर्न में Schedule FA के तहत विदेशी संपत्तियों और आय की जानकारी देनी अनिवार्य है।
  • इस आदेश का कारण यह है कि विदेशों में रखी गई संपत्तियों एवं आय की सही जानकारी न देना ब्लैक मनी अधिनियम, 2015 के अंतर्गत दंडनीय है और इसके चलते टैक्स चोरी रोकने के उपाय किए जा रहे हैं।
  • विदेशी संपत्तियों की गलत या अधूरी जानकारी देने पर 10 लाख रुपये का जुर्माना एवं 3 से 10 साल तक कैद की सजा हो सकती है, तथा इससे जुड़ी सूचना ITR-2 या ITR-3 फॉर्म में ही दी जा सकती है।

इस महीने की शुरुआत में सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेज यानी CBDT ने आदेश जारी किया है. इसके मुताबिक अपने इनकम टैक्स रिटर्न में विदेशी संपत्तियों और विदेशों से होने वाले कमाई का डिटेल्स साझा करना जरूरी है. इसलिए टैक्सपेयर्स के लिए अपने इनकम टैक्स रिटर्न में शिड्यूल एफए (Schedule FA) भरते समय पूरी और सही जानकारी देना बेहद जरूरी है.

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क्या है Schedule FA?

शिड्यूल एफए इनकम टैक्स रिटर्न का एक हिस्सा है. इसमें टैक्सपेयर्स को अपनी विदेशी संपत्तियों जैसे कि विदेशों में खरीदे शेयरों, विदेशी कंपनी के म्यूचुअल फंड्स के बारे में जानकारी देनी जरूरी होती है.

Schedule FA में कौन सी जानकारियां देना जरूरी?

देश और विदेश से जुड़े टैक्स मामलों के जानकार सीए विनोद रावल ने बताया कि कोई भी भारत में रहने वाला व्यक्ति Resident and Ordinarily Resident यानी ROR) की कैटेगरी में आता है उसे शिड्यूल एफ की जानकारी अपने आईटीआर में देनी जरूरी है.  फिर चाहें निवासी की आय कितनी भी हो . 

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अगर कोई व्यक्ति लंबे समय से भारत में रह रहा है और भारत में ही उसकी टैक्स रेजीडेंसी है, वह ROR कहलाता है. उदाहरण के लिए अगर कोई व्यक्ति पिछले 8-10 साल से भारत में रहकर यहां नौकरी कर रहा है. इस व्यक्ति का किसी और देश में बैंक खाता और कुछ विदेशी शेयर हैं . इसका मतलब हुआ कि ये व्यक्ति ROR है. 

विनोद रावल आगे बताते हैं कि  अगर वह व्यक्ति 31 दिसंबर 2025 को खत्म होने वाले कैलेंडर ईयर में किसी भी समय विदेशी बैंक खाता, विदेशी शेयर या विदेशी कंपनी में ESOPs (Employee Stock Option Plans), विदेश में अचल संपत्ति, विदेशी सेवानिवृत्ति खाता, किसी विदेशी खाते में साइनिंग अथॉरिटी या किसी विदेशी ट्रस्ट/इकाई में हिस्सेदारी रखता है, तो उसे ITR-2 या ITR-3 (ITR-1/ITR-4 में नहीं) में शेड्यूल FA भरना अनिवार्य है.

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उल्लंघन करने पर कितना जुर्माना और कितनी सजा?

टैक्स एक्सपर्ट विनोद रावल का कहना है कि विदेशी संपत्तियों की गलत या अधूरी जानकारी देने पर ब्लैक मनी अधिनियम, 2015 की धारा 42/43 के तहत 10 लाख रुपये का जुर्माना लगता है. इसी तरह से अघोषित विदेशी आय पर बिना किसी कटौती के 30% की दर से टैक्स लगता है. इसके साथ ही 3 से 10 साल  तक की कैद हो सकती है. 

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