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EPFO का सर्वर डाउन, 3 दिन ना बैलेंस दिखेगा ना पैसा मिलेगा, इमरजेंसी में क्या करें?

EPFO Server Down: ईपीएफओ पोर्टल और उमंग ऐप पर पीएफ की सभी सेवाएं अगले 3 दिनों के लिए पूरी तरह बंद कर दी गई हैं. इस दौरान करोड़ों खाताधारक न तो पीएफ बैलेंस चेक कर पाएंगे और न ही एडवांस पैसा निकाल सकेंगे. पीएफओ के इस बड़े फैसले के पीछे की वजह क्या है. और मेडिकल इमरजेंसी में आपके पास क्या विकल्प बचे हैं.

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तीन दिनों तक डाउन रहेगा EPFO सर्वर

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  • ईपीएफओ ने अपने पोर्टल और उमंग ऐप की पीएफ सेवाओं को तीन दिनों के लिए बंद करने का निर्णय लिया है ताकि डेटाबेस माइग्रेशन किया जा सके।
  • यह फैसला पुराने और धीमे सर्वर से आधुनिक और सुरक्षित क्लाउड सर्वर पर डेटा शिफ्ट करने के कारण लिया गया है, जिससे भविष्य में सेवा की गुणवत्ता सुधरेगी।
  • तीन दिनों के दौरान ऑनलाइन पीएफ सेवाएं बंद रहने से प्रभावित खाताधारक ऑफलाइन क्लेम और हेल्पलाइन नंबर 14470 के माध्यम से सहायता प्राप्त कर सकते हैं।

अगर आप नौकरीपेशा हैं और हर महीने आपकी सैलरी से पीएफ (PF) कटता है, तो ये खबर सीधे आपसे जुड़ी है. ईपीएफओ (EPFO) का मुख्य पोर्टल और उमंग (UMANG) ऐप पर मिलने वाली पीएफ सेवाएं अगले 3 दिनों के लिए पूरी तरह ठप रहने वाली हैं. आमतौर पर सरकारी वेबसाइट्स या पोर्टल कुछ घंटों के मेंटेनेंस के लिए बंद होते हैं, लेकिन पूरे 3 दिन यानी 72 घंटे की ये बंदी एक बड़ा झटका है. खासकर उन लोगों के लिए जो किसी इमरजेंसी में पीएफ का पैसा निकालने की सोच रहे थे.

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NDTV समेत कई मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस बंदी का सीधा असर देश के करीब 6-7 करोड़ पीएफ खाताधारकों पर पड़ने वाला है. इस दौरान पोर्टल पर लॉग-इन से लेकर क्लेम सेटलमेंट तक के सारे काम पूरी तरह ठप रहेंगे. 

ऐसा में आप सोच रहे होंगे कि इन 3 दिनों में कौन-कौन सी सुविधाएं बंद रहेंगी, ईपीएफओ ने इतना बड़ा फैसला क्यों लिया और अगर आपको अचानक पैसों की जरूरत पड़ जाए तो आपके पास क्या रास्ते बचे हैं.

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इन 3 दिनों में क्या-क्या नहीं कर पाएंगे आप?

अगर आप सोच रहे हैं कि सिर्फ वेबसाइट थोड़ी धीमी चलेगी, तो ऐसा बिल्कुल नहीं है. ईपीएफओ का सर्वर डाउन होने का मतलब है कि डिजिटल तौर पर आप अपने पीएफ अकाउंट को छू भी नहीं पाएंगे.

पीएफ बैलेंस और पासबुक: आप न तो अपना करंट पीएफ बैलेंस चेक कर पाएंगे और न ही पीएफ पासबुक डाउनलोड कर पाएंगे.

एडवांस पीएफ विड्रॉल: अगर घर में कोई शादी-ब्याह है, मकान की मरम्मत करानी है या कोई और काम है, तो आप एडवांस पीएफ के लिए ऑनलाइन अप्लाई नहीं कर सकेंगे.

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क्लेम स्टेटस ट्रैक करना: अगर आपने पहले से ही पैसे निकालने या ट्रांसफर करने का क्लेम डाला हुआ है, तो इन 3 दिनों में उसका स्टेटस भी अपडेट नहीं होगा और न ही आप उसे ट्रैक कर पाएंगे.

UAN जनरेट या एक्टिवेट करना: नए कर्मचारियों के लिए यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) जनरेट करना या पुराने यूएएन को एक्टिवेट करने का काम भी पूरी तरह रुक जाएगा.

अचानक मेडिकल इमरजेंसी आ जाए तो क्या करें?  

