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महीने भर में सोना 15 हजार और चांदी 40 हजार सस्ती, वजह सीधे अमेरिका से जुड़ी है

जून महीने में सोने और चांदी की कीमतों में भारी गिरावट देखने को मिली है. एमसीएक्स के मुताबिक जून में भारत में सोने का हाजिर भाव 15,100 या लगभग 10% की गिरावट के साथ 1 लाख 40 हजार 864 रुपये के आसपास आ गया.

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अमेरिका में ब्याज दरें बढ़ने की संभावना के चलते सोने के दाम गिरे हैं (फोटो क्रेडिट: Business Today)

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  • मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर 1 जुलाई को सोने और चांदी के वायदा भाव में क्रमशः लगभग एक प्रतिशत और दो प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई।
  • सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट का मुख्य कारण अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावित योजना और डॉलर के मूल्य में उछाल है।
  • ब्याज दरों में बढ़ोतरी की आशंका के चलते निवेशक सोने और चांदी से हट रहे हैं, जिससे इनके भाव में दबाव बढ़ रहा है और आगे भी कीमतों में उतार-चढ़ाव की संभावना बनी हुई है।

बुधवार 1 जुलाई को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर शुरुआती कारोबार में सोने और चांदी की कीमतों में भारी गिरावट आ गई है. मिंट में छपी एक रिपोर्ट में बताया गया है कि 1 जुलाई को शुरुआती कारोबार में एमसीएक्स पर अगस्त वायदा करीब एक परसेंट गिरकर 1 लाख 41 हजार 300 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था. इसी तरह से एमसीएक्स सिल्वर सितंबर वायदा सुबह करीब 2 परसेंट से ज्यादा गिरकर 2 लाख 23 हजार 850 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गया.

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जून में सोना 15 हजार और चांदी करीब 40 हजार सस्ती 

जून महीने में सोने और चांदी की कीमतों में भारी गिरावट देखने को मिली है. एमसीएक्स के मुताबिक जून में भारत में सोने का हाजिर भाव 15,100 या लगभग 10% की गिरावट के साथ 1 लाख 40 हजार 864 रुपये के आसपास आ गया. 

इसी तरह से जून में चांदी का भाव 15 परसेंट यानी 38,250 की गिरावट के साथ 30 जून को 2 लाख 25 हजार 125 प्रति किलोग्राम पर बंद हुआ. विदेशों में सोने के दाम साल 2013 के बाद पहली बार इतनी तेजी से गिरे हैं. इसकी कई वजहें हैं. 

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क्यों गिर रहे सोना-चांदी ?

सोने की कीमतों में गिरावट का प्रमुख कारण ये है कि अमेरिका के केन्द्रीय बैंक फेडरल रिजर्व की तरफ से ब्याज दरों में बढ़ोतरी की आशंका है. अटकलें लगाई जा रही हैं कि डॉलर में लगातार हो रही बढ़ोतरी के चलते फेडरल रिजर्व इस साल ब्याज दरों में तीन बार वृद्धि कर सकता है. 

ज्यादातर व्यापारियों को उम्मीद है कि फेडरल रिजर्व इस साल सितंबर, अक्टूबर और दिसंबर में ब्याज दरों में बढ़ोतरी करेगा. अमेरिकी फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (FOMC) की अगली बैठक 28-29 जुलाई को होनी है.

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इस वजह से सोने की कीमतों पर दबाव देखने को मिला है. डॉलर सूचकांक जून में 2% से अधिक उछला और अब 101.35 के करीब है. इससे रुपया समेत दूसरी मुद्राओं में सोना खरीदना महंगा हो गया है.

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