इनकम टैक्स रिटर्न भरने की आखिरी तारीख काफी नजदीक है. इसके चलते रिटर्न दाखिल करने का सीजन पूरे जोर-शोर से चल रहा है. सभी टैक्सपेयर्स को 31 जुलाई को या उससे पहले अपना कर जमा करना जरूरी है. लेकिन इस बीच इनकम टैक्स नोटिस के नाम पर धोखाधड़ी की खबरें आ रही हैं.
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ऐसी खबरें आई हैं कि धोखाधड़ी करने वाले लोग फर्जी इनकम टैक्स नोटिस जारी करके लोगों को डरा रहे हैं और पैसों जमा कराने की मांग कर रहे हैं. अगर ऐसा कोई नोटिस मिले तो सबसे पहले ये जरूरी काम करें.


सभी टैक्स पेयर्स को इस बात का ध्यान रखना जरूरी है कि किसी भी नोटिस पर कार्रवाई शुरू करने से पहले करदाताओं को व्यक्तिगत जानकारी या विवरण साझा करने या किसी तरह का पेमेंट करने से पहले यह देखना चाहिए कि सूचना सही है या गलत .
मिंट की एक रिपोर्ट के मुताबिक धोखाधड़ी करने वाले लोग फर्जी इनकम टैक्स नोटिस जारी करके लोगों को डरा रहे हैं और पैसे जमा कराने की मांग कर रहे हैं. ये काफी समय से चल रहा है . इस तरह की समस्या से निपटने के लिए आयकर विभाग ने यह अनिवार्य कर दिया है कि 1 अक्टूबर 2019 को या उसके बाद जारी किए गए सभी नोटिस, समन, सूचना या इनकम टैक्स विभाग के आधिकारिक मेल या दूसरे तरह के कम्युनिकेशन पर एक खास डॉक्यूमेंट आइडेंडिटीफिकेशन नंबर (DIN) होता है.
इस डीआईएन की मदद से करदाता अपने खाते में लॉग-इन किए बिना ही आयकर ई-फाइलिंग पोर्टल पर ऐसे संदेशों की प्रामाणिकता की जांच कर सकेंगे. इसकी मदद से लोग सही और गलत नोटिस के बारे में पता कर पाएंगे.
टैक्स नोटिस की जांच करना क्यों जरूरी?एक वैध अधिसूचना या नोटिस इस बात की पुष्टि करता है कि संबंधित इनकम टैक्स अधिकारियों ने इसे आधिकारिक तौर पर जारी किया है. इस प्रकार फर्जी तरीके से पैसे जमा कराने का अनुरोध या ओटीपी, सीवीवी और एटीएम पिन जैसी महत्वपूर्ण जानकारी की मांग से जुड़े वित्तीय धोखाधड़ी और घोटालों का खतरा खत्म हो जाता है. वैध और मान्य डीआईएन के बिना जारी किया गया कोई भी संदेश अमान्य माना जाता है.
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सभी करदाता आयकर ई-फाइलिंग पोर्टल पर अपने पैन या डीआईएन नंबर का इस्तेमाल करके नोटिस की जांच कर सकते हैं. इसके लिए टैक्स पेयर्क को अपने अकाउंट से लॉग इन करने की जरूरत नहीं है. इसके तहत दिए गए मोबाइल नंबर पर 15 मिनट के लिए मान्य एक ओटीपी भेजा जाता है और यूजर को सही नंबर दर्ज करने के लिए 3 मौके मिलते हैं. साथ ही ओटीपी सत्यापन के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला मोबाइल नंबर ई-फाइलिंग पोर्टल पर रजिस्टर्ड होना जरूरी नहीं है.
आयकर नोटिस का जवाब देने से पहले उसकी पुष्टि करना वित्तीय अपराधों से बचाव का एक सरल लेकिन बहुत जरूरी उपाय है. आधिकारिक आयकर वेबसाइट पर जाकर और सर्टिफिकेशन जांच पूरी करके टैक्सपेयर्स वास्तविक सूचनाओं की पहचान कर सकते हैं और संभावित वित्तीय धोखाधड़ी से बच सकते हैं.
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