ये सबसे बड़ा और संवेदनशील सवाल है. मान लीजिए किसी के परिवार में कोई मेडिकल इमरजेंसी आ जाए और उसे तुरंत अस्पताल के बिल चुकाने के लिए पीएफ से एडवांस पैसा निकालना हो, तो वो क्या करेगा? चूंकि ऑनलाइन सिस्टम पूरी तरह बंद है, इसलिए आपके पास ये कुछ सीमित रास्ते बचते हैं.

1. ऑफलाइन क्लेम (मैनुअल तरीका): आपातकालीन स्थिति में आप ईपीएफओ के नजदीकी क्षेत्रीय कार्यालय (Regional Office) में जाकर ऑफलाइन फॉर्म भर सकते हैं. मेडिकल ग्राउंड पर मिलने वाले एडवांस के लिए 'फॉर्म 31' (Form 31) का इस्तेमाल होता है. हालांकि, इस प्रक्रिया में भी डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन मैन्युअली होगा, जिससे थोड़ा समय लग सकता है, लेकिन बेहद जरूरी होने पर ये एक जरिया है.

2. EPFO हेल्पलाइन और सोशल मीडिया: ईपीएफओ ने ऐसी स्थितियों के लिए अपना टोल-फ्री नंबर 14470 जारी किया हुआ है. आप इस पर कॉल करके अपनी स्थिति बता सकते हैं. इसके अलावा, ईपीएफओ के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल (जैसे एक्स - पहले ट्विटर) पर अपनी शिकायत या समस्या दर्ज करा सकते हैं. कई बार बेहद गंभीर मामलों में वहां से त्वरित प्रतिक्रिया मिलती है.

सिर्फ रूटीन मेंटेनेंस है या कुछ बड़ा?

अब बात करते हैं कि आखिर ईपीएफओ को 3 दिनों के लिए अपना पूरा तामझाम बंद क्यों करना पड़ा. पिछले काफी समय से नौकरीपेशा लोग सोशल मीडिया पर शिकायत कर रहे थे कि ईपीएफओ की वेबसाइट बेहद धीमी चलती है, पासबुक पोर्टल खुलता ही नहीं है और क्लेम सेटल होने में हफ्तों लग जाते हैं.

सूत्रों और तकनीकी जानकारों के मुताबिक, ये कोई सामान्य या रूटीन मेंटेनेंस नहीं है. ईपीएफओ अपने पुराने और सुस्त सर्वर से पीछा छुड़ाने के लिए एक बड़े 'डेटाबेस माइग्रेशन' (Database Migration) पर काम कर रहा है. इसका मतलब ये है कि करोड़ों यूजर्स का भारी-भरकम डेटा अब नए, आधुनिक और सुरक्षित क्लाउड सर्वर पर शिफ्ट किया जा रहा है. इस प्रक्रिया में डेटा लॉस न हो और सिक्योरिटी बनी रहे, इसलिए पूरे सिस्टम को होल्ड पर रखना जरूरी था. इस अपग्रेडेशन के बाद उम्मीद है कि वेबसाइट की स्पीड सुधरेगी और क्लेम रिजेक्शन की दर में कमी आएगी.

EPFO सर्वर डाउन की पूरी तस्वीर

अब आगे बढ़ने से पहले इस ग्राफिक्स की मदद से समझने की कोशिश करते हैं कि आखिर ये दिक्कत हो क्यों रही है. साथ ही ये भी जानते हैं कि आपात स्थिति में क्या करना होगा.

AI की मदद से तैयार ग्राफिक्स
AI की मदद से तैयार ग्राफिक्स

(सोर्स: ईपीएफओ वार्षिक रिपोर्ट और आधिकारिक घोषणाएं)

दूर का फायदा

ईपीएफओ का ये कदम भले ही तात्कालिक रूप से करोड़ों नौकरीपेशा लोगों के लिए परेशानी खड़ी करने वाला है, लेकिन लंबी अवधि के लिहाज से ये बेहद जरूरी था. आउटडेटेड हो चुके सर्वर के कारण आए दिन यूजर्स को जो दिक्कतें होती थीं, उम्मीद है कि इस 3 दिन के महा-मेंटेनेंस के बाद वो हमेशा के लिए दूर हो जाएंगी. अगर आपको पीएफ से जुड़ा कोई गैर-जरूरी काम है, तो बेहतर होगा कि आप इन 3 दिनों के बीतने का इंतजार करें और सर्वर पूरी तरह बहाल होने के बाद ही लॉग-इन करें.

चलते-चलते आपको बता दें कि जल्दी ही EPFO 3.0 भी लागू होने वाला है, क्या है वो जानने के लिए लल्लनटॉप के आर्टिकल “EPFO 3.0: 7 करोड़ कर्मचारियों की मौज! UPI से निकलेगा PF का पैसा, बदल गए ये 5 बड़े नियम” को क्लिक करें.

वीडियो: खर्चा पानी: EPFO से पैसा निकालना हो, तो जान लीजिए ये बातें

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