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AI के डेटा सेंटर अरबों लीटर पानी पी रहे, इतने में 130 करोड़ लोगों का काम चल जाता

एआई डेटा सेंटर बिजली के अलावा अरबों लीटर पानी भी इस्तेमाल करते हैं. अमेजन ने पिछले साल डेटा सेंटर में 9 अरब लीटर पानी इस्तेमाल किया है.

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अमेजन ने पिछले साल डेटा सेंटर में 9 अरब लीटर पानी इस्तेमाल किया (फोटो क्रेडिट: India Today)

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  • अमेजन Inc. ने साल 2025 में अपने डेटा सेंटरों के लिए कुल 9.46 अरब लीटर पानी इस्तेमाल किया और दावा किया कि यह प्रतिस्पर्धी कंपनियों की तुलना में कम है।
  • डाटा सेंटरों में भारी बिजली और पानी की खपत होती है क्योंकि उन्हें कूलिंग के लिए बड़े पैमाने पर संसाधनों की जरूरत होती है, जिससे पर्यावरण पर दबाव बढ़ता है।
  • 2030 तक डेटा सेंटरों द्वारा पानी की खपत 9.3 लाख करोड़ लीटर और बिजली खपत दोगुनी होकर 945 TWh होने का अनुमान है, जिससे जल स्रोतों और ऊर्जा प्रणाली पर प्रभाव पड़ेगा।

इन दिनों हर कोई एआई यानी आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस के फायदे बताते नहीं थकता. लेकिन क्या आपको पता है कि एआई डेटा सेंटर चलाने के लिए पर्यावरण को क्या कीमत चुकानी होती है? बिजनेस टुडे की एक रिपोर्ट में अमेजन के हवाले से बताया गया कि एआई डेटा सेंटर चलाने के लिए बिजली के अलावा अरबों लीटर पानी की भी जरूरत होती है. अमेजन Inc. कंपनी ने ही साल 2025 में अपने डेटा सेंटर के लिए दुनियाभर में 2.5 अरब गैलन (करीब 9.46 अरब लीटर) पानी का इस्तेमाल किया लेकिन आप हैरान होंगे कि इतनी मात्रा में पानी इस्तेमाल करने के बाद भी कंपनी का दावा है कि वह अपनी प्रतिस्पर्धी कंपनियों की तुलना में कम पानी इस्तेमाल कर रही है.

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कम पानी इस्तेमाल का दावा

कंपनी ने एक ब्लॉग पोस्ट में दावा किया कि भारी भरकम डेटा सेंटर के बावजूद उसने साल 2024 की तुलना में 2 परसेंट कम पानी इस्तेमाल किया. कंपनी ने ब्लॉग में लिखा है कि साल 2025 में उसके डेटा सेंटरों ने प्रति किलोवाट-घंटे बिजली की खपत के लिए 0.12 लीटर पानी का इस्तेमाल किया. यह आंकड़ा माइक्रोसॉफ्ट, गूगल और मेटा द्वारा बताए गए आंकड़ों से कम है. कंपनी ने आगे बताया कि वह कूलिंग के लिए पानी का इस्तेमाल नहीं करती बल्कि वह सर्वरों को गर्म होने से बचाने के लिए प्राकृतिक हवा पर निर्भर है. 

कंपनी ने कहा कि वह फ्री एयर कूलिंग तरीके से डेटा सेंटर के बाहर से ठंडी हवा खींचती है और इसे सर्वरों से गुजारती है. यह सर्वर में पैदा होने वाली गर्मी को सोख लेती है. फिर गर्म हवा को वापस बाहर निकाल दिया जाता है.

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130 करोड़ लोगों की जरूरत के बराबर पानी

इंडिया टुडे की एक रिपोर्ट में यूनाटेड नेशंस यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट फॉर वॉटर, एनवायरमेंट एंड हेल्थ के हवाले से लिखा है कि साल 2030 तक दुनियाभर के डेटा सेंटर 9.3 लाख करोड़ लीटर पानी का इस्तेमाल करेंगे. ये इतना पानी है जितने में अफ्रीका महाद्वीप के सभी 130 करोड़ लोगों की सालभर की पानी की जरूरतों को पूरा किया जा सकता है. 

वहीं, साल 2030 तक डेटा सेंटरों द्वारा बिजली की खपत दोगुनी होकर 945 TWh होने का अनुमान है. इतनी बिजली जापान में इस्तेमाल होती है. 1 TWh में 100 करोड़ यूनिट बिजली होती हैं. 

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