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'3 इडियट्स' के 'फुंसुक वांगड़ू' ने क्या अपील कर डाली कि लोग चीन के ऐप मोबाइल से हटाने लगे

आमिर खान की फिल्म ‘3 इडियट्स’. साल 2009 में आई थी. पूरी फिल्म में आमिर का नाम ‘रणछोड़ दास’ बताया जाता है, आखिरी में पता चलता है कि उनका असली नाम ‘फुंसुक वांगड़ू’ है. उनका किरदार (फुंसुक) कॉलेज की पढ़ाई खत्म करने के बाद लद्दाख चला जाता है. एक स्कूल खोलता है, जहां बच्चों को बहुत ही क्रिएटिव तरीके से सब सिखाया जाता है. आमिर का ये किरदार काल्पनिक नहीं था. असल में लद्दाख में ही रहने वाले ‘सोनम वांगचुक’ से प्रेरित था.

सोनम इंजीनियर हैं, इनोवेटर हैं और एजुकेशन की फील्ड में बदलाव लाने के लिए कई सारे काम कर चुके हैं. स्टूडेंट्स एजुकेशनल एंड कल्चरल मूवमेंट ऑफ लद्दाख (SECMOL) नाम का NGO चलाते हैं. ये एक स्कूल का काम भी करता है, लेकिन फोकस प्रैक्टिकल नॉलेज पर होता है.

साल 2018 में सोनम को एशिया का नोबेल कहा जाने वाला अवॉर्ड- रेमन मैग्सेसे मिला था. तब वो काफी चर्चा में आए थे. अब एक बार फिर सोनम के बारे में लोग बातें कर रहे हैं. इस बार तो उनकी अपील पर लोग चीन के मोबाइल ऐप्लीकेशन तक डिलीट करने लगे हैं. ट्विटर पर #BoycottChineseProducts, #BoycottMadeInChina, #SoftwareInAWeekHardwareInAYear ट्रेंड करने लगा है.

Sonam Wangchuk 1
ट्विटर पर ये ट्रेंड चल रहा है.

लेकिन सवाल हैं कि सोनम ने क्या अपील की? क्यों की? कितना असर हुआ? सबका जवाब एक-एक करके जानते हैं.

मामला LAC से जुड़ा हुआ है

दरअसल, पिछले करीब तीन-चार हफ्तों से लद्दाख में लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (LAC) पर तनाव बना हुआ है. और ये लगातार बढ़ता जा रहा है. चीन LAC के पास अपनी सेना की मौजूदगी बढ़ा रहा है. दोनों (भारत और चीन) सेनाओं के बीच इस बार पांच बार से ज्यादा सुलह के लिए बैठक हो चुकी हैं, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला है.

पिछले साल भारत के BRO (बॉर्डर रोड ऑर्गनाइजेशन) ने लद्दाख में 260 किलोमीटर लंबी एक रोड बनाई, जो एक पॉइंट पर LAC के करीब आती है. इसी को लेकर चीन विरोध जता रहा है. दूसरा पेंगोंग झील के पास झगड़ा चल रहा है. भारत के पास झील का जो हिस्सा है, चीन उसे भी अपने हक में करना चाहता है, इसलिए कई बार चीनी सेना भारत के हक वाले इलाके में पेट्रोलिंग कर देती है. फिर जब भारत की सेना पेट्रोलिंग के लिए जाती है, तो उसे आगे नहीं बढ़ने दिया जाता. चीन ये सब इसलिए करता है, क्योंकि वो LAC को नहीं मानता. भारत के लिए LAC ही दोनों देशों के बीच की लाइन है.

अब ये रोड और पेंगोंग को लेकर ही तनाव बना हुआ है. इसी तनाव पर सोनम ने 28 मई को एक वीडियो बनाया, जिसमें उन्होंने लोगों से अपील की कि चीन को सैनिक तो जवाब देंगे ही, लेकिन अब नागरिकों को भी जवाब देना होगा. उन्होंने कहा,

‘चीन को डर है कि उनकी 140 करोड़ की आबादी, जो एक बंधुआ मज़दूर की तरह बिना अधिकारों के चीन की तानाशाह सरकार के लिए काम कर रही है, उनके विरोध में न आ जाए. कोरोना के कारण चीन में फैक्ट्रियां, एक्सपोर्ट बंद हैं. बेरोजगारी 20 फीसद तक बढ़ गई है, लोग नाराज़ हैं, क्रांति हो सकती है, तख्तापलट हो सकता है. इसलिए चीन पड़ोसियों से दुश्मनी करके अपनी जनता को जोड़ने में लगा हुआ है.’

