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रोहतक के इस गांव में 10 दिन में 40 मौतें, सबमें कोरोना जैसे लक्षण थे

शहरों के बाद अब कोरोना (corona) गांवों में दहशत फैला रहा है. गांवों में चुनौती शहरों से कई गुना ज्यादा है. वहां न आइसोलेशन सेंटर हैं और ना ही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर पर्याप्त संसाधन. आजतक ने हरियाणा में रोहतक के एक गांव से जो जमीनी हकीकत बताई, वह डराने वाली है. यहां से खबरें आ रही थीं कि पिछले 10 दिनों में 40 लोगों की मौत हो चुकी है.

पहले बुखार, फिर चली गई जान

दिल्ली से 70 किलोमीटर दूर रोहतक जिला मुख्यालय है. यहां से 10 किलोमीटर दूर है गांव टिटौली. गांववालों में लगातार हो रही मौतों की दहशत समाई हुई है. टिटौली में 10 दिन के भीतर करीब 40 लोगों की मौत हो चुकी है. इन मौतों का कारण अभी स्पष्ट नहीं है. लेकिन सबमें एक बात कॉमन है. बुखार के बाद तबियत बिगड़ी और जान चली गई. गांववालों में चर्चा है कि ये मौतें कोरोना से ही हुई हैं. मरने वालों में बुजुर्ग, अधेड़, महिलाएं और युवा सभी शामिल हैं. जिनकी मौत हुई, उनमें 6 से 7 लोगों की उम्र 40 साल से भी कम थी.

टेस्टिंग में मिले कई कोरोना पॉजिटिव

इसके बाद प्रशासन में हड़कंप मचा है. कोरोना इंफेक्शन के टेस्ट भी शुरू कर दिए गए हैं. प्रशासन यह पता लगाने में जुटा है कि गांव में कितने लोग कोरोना पॉजिटिव हैं. स्वास्थ्य विभाग यहां ट्रेसिंग और टेस्टिंग का अभियान चला रहा है.

टिटौली के ग्राम प्रधान सुरेश कुमार ने आजतक को बताया कि

पिछले कुछ दिनों में 300 से 400 लोगों के कोरोना टेस्ट रोहतक प्रशासन की तरफ से कराए गए हैं. इनमें से करीब 70-72 लोग कोरोना पॉजिटिव आए हैं. इससे पहले बहुत से लोगों को हल्का बुखार और जुखाम हुआ. उसके बाद सांस लेने में तकलीफ हुई. ऐसे लक्षणों के बाद कई लोगों की मौत हो गई . इससे अंदाजा यही लगाया जा रहा है कि ज्यादातर लोगों की मौत कोरोना से हुई है.

अब भी टेस्ट नहीं करा रहे हैं लोग

आजतक की रिपोर्ट के मुताबिक, टेस्टिंग और ट्रेसिंग में सबसे बड़ी दिक्कत लोगों का टेस्ट के लिए सामने न आना भी बन रहा है. लक्षण वाले ज्यादातर लोग टेस्ट कराने आगे नहीं आ रहे हैं. सरकारी अधिकारी एक तरफ टेस्टिंग कर रहे हैं, तो दूसरी तरफ लोगों को कोरोना के बारे में समझाने में जुटे हैं. प्रशासनिक अमला लोगों को समझा रहा है कि ज्यादा से ज्यादा लोग अपने टेस्ट करवाएं, ताकि पता चल सके कि वह कोरोना संक्रमित तो नहीं हैं. लोगों से कहा जा रहा है कि टेस्ट करवाएंगे तभी अपने परिवारों को बचा पाएंगे.

रोहतक के जिला आयुक्त कैप्टन मनोज कुमार ने आजतक को बताया कि

रोहतक के आसपास के कुछ गांव कोरोना संक्रमण की चपेट में हैं. टिटौली गांव में लगातार छानबीन की जा रही है कि आखिर मौतें कैसे हुईं. स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन का अमला वहां काम में जुटा हुआ है. गांव को कंटेनमेंट एरिया घोषित कर दिया गया है.

कैप्टन मनोज कुमार ने यह भी बताया कि टिटौली गांव में कोरोना का संक्रमण पहले से ज्यादा खतरनाक है. आने वाले दिनों में संक्रमण न फैले, इसके लिए गांव में ट्रेसिंग और टेस्टिंग जारी है.

बता दें कि हरियाणा में कोरोना संक्रमण के कारण 6 मई को 177 मरीजों की मौत हुई. 14,840 नए मामले दर्ज किए गए. सबसे ज्यादा 23 मौतें रोहतक जिले में ही हुई हैं.


वीडियो – कोरोना में रोज़ सैकड़ों मौतें देखने वाले डॉक्टरों ने क्या बताया?

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