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बहन के स्कूटर से तोड़ता था ट्रैफिक रूल, जुर्माना ₹10 लाख तक पहुंचा, 'शतक' से चूक गया

गुरुग्राम के हेवी ड्राइवर के स्कूटर पर 10 लाख रुपये के 96 चालान पेंडिंग (Gurugram scooter impounded 10 lakh fine 96 challans) थे. ये सभी चालान 2025 और 2026 के दौरान लगातार हुए. यानी ड्राइवर ने न तो चालान भरे और न ही अपनी गलती सुधारी. वैसे गणित के हिसाब से देखें तो 19 महीने में 96 चालान. महीने के 5 यानी हर हफ्ते का एक पकड़ लो.

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स्कूटर पर 10 लाख के 96 चालान

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  • गुरुग्राम के राजीव चौक पर एक स्कूटर ड्राइवर प्रशांत को 96 पेंडिंग चालानों के साथ पकड़ा गया, जिनका कुल बकाया 10 लाख रुपये था और स्कूटर उसकी बहन के नाम रजिस्टर्ड था।
  • प्रशांत ने 2025 और 2026 के दौरान बिना हेलमेट चलाने, बिना इंश्योरेंस, बिना PUC और रॉन्ग साइड ड्राइविंग जैसे नियमों का लगातार उल्लंघन किया, जिसके कारण इतने चालान जमा हो गए।
  • स्कूटर को जब्त कर लिया गया है और यह मामला ट्रैफिक नियमों के पालन एवं जुर्माना वसूली की दिशा में पुलिस की कार्रवाई को दर्शाता है, जबकि अन्य राज्यों में भी इसी तरह के मामले सामने आए हैं।

भारत में स्कूटर की कीमत आमतौर से 1 लाख के अल्ले-पल्ले घूमती है. कोई प्रीमियम वाला हुआ तो 2 लाख पकड़ लो. माने 10 लाख में तो 10 नए स्कूटर आ जाएंगे. हम कोई स्टोरी का मीटर नहीं बिठा रहे, बल्कि हम तो उस व्यक्ति के मन की बात बता रहे जिसके स्कूटर पर 10 लाख के चालान निकले हैं. शायद यही सोचकर भाई ट्रैफिक नियमों को धता बताए हुए था. गुरुग्राम के इस हेवी ड्राइवर के स्कूटर पर 96 चालान पेंडिंग थे (Gurugram scooter Rs 10 lakh 96 challans). भाई पकड़ा भी तब गया जब वह रॉन्ग साइड स्कूटी चला रहा था और हेलमेट भी नहीं पहन रखा था.

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हेवी ड्राइवर प्रो मैक्स

गुरुग्राम के राजीव चौक पर जोनल अधिकारी एएसआई विजय सिंह टीम के साथ वाहन चेकिंग जांच अभियान चला रहे थे. इसी दौरान राजीव चौक से मेदांता अस्पताल की तरफ रॉन्ग साइड से आ रही एक स्कूटी को रोका गया. एक तो उल्टी साइड और हेलमेट भी नहीं. ड्राइवर साहब गाड़ी के कागज-पत्री भी नहीं दिखा पाए. ट्रैक रिकॉर्ड देखकर लगता है जनाब को नियम-कायदे तोड़ने का शौक है.

जब सिस्टम में नंबर डाला गया तो पता चला कि स्कूटर पर मोटर व्हीकल एक्ट 1988 की विभिन्न धाराओं के तहत कुल 96 चालान पेंडिंग हैं. अगर पुलिस नहीं धरती तो भाई जल्द शतक मार लेता. 96 में से एक चालान मशीन से, माने ट्रैफिक पुलिस द्वारा और 95 चालान ट्रैफिक कैमरों द्वारा किए गए थे. इस पर कुल बकाया जुर्माना राशि 10 लाख रुपये थी.

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पुलिस के मुताबिक अधिकांश चालान बिना हेलमेट वाहन चलाने, बिना इंश्योरेंस, बिना PUC और रॉन्ग साइड ड्राइविंग के पाए गए. ये सभी चालान 2025 और 2026 के दौरान लगातार हुए. यानी ड्राइवर ने न तो चालान भरे और न ही अपनी गलती सुधारी. वैसे गणित के हिसाब से देखें तो 19 महीने में 96 चालान. महीने के 5. यानी हर हफ्ते का एक पकड़ लो. बंदे का नाम प्रशांत है और स्कूटर उसकी बहन के नाम रजिस्टर्ड है. प्रशांत मेदांता अस्पताल के पास एक मेडिकल दुकान में काम करता है. स्कूटर को इंपाउंड (जब्त) कर लिया गया है.

कुछ महीने पहले बेंगलुरु से भी ऐसा मामला सामने आया था. यहां के एक हेवी ड्राइवर पर 100 से अधिक (Bengaluru Rider Pays 27,500 for 100 Violations) चालान थे. हालांकि उसने कर्नाटक सरकार की पेंडिंग चालान पर 50 फीसदी छूट का फायदा उठाकर एक झटके में 27500 रुपये भर दिए थे. 

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