केंद्रीय मंत्रिमंडल ने गुरुवार 6 अगस्त को गोबर्धन योजना (GOBARdhan Scheme) को मंजूरी दे दी है. इकोनॉमिक टाइम्स में छपी एक खबर के मुताबिक सरकार इस योजना पर 23,731 करोड़ रुपये खर्च करेगी. इस योजना को चलाने का जिम्मा पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय का रहेगा.
केंद्र सरकार ने गोबर्धन बायोगैस योजना शुरू की, खास बातें जान लीजिए
सरकार ने कहा कि इस योजना से घरेलू कंप्रेस्ड बॉयो गैस उत्पादन लगभग दस गुना बढ़ने और बड़े पैमाने पर निजी निवेश आने की उम्मीद है.

इस स्कीम को कैबिनेट की तरफ से नेशनल सर्कुलर बॉयो एनर्जी स्कीम के रूप में मंजूरी दी गई है. आसान भाषा में कहें तो सरकार गोबर, फसलों के अवशेष (पराली वगैरा), रसोई के कचरे और अन्य बायो-वेस्ट को फेंकने के बजाय उनसे बायोगैस, CBG (कंप्रेस्ड बॉयो गैस), बिजली और जैविक खाद बनाने को बढ़ावा देगी.
सरकार ने कहा कि इस योजना से घरेलू कंप्रेस्ड बॉयो गैस उत्पादन लगभग दस गुना बढ़ने और बड़े पैमाने पर निजी निवेश आने की उम्मीद है.
पत्रकारों को जानकारी देते हुए केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा है कि सरकार ये योजना इसलिए ला रही है क्योंकि भारत विदेशों से प्राकृतिक गैस पर बहुत ज्यादा निर्भर है. भारत अपनी प्राकृतिक गैस खपत का 50% आयात करता है. लेकिन ईरान और इजरायल-अमेरिका के बीच युद्ध से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जहाजों की आवाजाही बाधित है. इसके चलते देश के एलएनजी आयात का 55-60% प्रभावित हुआ है.
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गुवाहाटी-तेजपुर हाइवे बनेगाकैबिनेट ने असम में एनएच-15 में 135.871 किमी लंबे, चार लेन वाले गुवाहाटी-तेजपुर कॉरिडोर के विकास को मंजूरी दी है. इसमें मंगलदोई बाईपास (15.11 किमी) शामिल नहीं है. यह परियोजना 8,970.20 करोड़ रुपये की लागत से पूरी की जाएगी.
इस कॉरिडोर में तेजपुर बाईपास पर 4.9 किलोमीटर लंबी इमरजेंसी लैंडिंग सुविधा का निर्माण भी शामिल है. इसे भारतीय वायु सेना के साथ मिलकर अंतिम रूप दिया गया है. इससे ब्रह्मपुत्र नदी के दक्षिणी किनारे पर स्थित मौजूदा एनएच-27 (पूर्व-पश्चिम कॉरिडोर) पर ट्रैफिक जाम कम करने में मदद मिलेगी.
इस परियोजना में 58.7 किलोमीटर लंबे पांच प्रमुख बाईपास भी शामिल हैं. सरकार ने कहा कि इस प्रोजेक्ट के पूरा होने से औसत यात्रा रफ्तार दोगुनी और यात्रा समय आधा हो जाएगा.
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