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धनतेरस 2026: सोने-चांदी की ज्वेलरी खरीद रहे हैं तो क्वालिटी चेक करना न भूलें, ये टिप्स जान लें

धनतेरस और दिवाली के मौके पर पूरे देश में जमकर खरीदारी होती है. लोग सोने-चांदी के गहने और सिक्कों की खूब खरीदारी करते हैं. अगर आपका भी ऐसा प्लान है, तो पहले क्वालिटी चेक के लिए कुछ जरूरी बातें जान लें.

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BIS हॉलमार्क कीमती मेटल की चीजों की शुद्धता को वेरिफाई करने का सबसे सटीक तरीका है (Courtesy: Business Today)

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  • भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) ने सोने और चांदी के गहनों की शुद्धता जांचने के लिए हॉलमार्किंग नियमों और फीस संरचना में बदलाव की घोषणा की है, जो 14 सितंबर, 2026 से लागू होगा।
  • सोने और चांदी की ज्वेलरी की शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए BIS हॉलमार्किंग निशान में तीन पहचान अंक होते हैं, जिसमें BIS लोगो, प्योरिटी ग्रेड और छह अंकों का HUID कोड शामिल है।
  • BIS द्वारा निर्धारित नए शुल्क के तहत, सोने और चांदी के हर आइटम की हॉलमार्किंग के लिए निर्धारित फीस लागू होगी, साथ ही ज्वेलरी पर 3% GST भी लगेगा, जो त्योहारों में खरीदारी को प्रभावित कर सकता है।

त्योहारों का मौसम चल रहा है. शुक्रवार 6 नवंबर को धनतेरस और रविवार 8 नवंबर को दिवाली है. इन त्योहारों पर लोग गोल्ड और सिल्वर ज्वेलरी खरीदना पसंद करते हैं. लेकिन त्योहार की इस भागदौड़ में कहीं ऐसा न हो कि आप कम शुद्धता वाला सोना या चांदी खरीदकर अपने पैसे बर्बाद कर दें. ऐसे में आइए जानते हैं कि सोने खरीदने से पहले सोने और चांदी के गहनों की शुद्धता कैसे पहचानें.

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कैसे जानें गहनों की शुद्धता?

मनीकंट्रोल में छपी एक खबर के मुताबिक भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) हॉलमार्क कीमती मेटल की चीजों की शुद्धता को वेरिफाई करने का सबसे सटीक तरीका है. यह मेटल की शुद्धता को प्रमाणित करता है जैसे कि 22K या 24K सोना. हॉलमार्क पर मुख्य रूप से तीन निशान होते हैं. सबसे प्रमुख है BIS का लोगो. यह बताता है कि सोने की शुद्धता की जांच BIS के मानकों के अनुसार की गई है. 

दूसरा, प्योरिटी का ग्रेड. इसमें सोने की शुद्धता कैरेट (Karat) या मिलीसिमल फाइननेस में लिखी होती है. तीसरा निशान छह अंकों का HUID कोड होता है. यह हॉलमार्क यूनिक आइडेंटिफिकेशन कोड होता है. यह हर हॉलमार्क वाले गहनों की अलग पहचान बताता है. हाल ही में, BIS ने सोने और चांदी की चीज़ों के लिए हॉलमार्किंग फीस स्ट्रक्चर में बदलाव किया है, जो 14 सितंबर, 2026 से लागू होगा.

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कितनी फीस चुकानी होगी?

ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड्स (हॉलमार्किंग) रेगुलेशन 2026 के मुताबिक जो ज्वेलर्स मान्यता प्राप्त एसेइंग और हॉलमार्किंग सेंटर्स (AHCs) में सोने की शुद्धता जानने के लिए, हरेक आइटम के लिए 75 रुपये देने होंगे. इसमें हर कंसाइनमेंट के लिए कम से कम 200 का चार्ज लगेगा. चांदी के आइटम के लिए फीस 35 रुपये प्रति आइटम है. इसमें हर कंसाइनमेंट के लिए कम से कम 150 रुपये का चार्ज लगेगा.

नोटिफिकेशन में यह भी बताया गया है कि एसेइंग और हॉलमार्किंग सेंटर्स BIS की तरफ से कितनी फीस लेंगे. सोने की चीजों के लिए चार्ज 7.50 रुपये प्रति आइटम है. यह हर कंसाइनमेंट के लिए कम से कम 20 रुपये होगा. चांदी की ज्वेलरी के लिए, चार्ज 3.50 रुपये प्रति नग है. यह हर कंसाइनमेंट के लिए कम से कम 15 रुपये होगा. इस पर टैक्स अलग से लगेंगे.

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हॉलमार्किंग से जुड़े खर्चों के अलावा, कीमती मेटल की ज्वेलरी पर 3% का फ्लैट रेट GST लगता है. इसमें इंट्रा-स्टेट सेल्स के लिए 1.5% CGST और 1.5% SGST या इंटर-स्टेट ट्रांज़ैक्शन के लिए 3% IGST शामिल है. ध्यान दें कि सोने की प्योरिटी चाहे जो भी हो, GST रेट में कोई बदलाव नहीं होता है.

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