सोनम ने कहा कि यही वजह है चीन तनाव पैदा कर रहा है. इस बार उसे रोकने के लिए भारत की बुलेट पावर के साथ-साथ वॉलेट पावर का इस्तेमाल करना होगा.

सोनम के आठ मिनट के वीडियो का सार-

– नागरिक चीन के सामान खरीदते हैं. उनके पैसों से चीन हथियार और बंदूक बनाता है, जिससे हमारे ही सैनिकों को मार दिया जाता है. इसलिए चीन के सामान को न खरीदें.

– बॉयकॉट मेड इन चाइना अभियान शुरू किया जाए. हो सकता है पूरी दुनिया हमारे साथ आ जाए.

-हार्डवेयर के साथ-साथ चीनी सॉफ्टवेयर, ऐप्स, गेम्स जैसे- टिकटॉक, शेयर इट का बहिष्कार हो. इससे भी चीन को पैसा मिलता है.

– जब चीनी सामानों और ऐप्लीकेशन्स का बहिष्कार होगा, तो प्रधानमंत्री के ‘आत्मनिर्भर’ अभियान को बल मिलेगा. भारत में नई चीज़ें बनेंगी, लोगों को नौकरी मिलेगी.

– एक हफ्ते में चीनी ऐप और सॉफ्टवेयर अनइंस्टॉल करें. एक साल में चीनी हार्डवेयर का खात्मा करें.

अपील का क्या असर?

सोनम के इस वीडियो के बाद ट्विटर पर चीनी सामानों के बहिष्कार और ऐप्लीकेशन को अनइंस्टॉल करने के लिए कैंपेन शुरू हो गया. एक्टर और मॉडल मिलिंद सोमन ने भी टिकटॉक अनइंस्टॉल कर दिया. ट्वीट कर कहा,

‘अब मैं टिकटॉक पर नहीं हूं. #BoycottChineseProducts’

मिलिंद के ट्वीट पर सोनम ने भी जवाब दिया. लिखा,

‘उम्मीद करता हूं कि बाकी सेलिब्रिटीज़ भी अपना रोल निभाएंगे.
‘जो भरा नहीं है भावों से, बहती जिसमें रसधार नहीं,
वो हृदय नहीं है, पत्थर है, जिसमें स्वदेश का प्यार नहीं.’
बाकी आप समझदार हैं. मेड इन चाइना का बहिष्कार करने के लिए थैंक्यू मिलिंद सोमन.’

बहुत से लोग इन ट्रेंड्स का सपोर्ट कर रहे हैं. लगातार ट्वीट कर रहे हैं-

चीन के ऐप्लीकेशन्स डिलीट करने के लिए नया ऐप लॉन्च

चीन के खिलाफ चल रहे इन ट्रेंड्स के बीच जयपुर बेस्ड टेक स्टार्टअप ने एक ऐप्लीकेशन भी लॉन्च कर दिया- ‘रिमूव चाइना ऐप्स’. ये ऐप्लीकेशन 17 मई, 2020 को रिलीज़ हुआ था. 29 मई को इसे एक बार अपडेट किया गया था. अब तक 10 लाख से ज्यादा लोगों ने इसे डाउनलोड कर लिया है. ये ऐप्लीकेशन आपके मोबाइल में मौजूदगी चीनी ऐप की पहचान करता है. और एक टच में उन्हें फोन से हटा देता है.

बॉर्डर पर सेना वाला विवाद कब खत्म होगा, ये तो पता नहीं. लेकिन सोनम वांगचुक अपने स्तर पर लगातार कोशिश कर रहे हैं कि भारत के लोग चीनी सामान का इस्तेमाल करना बंद कर दें. उन्होंने जब लोगों से इसकी अपील की, तब लोगों ने कई सारे सवाल भी किए. इनके जवाब भी सोनम ने एक वीडियो के ज़रिए दिया. आगे देखिए-


वीडियो देखें: लद्दाख में इंडिया- चाइना फेसऑफ लंबा खिंचा, दोनों तरफ से आर्मी जुटना शुरू, आगे क्या होगा?

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