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शीतकालीन सत्र से पहले बोले पीएम मोदी- 'सभी सांसदों को एक ही दर्द...'

पीएम ने क्यों कहा, 'सांसदों के इस दर्द को सभी पार्टी समझें.'

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7 दिसंबर 2022 (अपडेटेड: 7 दिसंबर 2022, 04:43 PM IST)
PM Modi Parliament
संसद सत्र शुरू होने से पहले पीएम मोदी (फोटो- वीडियो स्क्रीनशॉट और इंडिया टुडे)
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संसद का शीतकालीन सत्र (Parliament Winter Session) आज से शुरू हो रहा है. उससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने मीडिया को संबोधित किया. कहा कि उन्हें उम्मीद है कि सभी राजनीतिक दल अपने विचारों से सदन की चर्चा को महत्वपूर्ण बनाएंगे. पीएम मोदी ने कहा कि वे सभी दलों के नेताओं से अपील करते हैं कि नए सांसदों को चर्चा में ज्यादा से ज्यादा मौका दें, इससे लोकतंत्र की भावी पीढ़ी तैयार होगी. संसद का ये सत्र 29 दिसंबर तक चलेगा. इस दौरान 23 दिनों में 17 बैठकें होनी हैं.

'सदन में हंगामे से नुकसान'

प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले दिनों करीब सभी दलों के किसी ना किसी सांसद से उनकी मुलाकात हुई. उन्होंने आगे कहा, 

"एक बात सभी सांसद जरूर कहते हैं कि सदन में हंगामे से हम सांसदों का नुकसान होता है. युवा सांसदों का कहना है कि सत्र नहीं चलने और चर्चा नहीं होने के कारण हम जो यहां सीखना चाहते हैं, उससे वंचित रह जाते हैं. इसलिए सदन का चलना बहुत जरूरी है. विपक्ष के जो सांसद हैं उनका भी ये कहना है कि डिबेट में हंगामे के कारण उन्हें बोलने का मौका नहीं मिलता है."

पीएम मोदी के मुताबिक, उन्हें उम्मीद है कि सांसदों के इस दर्द को सभी पार्टी समझेंगी. उन्होंने कहा,

"सांसदों के अनुभव का लाभ देश को मिलना चाहिए. इसके लिए सभी दलों और सभी सांसदों से अपील करता हूं कि सत्र को अधिक से अधिक प्रोडक्टिव बनाने की कोशिश करें."

'G-20 की अध्यक्षता बड़ा मौका'

पीएम ने कहा कि एक ऐसे समय हम मिल रहे हैं जब हमारे हिंदुस्तान को जी-20 की मेजबानी का अवसर मिला है. उन्होंने कहा,

"विश्व समुदाय में जिस तरह भारत का स्थान बना है, जिस प्रकार से भारत की अपेक्षाएं बढ़ी हैं और जिस तरह भारत वैश्विक मंच पर अपनी भागीदारी बढ़ाता जा रहा है, ऐसे समय में जी-20 की मेजबानी भारत को मिलना एक बहुत बड़ा अवसर है. ये जी-20 समिट सिर्फ डिप्लोमैटिक इवेंट नहीं है बल्कि ये भारत के सामर्थ्य को दुनिया के सामने प्रदर्शित करने का मौका है."

प्रधानमंत्री ने जी-20 अध्यक्षता को लेकर सर्वदलीय बैठक को लेकर कहा कि सभी दलों के नेताओं के साथ अच्छी बातचीत हुई, उम्मीद है कि इसकी झलक सदन में भी देखने को मिलेगी. उन्होंने वर्तमान वैश्विक परिस्थियों में भारत को आगे बढ़ाने के अवसर को ध्यान में रखकर कई महत्वपूर्ण फैसले लेने की कोशिश होगी.

इससे पहले 6 दिसंबर को सरकार ने संसद सत्र को लेकर सर्वदलीय बैठक बुलाई थी. विपक्षी पार्टियों ने महंगाई, बेरोजगारी, भारत-चीन सीमा विवाद जैसे मुद्दों पर चर्चा की मांग की. इस बैठक में 30 से ज्यादा राजनीतिक दलों ने हिस्सा लिया. शीतकालीन सत्र में 16 विधेयकों को पेश किए जाने की उम्मीद है.

वीडियो: मोदी सरकार खुले बाजार में गेहूं क्यों नहीं बेच रही है?

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