दुनिया के जाने-माने निवेशक वॉरेन बफे ने बर्कशायर हैथवे से इस्तीफा दे दिया. वो इस निवेश कंपनी के कई दशकों तक सर्वेसर्वा रहे. वे 60 साल से कंपनी के चेयरमैन थे. 96 साल की उम्र में उन्होंने ये पद छोड़ने का फैसला किया है.
मशहूर निवेशक वॉरेन बफे का बर्कशायर हैथवे से इस्तीफा, 60 साल तक चेयरमैन रहे
वॉरेन बफे की गिनती दुनिया के सबसे मशहूर और सफल निवेशकों में होती है. शेयर बाजार और निवेश की दुनिया में दशकों से लोग उनकी सलाह और फैसलों पर नजर रखते आए हैं. खासतौर से लंबी अवधि के निवेश के मामले में उन्हें दुनिया भर के निवेशकों के बीच खास पहचान मिली.

वॉरेन बफे की गिनती दुनिया के सबसे मशहूर और सफल निवेशकों में होती है. शेयर बाजार और निवेश की दुनिया में दशकों से लोग उनकी सलाह और फैसलों पर नजर रखते आए हैं. खासतौर से लंबी अवधि के निवेश के मामले में उन्हें दुनिया भर के निवेशकों के बीच खास पहचान मिली. वॉरेन बफे को 'ओमाहा का ओरेकल' कहा जाता है. वे लंबे समय से अमेरिका के ओमाहा शहर में रहते हैं. ओरेकल का मतलब होता है- बहुत समझदार और दूरदर्शी.
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वॉरेन बफे ने साल 1965 में बर्कशायर हैथवे की कमान संभाली थी. उस समय यह एक कपड़ा कंपनी थी. बाद में उन्होंने बर्कशायर को इश्योरेंस, रेलवे, ऊर्जा, मैन्युफैक्चरिंग, रिटेल और इन्वेस्टमेंट समेत कई क्षेत्रों में फैले बिजनेस घराने में बदल दिया.
उनकी मेहनत के चलते बर्कशायर हैथवे लगभग 1 ट्रिलियन डॉलर (96 लाख करोड़ रुपये) से ज्यादा वैल्यू वाला कारोबारी साम्राज्य बना. बफे के कार्यकाल में बर्कशायर के शेयरधारकों को औसतन लगभग 20% का सालाना मुनाफा मिला. उन्होंने आईफोन बनाने वाली कंपनी एपल, कोका कोला और अमेरिकन एक्सप्रेस में लंबी अवधि तक मोटा पैसा निवेश किया.
हावर्ड बफे संभालेंगे कमानवॉरेन बफे के इस्तीफे के बाद उनके बेटे हॉवर्ड जी. बफे को बर्कशायर हैथवे की कमान सौंपी गई है. हावर्ड जी. बफे 1993 से बर्कशायर के निदेशक हैं. बर्कशायर हैथवे ने घोषणा की है कि वॉरेन बफे मानद चेयरमैन बनेंगे और कंपनी के बोर्ड में बने रहेंगे.
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