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अगस्त में सोने की कीमतों में 12% तक उछाल, निवेश के लिए यह है राइट टाइम?

ईरान-अमेरिका और एशिया के कुछ इलाकों में जियो पॉलिटिकल टेंशन के बीच सोना फिर सुरक्षित निवेश का विकल्प बनकर उभरा है. अगस्त में ही सोने की कीमतों में 12% तक का उछाल देखने को मिला है. निवेश के लिए यह सही समय है? जानें एक्सपर्ट्स की राय.

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अमेरिका में ब्याज दरों को लेकर 28 अगस्त को फैसला हो सकता है (फोटो क्रेडिट: Business Today)

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  • अगस्त माह की शुरुआत से भारत में सोने के दाम 12% बढ़ गए हैं, और अक्टूबर के वायदा में 1 लाख 60 हजार 108 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुँच चुके हैं।
  • अमेरिका में ब्याज दरों पर आगामी फेडरल रिजर्व की बैठक के कारण वित्तीय अनिश्चितता और करेंसी गिरावट ने निवेशकों को सोने जैसे भरोसेमंद निवेश विकल्पों की ओर मोड़ा है।
  • सोने की कीमतों में वृद्धि के चलते निवेशक सुरक्षित निवेश की तलाश में हैं, और सरकार द्वारा सोने पर आयात शुल्क में संभावित बदलाव भविष्य में बाजार को प्रभावित कर सकता है।

भारत में इस महीने (अगस्त) की शुरुआत से अब तक सोने के दाम 12% उछले हैं. मिंट में छपी एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है. घरेलू बाजार यानी मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) गोल्ड अक्टूबर वायदा गुरुवार को करीब 0.30% बढ़कर  1 लाख 60 हजार 108 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया. इंटरनेशनल मार्केट में सोने की कीमतें एक बार फिर 4,600 डॉलर प्रति औंस के पार पहुंच गईं. 27 अगस्त को सोने के दाम करीब एक परसेंट चढ़ गए. 

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जानकारों का कहना है कि अमेरिका में ब्याज दरों को लेकर होने वाली सालाना बैठक पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं. जैक्सन हॉल में अमेरिका के केन्द्रीय बैंक की मीटिंग वैसे तो 27 अगस्त से शुरू हो चुकी है. लेकिन 28 अगस्त को इस बैठक को फेड के चेयरमैन संबोधित करेंगे. 

इसमें अमेरिका में ब्याज दरें, महंगाई को लेकर तस्वीर साफ हो सकती है. सीएमई फेडवॉच टूल के अनुसार निवेशक सितंबर में अमेरिकी ब्याज दर में वृद्धि की 36.1% संभावना का अनुमान लगा रहे हैं. दिसंबर तक यह संभावना बढ़कर 72.1% हो जाएगी.

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क्या सोना खरीदने का यह सही वक्त है?

कोटक सिक्योरिटीज के कमोडिटी रिसर्च के एवीपी, कायनात चैनवाला का मानना ​​है कि स्पॉट मार्केट में सोने के दाम पिछले कुछ दिनों से उछले हैं. राजकोषीय, मौद्रिक नीति की अनिश्चितता और करेंसी में गिरावट की वजह से निवेशक भरोसेमंद निवेश साधनों में पैसा लगा रहे हैं. हालांकि, लंबी अवधि के ट्रेजरी बॉन्ड की यील्ड में हालिया उच्च स्तर से मामूली गिरावट आई है .यह सोने के लिए एक बाधा बनी हुई है. 

लेकिन डॉलर की नरमी, ईटीएफ में नए सिरे से निवेश और चीन से सोने की फिजिकल डिमांड जारी रहना सोने की कीमतों को सपोर्ट दे रहा है. हालांकि, निकट भविष्य में सोने की कीमत 5,500 डॉलर प्रति औंस की तरफ लगातार बढ़ने का अनुमान नहीं है. उन्होंने आगे कहा कि फिलहाल सोने के लिए दुनियाभर में माहौल अनुकूल बना हुआ है और इसमें और तेजी की संभावना है.

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 जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के कमोडिटी रिसर्च हेड हरीश वी का मानना है कि जियो पॉलिटिकल टेंशन (ईरान युद्ध) के बीच लोग सुरक्षित निवेश के तौर पर सोने में इनवेस्टमेंट बढ़ा रहे हैं. इस वजह से सोने की कीमतों में तेजी का दौर जारी रह सकता है. हरीश ने आगे बताया अगले कुछ दिनों में सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है. उनका कहना है कि उम्मीद है कि सरकार सोने पर लगने वाला आयात शुल्क में बदलाव करेगा.  अभी सोने पर 15% आयात शुल्क लगता है. 

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