लेंसकार्ट सॉल्यूशंस के शेयर गुरुवार 13 अगस्त को 7% तक बढ़कर 627 रुपये पर पहुंच गए. इंडिया टुडे में छपी एक रिपोर्ट में बताया गया है कि कंपनी के पहली तिमाही के नतीजों में मुनाफे, राजस्व और मार्जिन में अच्छा सुधार देखने को मिला. पहली तिमाही के मजबूत नतीजों के चलते कई ब्रोकरेज फर्म ने कंपनी के शेयर के टारगेट प्राइस में इजाफा किया है.
लेंसकार्ट के शेयर्स में 7% की तेजी, खरीदने-बेचने का है प्लान तो पहले एक्सपर्ट्स की राय जान लें
लेंसकार्ट के शेयर्स में 7 फीसदी की तेजी देखने को मिली है. ब्रोकरेज फर्म जेफरीज, मॉर्गन स्टेनली, गोल्डमैन सैक्स, मैक्वेरी और मोतीलाल ओसवाल ने इसे स्टॉक के लिए पॉजिटिव संकेत बाताया है.

ब्रोकरेज फर्म जेफरीज, मॉर्गन स्टेनली, गोल्डमैन सैक्स, मैक्वेरी और मोतीलाल ओसवाल इस स्टॉक को लेकर पॉजिटिव रुख रखा है. वहीं, ब्रोकरेज फर्म सिटी ने इसे तटस्थ (न्यूट्रल ) रेटिंग दी है.
पहली तिमाही में जबरदस्त मुनाफालेंसकार्ट ने वित्त वर्ष 2026-2027 की पहली तिमाही (एक अप्रैल से 30 जून के बीच) में अपने शुद्ध लाभ में साल-दर-साल 182.3% की वृद्धि दर्ज की. कंपनी को इस दौरान 228 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया. कंपनी के राजस्व में साल-दर-साल 33.6% का इजाफा हुआ है और यह 2,214 करोड़ रुपये तक पहुंच गया. ईबीआईटीडीए में 61.3% की वृद्धि हुई और यह 589 करोड़ रुपये तक पहुंच गया.
कंपनी का मुनाफा सिर्फ भारत और विदेश दोनों जगहों पर बिजनेस करने से भी हुआ है. कंपनी के भारत से राजस्व में 30.7% की वृद्धि हुई, जबकि अंतरराष्ट्रीय रेवेन्यू में 38% की वृद्धि हुई. मार्जिन में भी बढ़िया सुधार हुआ है. लेंसकार्ट का मार्जिन पहली बार 70% से अधिक हो गया, जो एक साल पहले के 68.7% की तुलना में बढ़कर 70.3% हो गया.
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लेंसकार्ट के बारे में ब्रोकरेज कंपनियों की क्या राय है?दुनिया की जानी मानी ब्रोकरेज फर्म जेफरीज ने बाय रेटिंग बरकरार रखी है. टारगेट प्राइस 600 रुपये से बढ़ाकर 680 रुपये कर दिया है. इसका मतलब मौजूदा स्तर से करीब 8.5% की तेजी की उम्मीद जताई गई है.
जेफरीज ने लेंसकार्ट के 500 रुपये के एंट्री-लेवल और प्रीमियम प्रोडक्ट्स की उपलब्धता की संभावना की उम्मीद जताई है. उनका मानना है कि अंतरराष्ट्रीय कारोबार में बढ़ते मार्जिन से कंपनी की कुछ मुख्य समस्याओं में से एक का समाधान हो जाएगा.
मॉर्गन स्टेनली ने 666 रुपये के लक्ष्य मूल्य के साथ ओवरवेट रेटिंग दी है. इसका मतलब है कि 627 रुपये से लगभग 6% की वृद्धि की संभावना है. इसने कहा कि हालिया तिमाही के नतीजों में भी कंपनी का प्रदर्शन मजबूत रहा. इसमें अंतरराष्ट्रीय कारोबार का बड़ा योगदान है.
गोल्डमैन सैक्स ने इसे 'एक्युमुलेट' रेटिंग दी है और शेयर का टारगेट प्राइस 625 रुपये से बढ़ाकर 715 रुपये कर दिया है. कंपनी के शेयर का टारगेट 627 रुपये से लगभग 14% की वृद्धि दर्शाता है. वहीं, मैक्वेरी ने इसे आउटपरफॉर्म रेटिंग दी है और इसका लक्ष्य मूल्य 625 रुपये से बढ़ाकर 675 रुपये कर दिया है. इसका मतलब है कि कंपनी के शेयरों का दाम लगभग 8% की वृद्धि की संभावना है.
