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स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से निकला भारत का पहला जहाज Disha क्या लेकर आ रहा?

सरकार के एक अधिकारी ने बताया कि भारतीय शिप 'दिशा' के 18 जून को गुजरात के दहेज बंदरगाह पर पहुंचने की उम्मीद है. अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच युद्ध और सीजफायर का तनाव 3 महीने से भी ज्यादा समय चला. तब से पहली बार कोई भारतीय जहाज बिना किसी डर के इस इलाके से सुरक्षित निकला है.

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भारत होर्मुज के रास्ते 60% LNG मंगाता है (फाइल फोटो क्रेडिट: Aaj Tak)

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  • भारतीय जहाज 'दिशा' ने 15 जून को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को सुरक्षित रूप से पार किया और 62,370 टन लिक्विफाइड नेचुरल गैस लेकर गुजरात के दहेज बंदरगाह की तरफ बढ़ा।
  • अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच तीन महीने से चले तनाव के बाद समझौते के कारण ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का मार्ग फिर से खुला, जिससे जहाज मार्ग सुरक्षित हुआ।
  • स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के खुलने से भारत को अपनी गैस और तेल की आपूर्ति में स्थिरता मिलती है, जिससे 18 जून को दिशा के पहुँचने की संभावना बनी है।

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खुल चुका है. सोमवार, 15 जून को Disha नाम का भारतीय जहाज इस बात पर ‘मुहर’ लगाते हुए यहां से सुरक्षित निकला. अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच युद्ध और सीजफायर का तनाव 3 महीने से भी ज्यादा समय चला. तब से पहली बार कोई भारतीय जहाज बिना किसी डर के इस इलाके से सुरक्षित निकला है. मिंट ने बताया कि Disha कई हजार टन लिक्विफाइड नेचुरल गैस यानी LNG लेकर भारत की तरफ आ रहा है.

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दिशा में लदी है 62 हजार टन से ज्यादा गैस

रिपोर्ट के मुताबिक भारत सरकार के शिपिंग कारपोरेशन के एक अधिकारी ने बताया कि भारतीय शिप 'दिशा' में 62 हजार 370 टन LNG लदी हुई है. एक मीडिया ब्रीफिंग में बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्रालय में डायरेक्टर ओपेश कुमार शर्मा ने कहा कि गैस से लदा 'दिशा' शिप के 18 जून को गुजरात के दहेज बंदरगाह पर पहुंचने की उम्मीद है. उन्होंने आगे कहा कि इस शिप ने होर्मुज को सुरक्षित रूप से पार कर लिया है.

बताया गया कि यह शिप मार्च से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में फंसा हुआ था. कई हफ्तों की तीखी बयानबाजी के बाद अब अमेरिका और ईरान के बीच समझौता होने की खबर आई है. इसी के तहत ईरान ने इस रास्ते को फिर से खोल दिया है. इसके बाद से ही दुनियाभर के तेल और गैस टैंकर तेजी से अपने-अपने रास्ते निकल रहे हैं. इनमें दिशा भी शामिल है. 

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भारत के लिए क्यों अहम यह होर्मुज का रास्ता 

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से दुनिया के करीब 20 पर्सेंट तेल और गैस की आवाजाही होती है. भारत भी अपनी तेल और गैस जरूरतों का बड़ा हिस्सा इस रास्ते से मंगाता है. इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट में बताया गया है कि भारत कच्चे तेल आयात का लगभग 40%, LNG आयात का 60% और एलपीजी आयात का 90% हिस्सा स्ट्रेेट ऑफ होर्मुज के रास्ते से करता है. इसलिए यह जलमार्ग भारत की एलपीजी सप्लाई के लिए काफी मायने रखता है. 

समाचार एजेंसी ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक LNG लदा ये शिप होर्मुज के पूर्वी हिस्से से होते हुए ओमान की खाड़ी की ओर बढ़ रहा है. जहाज के ट्रैकिंग डेटा से पता चला है कि इस शिप ने लगभग 1 मार्च को कतर के रास लाफान निर्यात टर्मिनल से LNG लोड की थी.

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