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झमाझम

जब अपना स्कूल बचाने के लिए बच्चों को पूरे गांव से लड़ना पड़ा

जब अपना स्कूल बचाने के लिए बच्चों को पूरे गांव से लड़ना पड़ा

हमारी मराठी सिनेमा की सीरीज ‘चला चित्रपट बघूया’ में आज की फिल्म है ‘उबुन्टु’. उबुन्टु जिसे हिंदी वाले उबंतू भी प्रोनाउंस करते हैं. उबुन्टु. क्या मतलब हुआ इस शब्द का? ये एक अफ्रीकन शब्द है और कहते हैं कि ये नेल्सन मंडेला का दुनिया को दिया हुआ गिफ्ट है. ये महज़ एक शब्द नहीं, फलसफा … और पढ़ें जब अपना स्कूल बचाने के लिए बच्चों को पूरे गांव से लड़ना पड़ा

झमाझम

दीपक डोबरियाल की एक शब्दशः स्पीचलेस कर देने वाली फिल्म: 'बाबा'

दीपक डोबरियाल की एक शब्दशः स्पीचलेस कर देने वाली फिल्म: 'बाबा'

मराठी सिनेमा को समर्पित इस सीरीज़ ‘चला चित्रपट बघूया’ (चलो फ़िल्में देखें) में हम आपका परिचय कुछ बेहतरीन मराठी फिल्मों से कराएंगे. वर्ल्ड सिनेमा के प्रशंसकों को अंग्रेज़ी से थोड़ा ध्यान हटाकर इस सीरीज में आने वाली मराठी फ़िल्में खोज-खोजकर देखनी चाहिए. ..  मराठी सिनेमा ने पिछले डेढ़-दो दशक में कुछेक बेहतरीन फ़िल्में दी हैं. इसकी सबसे … और पढ़ें दीपक डोबरियाल की एक शब्दशः स्पीचलेस कर देने वाली फिल्म: ‘बाबा’

झमाझम

एक तवायफ, एक सैनिक, एक मज़दूर, एक पोस्टमैन और तीन ख़त

एक तवायफ, एक सैनिक, एक मज़दूर, एक पोस्टमैन और तीन ख़त

मराठी सिनेमा को समर्पित इस सीरीज़ ‘चला चित्रपट बघूया’ (चलो फ़िल्में देखें) में हम आपका परिचय कुछ बेहतरीन मराठी फिल्मों से कराएंगे. वर्ल्ड सिनेमा के प्रशंसकों को अंग्रेज़ी से थोड़ा ध्यान हटाकर इस सीरीज में आने वाली मराठी फ़िल्में खोज-खोजकर देखनी चाहिए. ..  आज की फिल्म है ‘पोस्टकार्ड’. उस वक्त की कहानी जब सूचनाएं और भावनाएं दूरभाष … और पढ़ें एक तवायफ, एक सैनिक, एक मज़दूर, एक पोस्टमैन और तीन ख़त

झमाझम

क्या हुआ जब दो चोर, एक भले आदमी की सायकल लेकर फरार हो गए

क्या हुआ जब दो चोर, एक भले आदमी की सायकल लेकर फरार हो गए

मराठी सिनेमा को समर्पित इस सीरीज़ ‘चला चित्रपट बघूया’ (चलो फ़िल्में देखें) में हम आपका परिचय कुछ बेहतरीन मराठी फिल्मों से कराएंगे. वर्ल्ड सिनेमा के प्रशंसकों को अंग्रेज़ी से थोड़ा ध्यान हटाकर इस सीरीज में आने वाली मराठी फ़िल्में खोज-खोजकर देखनी चाहिए. ..  आज की फिल्म है ‘सायकल’. हर एक की ज़िंदगी में कुछ न कुछ बेहद … और पढ़ें क्या हुआ जब दो चोर, एक भले आदमी की सायकल लेकर फरार हो गए

झमाझम

बॉलीवुड की आइकॉनिक मां रीमा लागू को इन 8 बातों में याद करें

बॉलीवुड की आइकॉनिक मां रीमा लागू को इन 8 बातों में याद करें

#1. उनके बच्चों के रोल में जाने गए हीरो पिछले बीस-पच्चीस साल में हमने जो भी सुपरस्टार एक्टर देखे हैं उनके करियर में रीमा लागू का बड़ा योगदान रहा. उनकी फिल्म में इमोशनल कनेक्ट तभी बनता था जब मां के रोल में रीमा होती थीं. कहने को वो छोटे रोल होते लेकिन दर्शक के मन … और पढ़ें बॉलीवुड की आइकॉनिक मां रीमा लागू को इन 8 बातों में याद करें

झमाझम

फिल्म रिव्यू: 15 ऑगस्ट

फिल्म रिव्यू: 15 ऑगस्ट

ये बात हम अपने प्लेटफॉर्म पर कई बार डिस्कस कर चुके हैं कि कंटेंट ड्रिवन फ़िल्में देने में मराठी सिनेमा काफी आगे हैं. बात में अपडेट ये कि मराठी सिनेमा अपनी यही खासियत लेकर अब वेब स्ट्रीमिंग की दुनिया में पहुंच गया है. फ़रवरी में ‘फायरब्रांड’ नाम की पहली नेटफ्लिक्स ओरिजिनल फिल्म आई थी. मार्च … और पढ़ें फिल्म रिव्यू: 15 ऑगस्ट

वीडियो

श्वास: क्या गुज़रती है, जब पता चले आपके किसी अज़ीज़ की आंखें हमेशा के लिए जाने वाली हैं!

