सस्ता रोए बार-बार, महंगा रोए एक बार वाली कहावत को इंटरनेट की दुनिया में गलतबताना हो तो किसका नाम लेंगे. सबसे पहले Gmail का. सस्ते के लिए तो फिर भी कुछ खर्चकरना पड़ेगा लेकिन जीमेल या गूगल के लिए वो भी नहीं. एकदम फ्री और मक्खन की तरह चलनेवाली. शानदार सर्विस है लेकिन कई बार ऐसा होता है कि अचानक से जीमेल पर Email(gmail inbox full)आना बंद हो जाते हैं. कारण साफ नजर नहीं आता. कितने ही लोगों कोइसकी वजह से बॉस की डांट मिलती है और कुछ को क्लाइंट से भला-बुरा सुनना पड़ता है.आपके साथ भी ऐसा कभी ना कभी तो कुछ हुआ होगा. आपको लगेगा कोई वायरस घुस गया या फिरकहीं हैकिंग तो नहीं हो गई. अब आपको ऐसी समस्या से बचना है और ज़रूरी ईमेल को मिसनहीं करना है तो कुछ आसान तरीके हम आपको बताते हैं. हमारे एक दोस्त पिछले कुछ दिनों से परेशान चल रहे थे. दरअसल उनका अपॉयंटमेंट लेटरआने वाला था लेकिन उनको अपने ईमेल पर मिला नहीं. हद तो तब हो गई जब उन्हें कंपनी कीतरफ से बताया गया कि उनकी तरफ से तो मेल किए दो दिन हो गए. भागे-भागे आए हमारे पास.हमने कहा ठंडा पानी पीजिए और सबसे पहले स्पैम मेल फ़ोल्डर पर नजर डालिए. आगे क्या.भई जॉइनिंग हो गई और दोस्त बिना पार्टी दिए निकल लिए. दरअसल जीमेल पर मेल नहीं आनेकी सबसे कॉमन वजह यही है.सबसे पहले स्पैम मेल चेक करिएकई बार अच्छी तकनीक के कुछ घाटे भी होते हैं. ऐसा ही एक फीचर है जीमेल का स्पैमफ़िल्टर. इतना एडवांस्ड है कि इसके चक्कर में काम के मेल भी आ जाते हैं. दरअसल Spamमेल कई सारे शब्दों या वाक्यों को पहचान कर उनको फ़िल्टर करता है. जैसे लोन बाटनेवाले, वायरस और एंटी वायरस वाले. अब बदकिस्मती से आपके मेल में ऐसा कोई शब्द हुआ तोजीमेल उसको पटक देगा स्पैम में. इसके अलावा अगर आपने किसी मेल को या भेजने वाले कोस्पैम मेल की लिस्ट में डाल दिया है तो फिर उसके लिए तो रास्ता ही बंद समझिए. इसलिएजब भी आपको लगे की इनबॉक्स में मेल नहीं आ रहे तो सबसे पहले स्पैम मेल चेक करिए.अगर आपका मेल उधर है तो उसको इनबॉक्स में ले आइए. जीमेल समझ जाएगा कि ये अपना मानुषछे. मतलब भरोसे का मेल है.ट्रैश फ़ोल्डर में हाथ डालिएआम जिंदगी में ऐसा सभी के साथ होता है. जब कोई काम की चीज ढूंढते-ढूंढते थक जाओ तोमां कहती है एक बार डस्ट बिन में देख लो. अब भले आए गुस्सा या घिन्न. देखना तो पड़ताहै. मां तो गलत होती नहीं और आपकी चीज डस्ट बिन में मिल जाती है. ऐसा ही कई बारआपके ईमेल के साथ होता है. गेहूं के साथ घुन पिसने वाली कहावत हो जाती है. कहने कामतलब फालतू के मेल के चक्कर मे काम के मेल भी डिलीट होकर trash फ़ोल्डर में चले जातेहैं. अगली बार जब कोई मेल नहीं मिले तो इसका भी रुख कर लीजिए. घर के कचरे से इतरजीमेल पूरे 30 दिन आपका कचरा संभाल कर रखता है.ईमेल का ठप्पा चेक करिए ठप्पा कहां है. बॉलीवुड की मशहूर फिल्म में अगर हीरो ने जीमेल से ये सवाल पूछाहोता तो जवाब मिल जाता. जीमेल के शानदार फीचर्स में से एक है ईमेल तो ठप्पा लगाना.ठप्पा मतलब लेबल लगाना. तमाम तरह की लेबलिंग की जा सकती है जीमेल पर. लेबल किसी केनाम का, कंपनी का, पर्सनल से लेकर व्यापार तक. अब ऐसे में अगर आपने मेल को सीधेlabels में जाने का बोला है (ऑटो सेटिंग इनेबल की) है तो फिर ईमेल सीधे उस लेबलवाले फ़ोल्डर में जाएगा. इसलिए जब कभी कोई काम का ईमेल इनबॉक्स में नजर ना आए तो इनलेबल में झांक लें. हमारी सलाह होगी कि मेल को इन लेबल में ऑटोमेटिक जाने की जगहमैनुअली भेजने का ऑप्शन रखें.स्टोरेज गले तक भर गया है अब मुफ़्त का चंदन घिसने की एक सीमा है. गूगल पर आपको 15 जीबी स्टोरेज फ्री मिलतीहै. लेकिन सेल्फ़ी से लेकर रील्स और सोशल मीडिया के चक्कर में कब भर जाता है, वो पताही नहीं चलता. समय-समय पर नजर मारते रहिए कि कहीं गूगल स्टोरेज खत्म तो नहीं हो गई.अगर भर गया तो खाली करिए वरना नए मेल नहीं आने वाले. अब ये कैसे करना है. इसके बारेमें हमने पहले भी विस्तार से बताया है. ईमेल फॉरवर्ड तो नहीं हो रहेये भी काम का फीचर है. भले आप छुट्टियां मना रहे हों या दूसरा कोई मेल इस्तेमाल कररहे हों. Email forward करना बहुत काम आता है. बस ख्याल रखिए कि इसके इस्तेमाल केबाद इसको बंद कर दिया जाए. अगर ऐसा नहीं हुआ है तो मेल इनबॉक्स में आने से रहे.जीमेल ऐप का ख्यालGmail के मोबाइल ऐप के बिना आजकल काम चलता नहीं. इसलिए ये जरूरी है कि उसको ढंग सेकंफिगर किया जाए. अगर आपने डेस्कटॉप पर पासवर्ड बदला है तो ऐप पर भी बदलिए. वरनाईमेल सिंक होने से रहे. अपनी प्रोफाइल पिक्चर पर जाकर मैनेज अकाउंट में ये ऑप्शनमिलेगा.ऊपर बताए तरीके अगर आपने आजमा लिए तो ईमेल सीधे आपके इनबॉक्स में गिरेगा. अगरनोटिफिकेशन ऑन हुआ तो जोर से आवाज आएगी सो अलग.