ड्राइविंग लाइसेंस से जुड़ी हुई एक बहुत बड़ी तकलीफ दूर हो सकती है. अभी हमें DL की मियाद पूरी होने पर उसको रिन्यू करने के लिए RTO ऑफिस जाना पड़ता है. फिलहाल ड्राइविंग लाइसेंस की वैलिडिटी DL जारी होने के 20 साल या आवेदक की 40 साल उम्र पूरी होने तक रहती है. लेकिन जल्द ही 40 साल की उम्र को बढ़ाकर 50 साल तक किया जा सकता है. अगर ऐसा हुआ तो RTO के चक्कर से मुक्ति मिल जाएगी. ऑनलाइन गाड़ी ट्रांसफर और परमिट रिन्यूअल के लिए भी आसान प्रोसेस बनाने पर विचार हो रहा है.
ड्राइविंग लाइसेंस 50 साल की उम्र तक रिन्यू नहीं कराना पड़ेगा? सरकार बड़ा सिरदर्द दूर कर सकती है
वर्तमान में Driving Licence को अधिकतम 40 साल तक की उम्र के लिए जारी किया जाता है. 40 साल की उम्र होने पर इसे रिन्यू कराना पड़ता है. लेकिन जल्द ही इसे 50 साल की उम्र तक के लिए बढ़ाया जा सकता है. हालांकि ये नई व्यवस्था अभी ड्राफ्ट लेवल पर है.


हेडिंग पर नहीं बल्कि स्टोरी पर फोकस कीजिए. अगर ड्राइविंग लाइसेंस जारी होने के 20 साल तक वैलिड है, या 40 साल की उम्र पूरी होने तक वैलिड है, तो फिर उसे रिन्यू कराना पड़ता है. जैसे मेरे ड्राइविंग लाइसेंस की वैधता 18 वर्ष है. वैलिडिटी समाप्त होने के बाद इसे रिन्यू कराना पड़ता है. कहने को ये रिन्यूअल होता है, मगर सब काम नया लाइसेंस बनवाने जैसा ही होता है. फॉर्म भरने से लेकर टेस्ट तक देना पड़ता है.
अब टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक सड़क परिवहन मंत्रालय डीएल वैलिडिटी को आवेदक की 50 साल की उम्र तक बढ़ा सकता है. माने जो ड्राइविंग लाइसेंस आवेदक की 40 साल की उम्र पूरी होने पर खत्म हो जाता था, वो 50 साल की उम्र पर जाकर खत्म होगा. यह नियम पाइपलाइन में है. सरकार अगर चाहेगी तो आने वाले टाइम में इसे लागू कर सकती है.
हालांकि, इससे राज्य सरकारों की कमाई कम होने की आशंका है. इसीलिए रिन्यूअल फीस को बरकरार रखा जा सकता है. यानी 20 साल पूरे होते ही आपको ऑनलाइन रिन्यूअल फीस भरनी पड़ सकती है. एक बात और, ये सारी बातें अभी ड्राफ्ट लेवल पर हैं. मंत्रालय इसमें बदलाव भी कर सकता है तो असल बढ़ोतरी तो नियम आने के बाद ही पता चलेगी.
मामले से जुड़े अधिकारियों ने अखबार से बातचीत में कहा है कि राज्य सरकारों की कमाई पर कोई असर नहीं पड़ेगा. DL बनवाने और उसे रिन्यू कराने के लिए फीस किसी RTO में जाए बिना ऑनलाइन जमा की जा सकती है. अभी 40 से ऊपर के लोगों को रिन्यूअल के लिए रजिस्टर्ड डॉक्टर से मेडिकल सर्टिफिकेट देना होता है. मंत्रालय इस प्रोसेस को भी आसान करने जा रहा है.
गाड़ी ट्रांसफर को भी पूरी तरह ऑनलाइन बनाया जा सकता है. कुछ सुविधाएं ऑनलाइन उपलब्ध भी हैं, मगर अब भी कई सारे कागज-पत्री साइन करके RTO ऑफिस में जमा करने होते हैं.
नियम तोड़ने वालों के लिए एक खबर अलग से. नियमों के उल्लंघन पर नेगेटिव पॉइंट देने और लाइसेंस के सस्पेंशन या कैंसिलेशन के लिए डीएल को ऑनलाइन सिस्टम से जोड़ने का विचार भी चल रहा है.
मौजूदा नियम के अनुसार, 1 जनवरी, 2026 से यदि किसी व्यक्ति को एक वर्ष के भीतर पांच या अधिक चालान जारी किए जाते हैं, तो उसका ड्राइविंग लाइसेंस अपने आप ही रद्द हो जाएगा. केंद्रीय मोटर वाहन नियम, 2026 में संशोधन करके वाहन चालान प्रणाली को और ज्यादा सख्त बना दिया गया है.
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