श्वास. मराठी भाषा की नायाब फिल्म.2004 में फिल्म की रिलीज़ हुई. ‘श्वास’ ही वो फिल्म है जिसने मराठी सिनेमा के लिए कंटेंट बेस्ड सिनेमा के दरवाज़े खोले. ‘श्वास’ ही वो फिल्म है जिसने मराठी को 51 साल बाद नैशनल अवॉर्ड दिलाया. और ‘श्वास’ ही वो फिल्म है जिसने ऑस्कर के लिए जाने वाली पहली मराठी फिल्म होने का सम्मान हासिल किया.

श्वास: क्या गुज़रती है, जब पता चले आपके किसी अज़ीज़ की आंखें हमेशा के लिए जाने वाली हैं!

श्वास. मराठी भाषा की नायाब फिल्म.2004 में फिल्म की रिलीज़ हुई. ‘श्वास’ ही वो फिल्म है जिसने मराठी सिनेमा के लिए कंटेंट बेस्ड सिनेमा के दरवाज़े खोले. ‘श्वास’ ही वो फिल्म है जिसने मराठी को 51 साल बाद नैशनल अवॉर्ड दिलाया. और ‘श्वास’ ही वो फिल्म है जिसने ऑस्कर के लिए जाने वाली पहली मराठी फिल्म होने का सम्मान हासिल किया.
झमाझम

उस कटार की कहानी, जिससे किया हुआ एक ख़ून माफ था

उस कटार की कहानी, जिससे किया हुआ एक ख़ून माफ था

मराठी सिनेमा को समर्पित इस सीरीज़ ‘चला चित्रपट बघूया’ (चलो फ़िल्में देखें) में हम आपका परिचय कुछ बेहतरीन मराठी फिल्मों से कराएंगे. वर्ल्ड सिनेमा के प्रशंसकों को अंग्रेज़ी से थोड़ा ध्यान हटाकर इस सीरीज में आने वाली मराठी फ़िल्में खोज-खोजकर देखनी चाहिए. ..  मराठी में जो जलवा आज फिल्मों का है, वो कभी नाटकों का हुआ करता … और पढ़ें उस कटार की कहानी, जिससे किया हुआ एक ख़ून माफ था

वीडियो

फिल्म रिव्यू: 'नाळ'

आज फॉर अ चेंज एक नई फिल्म ‘नाळ’ की बात करेंगे. नागराज मंजुळे मराठी सिनेमा का बड़ा नाम बन चुके हैं. उनके हर प्रोजेक्ट पर दर्शकों की नज़र रहती है. भले भी फिर वो किसी फिल्म के डायरेक्टर न हो, प्रोड्यूसर के तौर पर उनका जुड़ना भी फिल्म के लिए पर्याप्त अटेंशन बटोर लेता है. ‘नाळ’ में आपकी शुरूआती दिलचस्पी महज़ इसीलिए होती है कि इसे नागराज ने प्रड्यूस किया है. क्या खास है इस फिल्म में, आइए बताते हैं इस वीडियो में.

फिल्म रिव्यू: 'नाळ'

आज फॉर अ चेंज एक नई फिल्म ‘नाळ’ की बात करेंगे. नागराज मंजुळे मराठी सिनेमा का बड़ा नाम बन चुके हैं. उनके हर प्रोजेक्ट पर दर्शकों की नज़र रहती है. भले भी फिर वो किसी फिल्म के डायरेक्टर न हो, प्रोड्यूसर के तौर पर उनका जुड़ना भी फिल्म के लिए पर्याप्त अटेंशन बटोर लेता है. ‘नाळ’ में आपकी शुरूआती दिलचस्पी महज़ इसीलिए होती है कि इसे नागराज ने प्रड्यूस किया है. क्या खास है इस फिल्म में, आइए बताते हैं इस वीडियो में.
झमाझम

श्वास, नैशनल अवॉर्ड विजेता वो फिल्म जिसने मराठी सिनेमा को ऑस्कर एंट्री तक पहुंचाया

श्वास, नैशनल अवॉर्ड विजेता वो फिल्म जिसने मराठी सिनेमा को ऑस्कर एंट्री तक पहुंचाया

मराठी सिनेमा को समर्पित इस सीरीज़ ‘चला चित्रपट बघूया’ (चलो फ़िल्में देखें) में हम आपका परिचय कुछ बेहतरीन मराठी फिल्मों से कराएंगे. वर्ल्ड सिनेमा के प्रशंसकों को अंग्रेज़ी से थोड़ा ध्यान हटाकर इस सीरीज में आने वाली मराठी फ़िल्में खोज-खोजकर देखनी चाहिए. ..  आज की फिल्म है ‘श्वास’. मराठी सिनेमा पूरे हिंदुस्तान से अपने नायाब कंटेंट के … और पढ़ें श्वास, नैशनल अवॉर्ड विजेता वो फिल्म जिसने मराठी सिनेमा को ऑस्कर एंट्री तक पहुंचाया