इस ब्रोकरेज फर्म ने बिक्री बढ़ने, लेंस और फ्रेम में प्रीमियम उत्पादों की बढ़ती मांग, 500 रुपये की शुरुआती कीमत वाले चश्मे और भारत में 10,000 से अधिक स्टोर खोलने की क्षमता को महत्वपूर्ण बताया. मोतीलाल ओसवाल ने अपनी बाय रेटिंग बरकरार रखी है और टार्गेट प्राइस 655 रुपये से बढ़ाकर 705 रुपये कर दिया है. यह 627 रुपये से लगभग 12.4% की संभावित वृद्धि को दर्शाता है.
ब्रोकरेज फर्म का मानना है कि बड़े पैमाने पर उत्पादन, बैकवर्ड इंटीग्रेशन और मार्जिन में बढ़ोतरी से आय को समर्थन मिलता रहेगा. साथ ही, फर्म को उम्मीद है कि इन-हाउस फ्रेम बनाने से उसका मुनाफा और कमाई बढ़ेगी.
हालांकि, सिटी ने अधिक सतर्क रुख अपनाया है. इसने अपनी रेटिंग को न्यूट्रल रखते हुए लक्ष्य मूल्य को 600 रुपये से बढ़ाकर 650 रुपये कर दिया है. इसका लक्ष्य मूल्य 627 रुपये से लगभग 3.7% की वृद्धि दर्शाता है.
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क्या आपको लेंसकार्ट के शेयर खरीदने चाहिए?जैसा कि इस रिपोर्ट में शामिल पांच ब्रोकरेज फर्मों ने इस स्टॉक को लेकर सकारात्मक रुख अपनाया है और इसे बाय, ओवरवेट, एक्यूमुलेट या आउटपरफॉर्म रेटिंग दी है. उनके लक्ष्य मूल्य 666 रुपये से 715 रुपये के बीच हैं.
रिपोर्ट में शामिल एकमात्र ब्रोकरेज फर्म सिटी है जिसे न्यूट्रल रेटिंग दी गई है और इसका टारगेट 650 रुपये रखा है.
कुल मिलाकर, ये लक्ष्य बताते हैं कि ब्रोकरेज फर्मों को पहली तिमाही की तेजी के बाद भी कुछ और बढ़ोतरी की उम्मीद है, लेकिन संभावित रिटर्न एक समान नहीं हैं. रिपोर्ट में सबसे सकारात्मक लक्ष्य 715 रुपये है, जबकि सबसे कम 650 रुपये है.
निवेशकों के लिए सवाल यह है कि क्या लेंसकार्ट अपने विस्तार के दौरान इस रफ्तार को बनाए रख पाएगा. पहली वजह अंतरराष्ट्रीय बिजनेस बढ़ना है. अंतरराष्ट्रीय कारोबार ने पहली तिमाही में शानदार प्रदर्शन किया और मार्जिन में भी सुधार दर्ज किया. इस रफ्तार को बनाए रखना शेयर की कमाई बढ़ने के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है.
दूसरा कारण है प्रीमियम उत्पादों की ओर रुझान. ब्रोकरेज कंपनियां ग्राहकों के महंगी कीमत वाले लेंस और फ्रेम की ओर बढ़ने को कंपनी की संभावित ग्रोथ के रूप में देखती हैं.
तीसरा पहलू स्टोर विस्तार है. मैक्वेरी का मानना है कि भारत में लेंसकार्ट के 10,000 से अधिक स्टोर होने की संभावना है, इसलिए विस्तार की रफ्तार और आर्थिक पहलुओं पर नजर रखना महत्वपूर्ण होगा.
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चौथा पहलू कंपनी का मार्जिन है. उत्पाद मार्जिन 70% से अधिक हो गया है, जबकि इबिटा मार्जिन बढ़कर 21.7% हो गया है. निवेशक यह देखना चाहेंगे कि क्या ये सुधार जारी रह सकते हैं. वहीं, कंपनी के शेयरों की वैल्यूएशन एक महत्वपूर्ण कारक बना हुआ है.
हालांकि ज्यादातर ब्रोकरेज फर्म सकारात्मक रुख बनाए हुए हैं, लेकिन सिटी की 'न्यूट्रल' रेटिंग इस बात की याद दिलाती है कि मजबूत कारोबार का मतलब यह नहीं है कि शेयर सस्ता है. कंपनी के शेयरों का मूल्यांकन करने वाले निवेशकों के लिए, आगे चलकर जिन प्रमुख चीजों पर नज़र रखनी होगी, वे हैं राजस्व वृद्धि, अंतर्राष्ट्रीय प्रदर्शन, मार्जिन, प्रीमियम उत्पादों की बढ़ती मांग और कंपनी के स्टोर का विस्तार.
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