अनुराग कश्यप का 'पैंतरा' : इससे ताकतवर गाना आपने कभी भी नहीं सुना होगा
इसे सुनकर किसी को मुक्का न मारने लग जाइयेगा!
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फोटो - thelallantop
"अपने टैलेंट का प्रमाण पत्र लेकर सोसायटी में झंडा गाड़ने निकले हो? दांत चियार के टें बोल जाओगे. पहले सही व्यक्तित्व के समक्ष दांत निपोरना सीखो. ज्यादा इम्पोर्टेंट है तुम किसको जानते हो, किसको पहचानते हो, कौन तुमको जानता है, कौन तुमको मानता है. किसका बीवी बच्चा तुम्हारा फैन है, और बड़े घर की कन्या पटाने वाला फंडा तो हैय्ये है. इसको कहते हैं पैंतरा."
ये कहना है एक उस्ताद का. जो अपने शागिर्द से पूछता है कि वो मुक्काबाज बनना चाहता है या मुक्केबाज. लड़का बहुत कुछ से लड़ रहा है.
ये फ़िल्म एक बॉक्सर के बारे में है लेकिन इसे कतई स्पोर्ट्स फ़िल्म न समझा जाए. ये आज के लड़कों (पढ़ें लौंडों) की एक बड़ी जमात की समस्या को दिखाती हुई फ़िल्म है. ये उस जमात को दिखाती है जो या तो अपनी जाति के दम पर छाती फुलाए घूमते हैं और दूसरों को दबाते हैं. ये यूपी के खतरनाक हो चले कास्ट इक्वेशन को सभी के सामने लाकर रख देती है.
फ़िल्म का गाना रिलीज़ हुआ है. इरोस एंटरटेनमेंट की साइट पर और यूट्यूब पर आया है. गाना बनाया है न्यूक्लेया ने. आदमी एक ही है लेकिन वन-मैन आर्मी है. गजब इलेक्ट्रो म्यूज़िक बनाता है. इसके गानों की ख़ास बात ये है कि ईडीएम (इलेक्ट्रॉनिक डांस म्यूज़िक) के साथ ये इंडियन इंस्ट्रूमेंट को लेकर आता है. ये आदमी अपने आप में खान है. सोने की खान वाला खान, सलमान खान वाला नहीं. असली नाम है उद्यान सागर. गाना लिखा है विनीत सिंह ने. ये वही आदमी है जो इस फ़िल्म का हीरो है. जो खुद ससुरा मुक्काबाज है. गाने के रैप को गया है बम्बइया डिवाइन ने. डिवाइन का फ़िल्म में एक छोटा सा रोल भी है.
अनुराग कश्यप विनीत की तारीफ़ करते नहीं थक रहे हैं. कह रहे हैं कि विनीत ने खुद को एक प्रोफेशनल बॉक्सर ही बना लिया था. मतलब, उसने कोई कसर ही नहीं छोड़ी. और जब इस गाने को देख रहे होते हैं तो मालूम पड़ता है कि कश्यपवा एकदम्मै सही कह रहा था. विनीत की मेहनत स्क्रीन पर साफ़ दिख रही है.
वापस गाने की बात करें तो एकदम झामफाड़ गाना है. आपको इतनी ऊर्जा से भर देगा कि शायद शरीर में किसी कोने में छोटा सा विस्फ़ोट हो जाए. अनुराग कश्यप की ये हमेशा ख़ास बात रही है. वो अपनी फिल्मों में जिस तरह से म्यूज़िक डालते हैं, जिस तरह के गाने लाते हैं, वो एकदम अनोखा है. आपको हिला के रख देता है. आप या तो सहमे हुए एक कोने में दुबक जाते हैं या सब कुछ भूलकर बीच चौराहे कपड़े फाड़ते हुए नाचना चाहते हैं. ये वही आदमी है जो आताताइयों सा आता है और ऐलान करता है , 'जिसमें घुसना है घुस ले, घुस मेरी जान, तेरी कह के लूंगा.' और फिर किसी की शान में कहने लगता है, "जिया तू हज़ार साला!"
ये गाना भले ही डिवाइन ने 'गाया' और न्यूक्लेया ने 'बजाया' है, फ़िल्म की म्यूज़िक डायरेक्टर रचित अरोड़ा हैं.
फिलहाल, कश्यप का पैंतरा जानिये.